कोन है आपका इष्टदेव या इष्टदेवी, कुल देवता या कुल देवी

#यू तो हमें , हमारे कुटुम्भ के बड़े बुजुर्गों से हमारे कुल देवता या कुल देवी की जानकारी मिलती है । पर आजकल छोटे और एकल परिवारों के चलते, लोगो को ऐसी जानकारी नही भी होतो ।

#ऐसे में हम अपनी कुंडली से कैसे पता लगाएं की हमारा इष्ट कोन है ? इस संबंधी भी अलग अलग जानकारों के अलग अलग विचार है ।

#कुंडली का नवम भाव इष्ट का होता है।

#भावात भावम नियम अनुसार नवम से नवम पंचम भाव होता है।

#पंचम भाव में कौनसी राशि है , उसके स्वामी अनुसार आपका इष्ट देव/देवता (कुलदेवी /कुलदेवता) स्वीकार कर सकते हैं।

#वैसे यदि आपके खुद के मन मंदिर में जिस देवी देवता के प्रति ज्यादा आकर्षण आपको लगता है उन्हें भी आप इष्ट देव के रूप में ले सकते है।

कुंडली के पंचम भाव के आधार पे अपना इष्टदेव ऐसे जाने :

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#यदि पांचवे घर मे मेष या वृश्चिक राशि है तो राशि स्वामी मंगल है। ऐसे में वीर हनुमान जी को अपना इष्ट देव माने। इसके इलावा श्री राम भगवान को भी मॉन सकते हैं । जिस के प्रति आपके भाव है , उसी प्रकार अपना इष्ट बनाये ।

#यदि पंचम में वृषभ व तुला राशि है तो राशि स्वामी शुक्र हुए, तो अपनी इष्ट देवी मा दुर्गा , या वैष्णोदेवी को मानिये।

#पंचम में मिथुन व कन्या राशि है तो स्वामी बुध। गणेश भगवान जी को इष्ट देव मानिये , या फिर विष्णु भगवान जी को ।

#पंचम भाव मे कर्क राशि है तो इसका स्वामी चन्द्र ।

तो आप भगवान शंकर को इष्टदेव बनाएं।

#पंचम भाव मे सिंह राशि है तो राशिपति सूर्य , मां गायत्री देवी को अपनी इष्टदेवी माने या सूर्य देव को इष्टदेव मानिये।

# पंचम में धनु या मीन राशि हो तो इन का राशि स्वामी गुरु है ।विष्णु भगवान एवम लक्ष्मी जी को इष्टदेव / इष्टदेवी बनाये ।

#पंचम भाव मे मकर या कुम्भ राशि हो तो राशि स्वामी शनि है ।भगवान शंकर, या हनुमान जी को अपना इष्टदेव बनाएं ।

श्री अवनीश सोनी
ज्योतिष एवम वास्तु शास्त्री
जिला सिवनी (म.प्र.) मो. 7869955008
member at International Astrology Federation IAF
Astrologer/Dirictor at Yogmaya ASTRO Research Centre

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