सिवनीः पेंच टाइगर रिजर्व के चिखलापानी मंदिर में घुसे छह माह के बाघ शावक, मादा बाघ की तलाश जारी
सिवनी, 02 फरवरी। मध्यप्रदेश के सिवनी जिले स्थित पेंच टाइगर रिजर्व अंतर्गत कुरई ब्लॉक के ग्राम चिखलापानी में 02 फरवरी 2026 की देर रात्रि उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब गांव के एक मंदिर परिसर में करीब छह माह के दो बाघ शावक घुस आए। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूचना प्राप्त होते ही पेंच टाइगर रिजर्व का अमला तत्काल मौके पर पहुंचा और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। मंदिर परिसर व आसपास के इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
दक्षिण सामान्य वनमंडल के एसडीओ योगेश पटेल ने सोमवार देर रात्रि जानकारी देते हुए बताया कि दक्षिण सामान्य वनमंडल एवं पेंच टाइगर रिजर्व की संयुक्त टीम शावकों के साथ मौजूद मादा बाघ की आसपास के जंगल क्षेत्र में तलाश कर रही है। आशंका है कि मादा बाघ पास ही कहीं मौजूद हो सकती है, ऐसे में किसी भी प्रकार की लापरवाही खतरनाक साबित हो सकती है।
वन अमले ने ग्रामीणों से सतर्कता बरतने की अपील की है। ग्रामीणों को मंदिर या जंगल की ओर न जाने, बच्चों एवं मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर रखने तथा बाघों से संबंधित किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत वन विभाग को देने के निर्देश दिए गए हैं।
पेंच टाइगर रिजर्व, सिवनी क्षेत्र के एसडीओ अनिल सोनी ने सोमवार देर रात्रि जानकारी देते हुए बताया कि वन विभाग द्वारा शावकों के साथ मौजूद मादा बाघ की तलाश आसपास के जंगल क्षेत्र में की जा रही है। उल्लेखनीय है कि 24 जनवरी 2026 को पेंच टाइगर रिजर्व की अरी बफर रेंज में एक मादा बाघ शावक कमजोर अवस्था में पाया गया था, जिसकी स्वास्थ्य में सुधार न होने के कारण 25 जनवरी 2026 की सुबह मृत्यु हो गई थी। बताया जा रहा है कि चिखलापानी में देखे गए ये दोनों शावक उसी मादा बाघ की संतान हैं।
फिलहाल क्षेत्र में लगातार निगरानी की जा रही है और शावकों को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर भेजने के प्रयास किए जा रहे हैं। वन विभाग स्थिति पर पूरी तरह नजर बनाए हुए है।
