सिवनी, 22 सितम्बर।जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के संचालक विस्तार सेवायें डॉ.डी.पी.शर्मा के निर्देशन, कृषि विज्ञान केंद्र सिवनी के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ.के.के.देशमुख के मार्गदर्शन में पोषण माह के अंतर्गत अंगीकृत न्यूट्री स्मार्ट ग्राम सेटेवानी में मक्का प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन पर एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया जिसमें केंद्र के खाद्य विज्ञान विशेषज्ञ श्री जी.के.राणा द्वारा बताया गया कि सिवनी जिले में मक्का का  क्षेत्राच्छादन-होने के कारण रिकार्ड उत्पादन होता है तथा गत 2 वर्षो से कोरोना महामारी के चलते मक्के का विक्रय बुरी तरह से प्रभावित हुआ है जिससे मक्के के प्रसंस्करण पर  ध्यानाकर्षित करने की आवश्कता है,

जिसके परिप्रेक्ष्य में प्रशिक्षण स्थल पर मक्के के पकोडे, बडे, मंगोडे तथा खीर बनाकर कृषक महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया। साथ ही मक्के से बनने वाले विभिन्न उत्पाद से स्टेंट सूप मिक्स, मक्के का दलिया, मक्के का आटा, मक्के की मठरी, मक्के की चखली और मक्के की कुकीज आदि उत्पाद बनाकर व्यवसाय के रूप में अपनाकर अपनी आय को सुनिश्चित करने के लिये एक अच्छा माध्यम माना जा सकता है।

        उन्होंने बताया कि पोषण सुरक्षा के परिप्रेक्ष्य में मक्के में 100 ग्राम ऊर्जा 96 किलो प्रति कैलोरी, 73 प्रतिशत जल, 3.4 ग्राम प्रोटीन, 21 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 4.5 ग्राम शक्कर, 2.4 ग्राम रेशा, 1.5 ग्राम वसा पाया जाता है। साथ ही कृषि विज्ञान केंद्र सिवनी के पशुपालन विशेषज्ञ डॉ.के.पी.एस.सैनी द्वारा ग्रामीण प्रक्षेत्र में मक्के के अवशेष, पशुओं को चारे के रूप में उपयोग में लाकर पशुओं के आहार की लागत को कम किया जा सकता है तथा इसे चारे के व्यवसाय के रूप में भी अपनाया जा सकता है। प्रशिक्षण में आंगनबाडी कार्यकर्ता कुमारी गंगेश्वरी तेकाम का सराहनीय योगदान रहा। 

हिन्दुस्थान संवाद