कांग्रेस उम्मीदवार उमंग सिंघार को हाई कोर्ट से राहत, एफआइआर कैंसिल कर

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जबलपुर। मतगणना से पहले कांग्रेस नेता उमंग सिंघार को हाई कोर्ट से राहत मिली है। चुनाव प्रचार अभियान के दौरान शराब के अवैध परिवहन को लेकर आबकारी एक्ट के तहत दर्ज एफआइआर को हाई कोर्ट ने निरस्त कर दिया है।

मध्यप्रदेश हाई कोर्ट के जस्टिस संजय द्विवेदी की एकलपीठ ने आदेश में कहा कि पुलिस मेमोरेंड में याचिकाकर्ता सिंघार का नाम नहीं था और गवाह ने भी उनका नाम नहीं लिया था। इससे उनपर मामला नहीं बनता। इससे पहले उमंग द्वारा दायर की गई याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश के जरिए याचिकाकर्ता सिंघार के खिलाफ कार्रवाई पर रोक लगा दी थी। अब एफआइआर को ही निरस्त कर दिया है।

यह है मामला

उमंग सिंघार धार जिले की गंधवानी सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार हैं। मतदान से पहले उनके प्रचार वाहन से 75 हजार रुपए मूल्य की 257 लीटर शराब जब्त की गई थी। यह कार्रवाई प्रशासन द्वारा गठित फ्लाइंग क्वायड की जांच में की गई थी। पुलिस ने वाहन में सवार रहे सीताराम केसरिया व सचिन मूलेवा के साथ उमंग के खिलाफ भी आबकारी एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया था। जबकि उमंग उस वाहन में सवार नहीं थे।

साजिश का आरोप

याचिकाकर्ता उमंग के अधिवक्ता ने इस पूरे मामले में साजिश का आरोप लगाया था। उनका दावा था कि छवि खराब करने के लिए यह किया गया था। वहीं, शासन की ओर से हाई कोर्ट की इंदौर पीठ में याचिका नहीं लगाए जाने व क्षेत्राधिकार का मामला उठाया। जिसके जवाब में बताया गया कि उमंग विधायक हैं और एमपी-एमएलए के लिए यह व्यवस्था लागू नहीं होती है।

 

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