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म.प्र. : सगे भाईयों ने करेंट लगाकर किया बाघ का शिकार , 03 आरोपित पहुंचे जेल
करेंट लगाकर 50 मीटर तक घसीटकर गढढे में फेंका बाघ का शव , 03 आरोपित पहुंचे जेल
सिवनी, 28 फरवरी । जिले के दक्षिण सामान्य वनमंडल के अंतर्गत आने वाले परिक्षेत्र कुरई के बीट गोरखपुर कम्पाडमेंट पी-260 में शनिवार सुबह एक बाघ का शव मिला है। इस प्रकरण में वन विभाग ने रविवार को 03 आरोपितों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।


उपवनमंडलाधिकारी दक्षिण सामान्य वनमंडल कुरई एस.के. जौहरी ने हिन्दुस्थान संवाद को बताया कि शनिवार की सुबह 7.30 बजे फारेस्ट ने उन्हें सूचना दिया गया कि बीट गोरखपुर कम्पाटमेंट पी-260 में एक गढढे में बाघ का शव मिला है। सूचना पर डाॅगस्कावड सहित वन अमला घटना स्थल पर पहुंचा जहां बाघ का शव एक गढढे में पाया गया जो 03-04 पुराना था। जांच के दौरान विभागीय टीम को आसपास बाघ के घसीटने के निशान , छोटी झाडियों व घास में बाघ के बाल मिले। बताया कि बाघ को घसीटने के निशान 50 मीटर तक मिले और वहां पर सेंटिग के तार का एक टुकडा घास पर मिला और जली हुई घास, बाघ की चमडी के जले हुए टुकडे व करेंट के लिए लगाई गई खूटी के निशान भी मिले। जांच में प्रथम दृष्टवा यह पाया गया कि करेंट लगाकर बाघ का शिकार किया गया है और उसे घसीटकर गढढे में डाल दिया गया है।
एस.के.जौहरी ने बताया कि जांच दल ने डाॅग स्कावड को घटना स्थल से छोडा जिस पर डाॅग स्कावड ग्राम फतेहपुर के दो घरों में पहुंचा जहां एक घर में ताला लगा हुआ था और दूसरे घर में घर का मुखिया नही था। जिस पर वन अमले ने बंद मिले घरवाले के खेत में जाकर एक संदेही व एक अन्य को हिरासत में लिया था। जहां पूछताछ में संदेहियों द्वारा बाघ को करेंट लगाकर मारना स्वीकार किया गया जिस पर वन विभाग ने ग्राम फतेहपुर निवासी किशोर (35) पुत्र सुखदास कुमरे, रमेश (19) पुत्र सुखदास कुमरे और ईश्वर(29) पुत्र सुखदास कुमरे के विरूद्ध वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 2,9,50,51 के तहत मामला पंजीबद्ध कर रविवार को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।


एस.के.जौहरी ने बताया कि इस प्रकरण में अभी जांच चल रही है। प्रकरण में और भी लोगों के शामिल होने की संभावना है।

हिन्दुस्थान संवाद

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