Wildlife Estimation: पेंच पार्क के कर्मचारियों ने जाने वन्यप्राणी आंकलन के तरीके

सिवनी, 21 जनवरी। जिले के पेंच टाईगर रिजर्व के कोर एवं बफर क्षेत्रों में शाकाहारी एवं मांसाहारी वन्यप्राणी आंकलन का कार्य आगामी 23, 24 व 25 जनवरी एवं 27,28,29 जनवरी को किया जायेगा। इस हेतु पेंच टाईगर रिजर्व के कर्मचारियों को वन्यप्राणी आंकलन में दक्ष बनाने के लिए उपवनमंडल स्तर पर अलग-अलग स्थानों पर तीन दिवसीय कार्यशालाओं का आयोजन किया गया जिसमें कर्मचारियों ने वन्यप्राणी आंकलन के तरीके जाने है। वहीं वन्यप्राणी आंकलन कार्य के दौरान आम जनता की भागीदारी बढ़ाने एवं पारदर्शिता स्थापित करने की दृष्टि से पेंच टाईगर रिजर्व वालेंटियरर्स भी नियुक्त किये है जो पेंच कर्मचारियो के साथ वन्यप्राणी आंकलन का कार्य करेगें।


पेंच प्रबंधन के अनुसार टाईगर रिजर्व एवं अभ्यारण में बाघों एवं अन्य वन्यप्राणियों की प्रतिवर्ष गणना की जाती है। इस हेतु फेस-4 की गणना का कार्य पेंच टाईगर रिजर्व अंतर्गत दिनांक 23 जनवरी से 29 तक किया जायेगा। कर्मचारियों को गणना के दौरान उपयोग किये जाने इकोलॉजिकल ऐप जिसे मोबाइल के माध्यम से चलाया जाता है के संबंध में दक्ष बनाने और आंकलन के दौरान मांसाहारी वन्यप्राणियों के साक्ष्य लेने एवं शाकाहारी वन्यप्राणियों की गणना के संबंध में निर्धारित प्रक्रिया के संबंध में जानकारी देने हेतु कार्यशालाओं का आयोजन 19 जनवरी से 21 जनवरी तक तीन अलग-अलग स्थानों पर उपवनमंडलवार किया गया।


आगे बताया गया कि प्रथत दिवस 19 जनवरी को खवासा में पेंच टाईगर रिजर्व के सिवनी क्षेत्र के उपवनमंडल अंतर्गत परिक्षेत्र कर्माझिरी, खवासा, घाटकोहका में, द्वितीय दिवस 20जनवरी को जमतरा में छिंदवाडा क्षेत्र के उपवनमंडल अंतर्गत परिक्षेत्र गुमतरा, कुंभपानी, खमारपानी में और तृतीय दिवस 21 जनवरी को सकाटा में पेंच मोगली अभ्यारण अंतर्गत परिक्षेत्र अरी बफर, रूखड बफर और कुरई सेंचुरी के कर्मचारियों के लिए कार्यशालाएं आयोजित की गई जिसमें पेंच टाईगर रिजर्व के फील्ड बायोलॉजिस्ट सी भास्कर भंडारी द्वारा क्षेत्रीय कर्मचारियों को आंकलन के दौरान साक्ष्य पहचानने के तरीके , फिर उन्हें मोबाइल में दर्ज करने के तरीके और अंत में गणना पूर्ण कर डाटा वरिष्ठ कार्यालय तक भेजने के संबंध में विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान पेंच टाईगर रिजर्व के अधिकारी उपस्थित रहे।


तीन चरणों में होता है गणना कार्य
गणना का कार्य तीन चरणों में होता है प्रथम चरण में फील्ड के कर्मचारी मौके पर पहुंचकर फील्ड से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष साक्ष्य एकत्रित करते है। द्वितीय चरण में प्रथम चरण से प्राप्त डाटा को अध्ययन के लिए डब्ल्यूआईआई भेजा जाता है। तृतीय चरण में जंगल में केमरा ट्रेप लगाकर छायाचित्र प्राप्त किये जाते है। फेस-4 गणना कार्य टाईगर रिजर्व में प्रतिवर्ष होता है।


प्रबंधन हेतु नीतिया बनाने में मिलेगा सहयोग
उल्लेखनीय है कि गणना के उपरांत जो आंकडें प्राप्त होगें इसका उपयोग पेंच टाईगर रिजर्व वन्यप्राणियो के प्रबंधन हेतु नीतिया बनाने में सहयोग मिलेगा। वर्ष 2022 में बांघ आंकलन की गणना हुई थी जिसके अभी तक आंकडे नही आये है। वहीं पेंच पार्क द्वारा फेस-4 2023 की गणना प्रांरभ कर दी है।
ज्ञात हो कि मध्यप्रदेश के विश्वविख्यात प्रियदर्शनी इंदिरा गांधी पेंच नेशनल पार्क में अखिल भारतीय बाघ आंकलन वर्ष 2022 फ्रेज-1 (फील्ड से डाटा एकत्रित करना) के तहत 05 जनवरी से 11 जनवरी 22 तक बाघ गणना के दौरान उत्तर सामान्य वनमंडल में पहली बार और दक्षिण सामान्य वनमंडल, नरसिंहपुर वनमंडल, बरघाट प्रोजेक्ट में पहले से अधिक व पेंच टाईगर रिजर्व के 9 परिक्षेत्रों की 109 बीटों में बाघ के साक्ष्य मिले थे।
हिन्दुस्थान संवाद

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