पैटागोनिया के तटों पर दिखा मैगेलैनिक पेंगुइनों का अनोखा जीवन चक्र
पेटागोनिया के तटों पर जीवन का उत्सव: मैगेलैनिक पेंगुइनों की अनूठी दुनिया
केन्द्रीय चिडियाघर प्राधिकरण (सीजेडए), पर्यावरण ,वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के संजय कुमार शुक्ला (भा.व.से.) ने सोमवार को अर्जेंटीना के पेनिनसुला वाल्देस (प्यूर्टो मैड्रिन) से अक्टूबर 2025 में ली गई मैगेलैनिक पेंगुइनों की जानकारी साझा की।




श्री शुक्ला के अनुसार मैगेलैनिक पेंगुइन (Spheniscus magellanicus) दक्षिण अमेरिका के तटीय पैटागोनिया क्षेत्र—अर्जेंटीना, चिली और फॉकलैंड द्वीप समूह—में प्रजनन करते हैं। इनमें से कुछ पेंगुइन प्रवास के दौरान ब्राज़ील और उरुग्वे तक भी पहुँचते हैं। इनके निकटतम संबंधी अफ्रीकी, हम्बोल्ट और गैलापागोस पेंगुइन हैं।
इन पेंगुइनों की सबसे खास बात इनका आजीवन साथी चयन है। ये हर वर्ष उसी साथी के साथ प्रजनन करते हैं। नर पेंगुइन पिछले वर्ष के अपने बिल (burrow) को फिर से संभालकर मादा साथी की प्रतीक्षा करता है, जबकि मादाएँ केवल आवाज़ से ही अपने साथी को पहचान लेती हैं। इनकी आवाज़ गधे की रेंक जैसी होती है, जिसे “दो-स्वरीय रेंक” कहा जाता है।
पेनिनसुला वाल्देस के हवा-भरे तटों पर ये टक्सीडो जैसे दिखने वाले छोटे यात्री सामुदायिक जीवन और जिजीविषा का प्रतीक हैं। प्यूर्टो मैड्रिन की समुद्री तटरेखा उनके लिए एक मंच बन जाती है, जहाँ अटलांटिक महासागर की लहरों के बीच जीवन अपनी पूरी जीवंतता के साथ फलता-फूलता है।
हर चाल में संघर्ष की कहानी और हर पुकार में अपनापन समेटे ये पेंगुइन पैटागोनिया के जंगली, अडिग और अत्यंत सुंदर हृदय की धड़कन का अहसास कराते हैं।
