उत्तराखंड में बिजली की योजनाओं में 17,000 करोड़ा का होगा निवेश, प्रोजेक्ट का प्रस्ताव

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उत्तराखंड में दो दिवसीय उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 का समापन हो गया है. ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 के दौरान बताया गया कि उत्तराखंड में चल रही बिजली परियोजना की 1719 मेगा वाट के पांच प्रोजेक्ट में 17,000 करोड़ का निवेश किया जाएगा.

इससे रोजगार के लगभग 900 अवसर सृजित होने के संभावना जताई जा रही है.

उत्तराखंड देश को ऊर्जा के क्षेत्र में मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहा है. यहीं वजह है कि उत्तराखंड में लगातार बिजली परियोजनाओं को लेकर केंद्र सरकार भी अपनी सहमति जाता रही है. यहां लगातार नई-नई योजनाएं आ रही हैं. उत्तराखंड में चल रही बिजली परियोजनाएं न सिर्फ उत्तराखंड बल्कि दूसरे राज्य की भी बिजली की तमाम जरूरत को पूरा कर रहा है. अब इसको लेकर (टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड) और (युजेवीएनएल) को 1719 मेगावाट की पांच परियोजनाएं तैयार करने की जिम्मेदारी सौंप गई है.

पांच जल विद्युत परियोजनाओं पर होगा काम
टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन इंडिया लिमिटेड और उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड के संयुक्त उपक्रम (टीएचडीसीआईएल) और (यूजेवीएनएल) एनर्जी कंपनी लिमिटेड की ओर से पांच जल विद्युत परियोजनाओं का विकास और निर्माण किया जाएगा. यह परियोजना 1719 मेगावाट की होगी. इस परियोजना में 17,000 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा.

900 युवाओं को मिलेगा रोजगार
इतना ही नहीं इससे रोजगार के लगभग 900 अवसर सृजित होंगे (मोरी हनोल जल विद्युत परियोजना 63 मेगावाट पिथौरागढ़) में (उर्थिग सोबला जल विद्युत परियोजना 280 मेगावाट) पिथौरागढ़ में बेगुदियार सिरकारी भ्योल जल विद्युत परियोजना 146 मेगावाट टिहरी गढ़वाल में पुनगढ़ मटियाला पांप स्टोरेज प्लांट 600 मेगावाट और पौड़ी गढ़वाल में जसपलगढ़ पांप स्टोरेज प्लांट 630 मेगावाट शामिल है.

कुल मिलाकर उत्तराखंड पावर सेक्टर इन्वेस्टमेंट एक अच्छा संकेत है. इससे उत्तराखंड में जहां बिजली का संचार होगा अन्य राज्य को बिजली सप्लाई की जाएगी तो वहीं उत्तराखंड राज्य के युवाओं को एक बेहतरीन रोजगार भी मिल सकेगा उसको लेकर राज्य सरकार काम करना शुरू कर चुकी है.

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