आमाझिरिया में निकलेगी शिव की बारात,भूत, प्रेत पिशाच होंगे बाराती

0
l_shiv-barat-57c186a460053_l_835x547


सिवनी, 09 मार्च। प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी महाशिवरात्रि पर्व 11 मार्च, फाल्गुनी कृष्ण पक्ष तेरहवें दिवस में सिवनी-मण्डला मार्ग पर स्थित ग्राम आमाझिरिया के शिव मंदिर से भूतनाथ बाबा शिव की बारात निकाली जावेगी। यह शिव बारात यहां से समूचे अलंकरणों के साथ निकलकर लगभग डेढ़ कि.मी दूर भैरवबाबा के समीप स्थित बस्ती तक पहुंचेगी, जहां वधु पक्ष माता पार्वती के पक्ष द्वारा बारात की अगवानी की जायेगी।


आमाझिरिया मण्डला रोड बायपास स्थित शिव मंदिर समिति के अध्यक्ष बंटी उईके ने मंगलवार की शाम को जानकारी दी कि महाशिवरात्रि के दिन दोपहर लगभग दो बजे यहां से शिव की बारात अपने पारंपरिक स्तर पर विशेष सज-धज के साथ रवाना होगी। महाकाल की बारात मेें पौराणिक तथ्यो के अनुसार शिव के अनुचर, भूत,पे्रत, पिशाच, राक्षस बंदर,भालू, झांकियों के माध्यम से शामिल होंगे। पांरपरिक ढोल नगाडो के साथ यह शिव की बारात वधु पक्ष पार्वती के निवास की ओर प्रस्थान करेगी। जहां वधु पक्ष की ओर से विजय कुम की अगुआई में ग्राम के मंदिर में शिव की बारात की अगवानी की जायेगी और समस्त बारातियों का स्वागत किया जावेगा।
आगे बताया गया कि पौराणिक आख्यानों में वर्णित इस शिव की बारात को सजीव और आलोकिक बनाने हेतु ग्राम आमझिरिया के युवा विशेष प्रयास कर रहे है। इन युवा समापरोहकर्ता में राजा भलावी, रोहित ठाकुर नंदू ठाकुर, रमेश भलावी रोहित उईके, धर्मेद्र अमित मंडावी, राकेश बरकडे, शंकर पूसाम, राहुल बाराती भलावी मटर आदि महत्वपूर्ण प्रयास कर रहे है। भोले की बारात के दर्शनाभिलासी आमाझिरिया दफाई के संदीप गोस्वामी संतोष सैय्याम दुर्गेश पन्दे्र, जगदीश यादव, रामभरोस, घूडों कुमरे के साथ वरिष्ठ जन सुखराम उईके, संतोष अड़माचे और अधनसिंह उईके पलक पांवडे बिछा इस ओलोकिक शिव बारात का स्वागत कर शिवरात्रि पर्व संपन्न करेंगें।
महाशिवरात्रि पर्व हिन्दू धर्मावलंबियों का एक अति महत्वपूर्ण त्यौहार माना जाता है। इसके साथ ही समूचा फाल्गुन का वातावरण रंग-भय हो जाता है। जिसकी परिणिति रंग पंचमी के रूप में होती है।
हिन्दुस्थान संवाद

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed