सिवनी, 10 जुलाई। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जिला न्यायालय सिवनी, तहसील न्यायालय लखनादौन में आयोजित नेशनल लोक अदालत में 3418 लोग लाभांवित हुए जिनसे 4,65,69,286 राशि का संव्यवहार हुआ।


प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सिवनी पी.के. शर्मा के निर्देशन में सिवनी और लखनादौन में आयोजित की गई लोक अदालत में दीवानी एवं दांडिक न्यायालयों की खंडपीठें गठित की गई है। कुल 17 खंडपीठों में समझौता योग्य प्रकरण 2479 रखे गये, जिनमें 463 प्रकरण निराकृत किये गये। धारा 138 अर्थात चेक बाउन्स के 630 प्रकरण रखे गये, जिनमें 38 प्रकरणों में 59,83,007 रूपये की समझौता राशि का आदेश पारित हुआ। मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा के 652 प्रकरण रखे गये जिनमें से 53 प्रकरणों में 1,19,89,000 रूपये राशि का अवार्ड पारित किया गया। अन्य सिविल प्रकरण 274 रखे गये, जिनमें 24 प्रकरणों में 16,21,830 रूपये की समझौता राशि का आदेश पारित हुआ। विद्युत अधिनियम के 30 प्रकरण रखे गये, जिनमें 11 प्रकरणों में 2,56,618 रूपये समझौता राशि का आदेश पारित किया गया। पारिवारिक विवाद से संबंधित 222 प्रकरण रखे गये थे, जिनमें 26 प्रकरण निराकृत हुए।
इसी प्रकार पूर्व वाद प्रकरणों में बैंक वसूली के 3104 प्रकरण रखे गये, जिनमें 201 प्रकरणों में आपसी समझौते से 3769090 रूपये की राशि की वसूली की गई। विद्युत अधिनियम के पूर्व वाद प्रकरण 744 रखे गये जिनमें 240 प्रकरणों में 18,94,109 रूपये की वसूली हुई। नगरपालिका से संबंधित जलकर के 584 प्रकरण रखे गये, जिनमें 228 प्रकरणों में 1,51,47,100 रूपये की जलकर की राशि वसूल की गई।
बताया गया कि सभी मामलों का निराकरण पक्षकारों की आपसी सहमति से हुआ। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने पक्षकारों को आपसी रजामंदी के द्वारा मामलों के निराकरण के लिए बधाई दी, वहीं जिला मुख्यालय सिवनी में श्रीमती आशिता श्रीवास्तव, संजीव श्रीवास्तव प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय, राजर्षि श्रीवास्तव, प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, संदीप श्रीवास्तव तृतीय अपर जिला एवं न्यायाधीश, सुनील कुमार मिश्र, चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश तथा लखनादौन मुख्यालय पर आशुतोष अग्रवाल, प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, संजयराज ठाकुर, द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश लखनादौन ने अपनी-अपनी खंडपीठों की अध्यक्षता की गई।
जिले के न्यायिक मजिस्ट्रेटगण श्रीमती सुचिता श्रीवास्तव, श्रीमती अपर्णा आर. शर्मा, श्रीमती संगीता पंद्राम, श्रीमती कमला उइके, राजू पंद्रे, सुश्री शिवांगी सिंह परिहार तथा तहसील न्यायालय लखनादौन में श्रीमती चैनवती ताराम, सचिन ज्योतिषी, सुश्री अनुदिता चौरसिया, नृपेन्द्र सिंह परिहार में नेशनल लोक अदालत में प्रकरणों का निराकरण किया साथ ही नेशनल लोक के शुभारंभ में रूद्रदेव राहंगडालें, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, सुश्री सुनीता खण्डायत, अपर कलेक्टर एवं जिला विधिक सहायता अधिकारी एवं समस्त स्टॉफ उपस्थित रहंे।

