ट्रांसजैण्डर समुदाय को शिक्षा तथा नौकरी में प्रोत्साहन देकर उन्हें समाज के मुख्य धारा में लाना है-दीपिका ठाकुर

सिवनी, 19 जुलाई। भारतीय संविधान ने समाज के प्रत्येक वर्ग के लोगों को सम्मान और जीने का अधिकार दिया है परंतु ट्रांसजैण्डर समुदाय के व्यक्तियों को भेद भाव एवं उपेक्षा का शिकार होना पड़ा है। मानव अधिकार संगठनों द्वारा लंबे संघर्ष के बाद भारत सरकार ने उनके सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक अधिकारों के लिए ट्रांसजैण्डर अधिकारों की सुरक्षा विधेयक 2019 पारित किया जिसका उद्देश्य इस समुदाय को आत्मसम्मान के साथ जीने का अधिकार प्रदान करना साथ ही शिक्षा तथा नौकरी में प्रोत्साहन देकर उन्हें सामाज के मुख्य धारा में लाना है। इस आशय की बात मंगलवार को जिला मुख्यालय बारापत्थर स्थित जनमंगल संस्थान में आयोजित एड्स पीड़ित एवं ट्रांसजैण्डर समुदाय हेतु विधिक साक्षरता शिविर में जिला विधिक सहायता अधिकारी श्रीमती दीपिका ठाकुर ने कही।


उन्होनें शिविर में उपस्थित ट्रांसजैण्डर समुदाय के सदस्यों को जानकारी दी कि यदि उनका वोटर आई.डी. कार्ड, आधार कार्ड राशन कार्ड नहीं बना हो या बार-बार संबंधित विभागों में आवेदन करने के बाद में भी नही जारी किया गया है तो वे कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सिवनी में उपस्थित होकर आवेदन कर सकते है तथा विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय द्वारा उनके वोटर आई.डी. कार्ड, आधार कार्ड व राशन कार्ड बनाये जाने के संबंध में संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर कार्यवाही की जायेगी तथा उन्हें निःशुल्क सहायता प्रदान की जायेगी। साथ ही ट्रांसजैण्डर समुदाय को किसी भी प्रकार की कानूनी समस्या होने पर निःशुल्क विधिक सहायता व सलाह प्रदान की जायेगी।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा बताया गया कि मंगलवार को मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर की कार्ययोजना 2022-23 के आलोक में प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष मनोज कुमार श्रीवास्तव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव विकास शर्मा के निर्देशन में मंगलवार को जनमंगल संस्थान बारापत्थर सिवनी में एड्स पीड़ित एवं ट्रांसजैण्डर समुदाय हेतु विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।
हिन्दुस्थान संवाद

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