भोपाल: आयोग ने जारी किया उप सचिव पीडब्ल्यूडी एनए खान गिरफ्तारी वारंट
भोपाल, 6 मई (हि.स.)। मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग द्वारा राज्य शासन के लोक निर्माण विभाग के उप सचिव एनए खान को 14 जून 2022 को आयोग कार्यालय में व्यक्तिशः आकर अपना स्पष्टीकरण व प्रतिवेदन देने के लिये कहा गया है। आयोग द्वारा खान को कारण बताओ नोटिस एवं पांच हजार रुपये का नामजद जमानती गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया गया है। नोटिस एवं वारंट की तामीली अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (शहर) भोपाल के माध्यम से कराई जायेगी। आयोग के प्रकरण क्र. 7242/भोपाल/2020 में कई स्मरण पत्र एवं नामजद स्मरण पत्र देने के बावजूद भी अब तक प्रतिवेदन न देने के कारण एनए खान को 14 जून 2022 को आयोग में उपस्थित होने के लिए कहा गया है।
आयोग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार भोपाल निवासी योगेश बाथम ने आयोग को आवेदन दिया था कि राजधानी भोपाल की अति-विशिष्ट सड़क (व्ही.व्ही.आई.पी. रोड) का उपयोग प्रदेश के राज्यपाल के अतिरिक्त कई अन्य विशिष्टजन भी आवागमन हेतु करते हैं। इस सड़क की बदहाली का खामियाजा आम राहगीर भी विगत कई दिनों से भुगत रहे हैं एवं कई बार दुर्घटना का शिकार होकर हताहत हो जाते हैं। बाथम की शिकायत मिलने पर आयोग ने उप सचिव, लोक निर्माण विभाग एनए खान से प्रतिवेदन मांगने संबधी कई स्मरण पत्र भेजे, परन्तु प्रतिवेदन नहीं मिला। तत्पश्चात् उप सचिव खान को नामजद नोटिस जारी कर उन्हें क्रमशः चार अप्रैल 2021, सात अक्टूबर 2021, 20 दिसम्बर 2021 एवं 16 फरवरी 2022 को आयोग के समक्ष उपस्थित होकर प्रतिवेदन देने के लिये कहा गया था। ये सभी नामजद नोटिस उन्हें मिल भी गये, परन्तु उनके द्वारा न तो प्रतिवेदन दिया गया और न ही वे आयोग के समक्ष उपस्थित हुये।
इस पर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग द्वारा अब व्यवहार प्रक्रिया संहिता की धारा 32ग के अन्तर्गत उप सचिव, लोक निर्माण विभाग एनए खान को पूर्व में आयोग के समक्ष उपस्थित न होने के कारण पांच हजार रूपये का जुर्माना लगाने सम्बन्धी नामजद कारण बताओ नोटिस देकर उन्हें 14 जून 2022 को आयोग के समक्ष व्यक्तिगत रूप से आकर जवाब देने को कहा गया है। खान की 14 जून 2022 को आयोग के समक्ष व्यक्तिशः उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए उनके विरूद्ध पांच हजार रूपये का नामजद जमानती गिरफ्तारी वारण्ट भी आयोग द्वारा जारी किया गया है। इस कारण बताओ नोटिस एवं नामजद जमानती गिरफ्तारी वारंट की तामीली अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (शहर) भोपाल करायेंगे।
इनपुट- हिन्दुस्थान समाचार/ केशव दुबे
