एक जिला–एक उत्पाद योजना अंतर्गत सीताफल आधारित एक दिवसीय कार्यशाला का हुआ आयोजन
सिवनी, 16 जनवरी 2026/ जिले में एक जिला–एक उत्पाद योजना में सीताफल की उन्नत खेती तकनीक, विपणन एवं प्रसंस्करण पर आधारित एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन शुक्रवार 16 जनवरी को होटल साईं रेसीडेंसी में उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग तथा मध्यप्रदेश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीआईडीसी), जबलपुर के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यशाला में तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा महत्वपूर्ण जानकारी सीताफल उत्पादक कृषकों एवं उद्यमियों को प्रदान की गई।


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद श्रीमती भारती पारधी ने कहा कि प्रदेश एवं केंद्र सरकार किसानों एवं छोटे उद्यमियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही हैं। उन्होंने कृषकों एवं उद्यमियों से आग्रह किया कि वे संबंधित विभागों से सतत संपर्क कर योजनाओं की जानकारी प्राप्त करें और उनका अधिक से अधिक लाभ उठाएं।
सांसद श्रीमती पारधी ने कहा कि छोटे-छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र एवं प्रदेश सरकार निरंतर नई योजनाएं बनाकर कार्य कर रही है। कृषकों को चाहिए कि वे उन्नत तकनीकों को अपनाकर कृषि को उद्योग का स्वरूप दें। उन्होंने बताया कि एक जिला–एक उत्पाद योजना में चयनित सिवनी जिले के सीताफल को जी.आई. टैग दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे सीताफल से जुड़े किसानों एवं उद्यमियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। उन्होंने सीताफल से अधिक से अधिक मूल्य संवर्धित खाद्य उत्पाद विकसित करने हेतु ठोस कार्ययोजना बनाकर उसे प्रभावी रूप से लागू करने पर जोर दिया, ताकि इस व्यवसाय से जुड़े कृषकों की आय में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित हो सके। साथ ही उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को किसानों एवं उद्यमियों का नियमित मार्गदर्शन कर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती शीतला पटले ने कहा कि जंबो सीताफल सिवनी जिले की विशिष्ट पहचान है। अपने विशेष स्वाद एवं बड़े आकार के कारण इसकी मांग प्रदेश के साथ-साथ देश के विभिन्न भागों में तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन सीताफल उत्पादक किसानों की आय बढ़ाने के लिए उत्पादन, विपणन एवं प्रसंस्करण के प्रत्येक चरण में निरंतर प्रयास कर रहा है।
कलेक्टर श्रीमती पटले ने सीताफल के पल्प से रबड़ी, आइसक्रीम, शेक सहित अन्य मूल्य संवर्धित उत्पादों की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने एफपीओ, स्व-सहायता समूहों एवं उद्यमियों को सीताफल आधारित कोल्ड स्टोरेज एवं प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना हेतु प्रोत्साहित किया।
एमपीआईडीसी के कार्यकारी निदेशक श्री अनिल कुमार राठौर ने सीताफल की ब्रांडिंग एवं निर्यात को लेकर अपना मार्गदर्शन दिया साथ ही उद्यमियों की शंकाओं का समाधान किया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मालती डेहरिया, जनपद पंचायत छपारा अध्यक्ष श्री सदम सिंह वरकड़े, , मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अंजली शाह सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े उद्यमियों द्वारा अपने उत्पादों का प्रदर्शन भी किया गया, जिसका अवलोकन कर सांसद श्रीमती पारधी एवं अन्य अतिथियों से सभी को प्रोत्साहित किया। कार्यशाला के अंत में पीएमएफएमई सहित अन्य योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण भी किया गया।
