भारत-सऊदी अरब: टास्क फोर्स की बैठक में किया गया सरकारी-निजी व रिफाइनिंग में निवेश पर मंथन

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नई दिल्ली। भारत और सऊदी अरब ने व्‍यापार के क्षेत्र में तेजी से कदम बढ़ाना शुरू कर दिया है। दोनों देशों ने निवेश के विभिन्न अवसरों के मद्देनजर उच्च स्तरीय टास्क फोर्स की पहली बैठक की। रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल संयंत्रों, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा तथा बिजली सहित सार्वजनिक और निजी क्षेत्र समेत विभिन्न क्षेत्रों में रविवार को द्विपक्षीय निवेश के विभिन्न अवसरों पर मंथन किया गया।

इस बैठक में लाभकारी तरीके से दोतरफा निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उपायों की समीक्षा की गई। इस बैठक की सह-अध्यक्षता प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्रा और सऊदी ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुलअजीज बिन सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद ने वर्चुअल मोड में की। प्रधानमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार दोनों पक्षों ने टास्क फोर्स की तकनीकी टीमों के बीच हुई बातचीत की समीक्षा हुई। इस बैठक में रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल संयंत्रों, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा, बिजली, दूरसंचार, नवाचार सहित सार्वजनिक और निजी क्षेत्र में विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय निवेश के विभिन्न अवसरों पर रचनात्मक चर्चा हुई।

दरअसल, उच्च स्तरीय टास्क फोर्स एक विशेष निकाय है जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और क्राउन प्रिंस तथा प्रधानमंत्री हिज रॉयल हाइनेस प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद द्वारा सितंबर 2023 में भारत की राजकीय यात्रा के दौरान लिए गए निर्णय के बाद द्विपक्षीय निवेश को सुविधाजनक बनाने के लिए बनाया गया है। इसमें दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं, जिनमें नीति आयोग के सीईओ, भारत के आर्थिक मामलों, वाणिज्य, विदेश मंत्रालय, डीपीआईआईटी, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, बिजली के सचिव शामिल हैं।

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