धर्म

महाशिवरात्रि, जानें शिव पूजा की थाली में रखें कौन कौन सी पूजा सामग्री

Mahashivratri 2021: हिंदू पंचांग अनुसार महाशिवरात्रि का दिन बेहद ही खास होता है. इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा...

आमाझिरिया में निकलेगी शिव की बारात,भूत, प्रेत पिशाच होंगे बाराती

सिवनी, 09 मार्च। प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी महाशिवरात्रि पर्व 11 मार्च, फाल्गुनी कृष्ण पक्ष तेरहवें दिवस में सिवनी-मण्डला मार्ग पर...

जो आत्म-स्वरूप में स्थित है, वही स्थितप्रज्ञ है-स्वामी तद्रूपानंद

शंकर व्याख्यानमाला भोपाल, 01 मार्च। आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास, संस्कृति विभाग द्वारा 29वीं शंकर व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया।...

पहली शिक्षा माँ के द्वारा देने के बाद दूसरी शिक्षा पिता और तीसरी शिक्षा गुरू देता है, सनातन धर्म में माता का स्थान प्रथम है-द्विपीठाधीश्वर

सिवनी, 28 फरवरी। दो पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज आज अपनी जन्मस्थली गुरू रत्नेश्वर धाम से गमन...

यदि अंत:करण शुद्ध हो जाये तो देह त्यागने के बाद आत्मा ब्रम्ह में समा जाती है, आत्मा ही ब्रम्ह है-शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती

सिवनी, 26 फरवरी। गुरू रत्नेश्वर धाम दिघोरी में चल रही श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह का विश्राम आज गीता उपदेश...

रूद्र के छटवें अवतार भैरव

सिवनी, 25 फरवरी। नगर से मण्डला रोड पर लगभग 7 कि.मी. दूर ग्राम आमाझिरी के समीप सुरभ्म पहाड़ी ढलानों पर...

संसार में हमें अधिक से अधिक पुण्य का संचय कर अपनी अधिक से अधिक ऊर्जा जनहित में लगानी चाहिए- स्वामी प्रज्ञानानंद महाराज

कर्म फलदाता है, कर्म करने से ही ईश्वर की प्राप्ति होती है और उनसे साक्षात्कार होता है- शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती

सिवनी, 25 फरवरी। गुरू रत्नेश्वर धाम दिघोरी में चल रही भागवत कथा का विश्राम 27 फरवरी को गीता उपदेश के...

संत महात्माओं के पीछे-पीछे चलना चाहिये क्योंकि उनके पैरों से जो रज उड़कर मस्तक में पड़ जाती है उससे पुण्यों का उदय हो जाता है-शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती

दिव्य पुरूष जन्म नहीं लेते, बल्कि अवतरित होते है- शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती

सिवनी, 23 फरवरी । गंगा जैसी पवित्र पुण्य सलिला वैन्या जिसे हम वैनगंगा कहते हैं, उसके तट के समीप गुरू...

You may have missed