बताया गया कि विशेष प्रकरणों में लोक अदालत में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पवन कुमार शर्मा के न्यायालय से वर्ष 2018 के मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण में विनोद कुमार ठाकुर की मृत्यु होने पर मृतक की पत्नि श्रीमती सुधा ठाकुर एवं पुत्रियां वैशाली ,स्वाती , मीनाक्षी ठाकुर की ओर से अधिवक्ता सज्जाद अनवर खान ने प्रधान जिला न्यायाधीश के अधिकरण में 1,31,45000 रूपये का दावा सोएब खान, रहमान खान तथा यूनाईटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के विरूद्ध प्रस्तुत किया, जिसमें यूनाईटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी की ओर से अधिवक्ता अश्विनी चौरसिया ने पैरवी की। इस प्रकरण में प्रधान न्यायाधीश पवन कुमार शर्मा के अथक प्रयासों से 49,75,000 रूपये में राजीनामा हुआ है। बीमा कंपनी के अधिवक्ता अश्विनी चौरसिया ने बताया कि जबलपुर संभाग में किसी भी बीमा कंपनी की ओर से यह सर्वाधिक राशि का अवार्ड है जिसे यूनाईटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी ने स्वीकार किया है।
बताया गया कि अतिरिक्त परिवार न्यायालयों से 26 प्रकरण निराकृत हुये। सिवनी परिवार न्यायालय से निराकृत 23 प्रकरणों में राजीनामा हुये जिसमें से 18 प्रकरणों में पति -पत्नि साथ में रहने के लिये सहमत हुये और 9 प्रकरणों में न्यायालय से ही पति-पत्नि साथ में घर गये। न्यायालय से साथ में जाने वाले पति पत्नियों को प्रधान जिला न्यायाधीश ने मिठाई का डिब्बा तथा एक-एक पौधा भेंट करते हुये भावी सुखमय जीवन की शुभकामना प्रदान की। एक प्रकरण में स्वयं प्रधान जिला न्यायाधीश ने 1 घण्टे तक पक्षकारों को समझाईश दी जिसके बाद वे साथ में जाने के लिये सहमत हुये। लोक अदालत के दौरान आयुष विभाग ने राजीनामा के लिये उपस्थित होने वाले पक्षकारों को त्रिकटु काढ़ा वितरित किया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने बताया कि लोक अदालत शुभारंभ अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने वृक्षारोपण किया और वृक्षारोपण के संबंध में अपने विचार प्रकट करते हुये बताया कि कोरोना संक्रमण काल में हमने अपनों की क्षति ऑक्सीजन की अनुपलब्धतता होने के कारण देखी है। पर्यावरण को स्वच्छ एवं जनजीवन स्वस्थ्य बनाने तथा ऑक्सीजन की उपलब्धतता के लिये वृक्षारोपण अत्यंत आवश्यक है। वृक्षारोपण को आज के परिवेश में एक जनआंदोलन बनाने की आवश्यकता है। लोगों को वृक्षारोपण करने हेतु जागरूक किया जाना अत्यंत आवश्यक है। जितनी अधिक हरियाली विकसित होगी उतना ही अधिक स्वच्छ एवं स्वस्थ्य वातावरण तैयार होगा। वृक्ष मानव जीवन के लिये बहुत उपयोगी होता है। मानव होेने के नाते हम सभी की जिम्मेदारी है कि हम वृक्षों को बचाये और अधिक से अधिक पौधारोपण करें, वृक्षों को मनुष्य का सबसे अच्छा मित्र कहा जाता है। वास्तव में यदि पेड़ नहीं होते तो धरती पर जनजीवन नहीं होता। वृक्षारोपण कर पर्यावरण को बचाने का संकल्प हम सभी को लेनेे की सभी को जरूरत है। यह हमारा कर्तव्य है कि पर्यावरण सुधार के लिये अधिक से अधिक संख्या में पौधारोपण करें।
हिन्दुस्थान संवाद