अनूपपुर, 26 अगस्त । बिजुरी वनपरिक्षेत्र के साजाटोला गांव स्थित नाले में डेरा जमाए आधा दर्जन से अधिक हाथियों के झुंड ने 26 अगस्त की सुबह बेलगांव बीट के पटेराटोला गांव में झोपड़ी के अंदर सो रहे 60 वर्षीय गयादीन केवट पत्नी 48 वर्षीय मुन्नी बाई तथा 4 वर्षीय मासूम पोते राज कुमार को कुचलकर मार डाला। हाथियों ने झोपड़ी को धराशायी करते हुए आसपास लगी मक्का की फसल को नुकसान पहुंचाया। घटना सुबह 4 बजे के आसपास की बताई जा रही है। घटना की सूचना सुबह 7 बजे पड़ोसी ने ग्रामीणों सहित पुलिस को दी। मौके पर पहुंचे वन अधिकारी व पुलिस अमले ने शवों का पंचनामा करते हुए पोस्टमार्टम उपरांत शव परिजनों को सौंप दिया।

जंगली हाथियों द्वारा एक ही परिवार के तीन सदस्यों को कुचलकर मार देने की घटना से क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है। इस घटना के बाद मुख्यमंत्री ने शोक जताया हैं। वनविभाग द्वारा मृतकों के लिए 4-4 लाख की सहायता राशि प्रदान की गई है। वनमंडलाधिकारी डॉ. अब्दुल अलीम अंसारी ने बताया कि हाथियों ने शाम को मूवमेंट शुरू की। उन्होंने रात 12 बजे छत्तीसगढ़ की सीमा की ओर रूख किया था। जिसकी सूचना हमने छत्तीसगढ़ वन अमले को देते हुए बताया था कि हाथी आपकी ओर जा रहे हैं। लेकिन इसके बाद सुबह 4 बजे हाथियों के झुुंड ने 3 किलोमीटर दूर अन्य रास्ते से पुन: अनूपपुर की ओर वापसी की और पटेराटोला गांव पहुंच गए। इस दौरान हाथियों का दल जिसमें 2 बच्चे और 5 व्यस्क हैं, ने गयादीन केवट की झोपड़ी को धराशायी करते हुए अंदर सो रहे तीनों सदस्यों को कुचलकर मार डाला। यहीं नहीं इससे पूर्व कुछ दूरी पर वनविभाग द्वारा निर्माण कराए जा रहे कार्य स्थल पर भी उत्पात मचाया था। डीएफओ ने बताया कि गयादीन केवट की झोपड़ी से 50 मीटर की दूरी सहित आसपास आधा दर्जन अन्य मकान हैं, लेकिन हाथियों ने यहां कोई नुकसान नहीं पहुंचाया था। वहीं विभाग की इस दलील के बाद भी वन अमले की लापरवाही से इंकार नहीं किया जा सकता, जिसे लेकर क्षेत्र में वनविभाग के खिलाफ आक्रोश का माहौल बना हुआ है। फिलहाल प्रशासनिक अधिकारी सहित पुलिस और वन अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर परिजनों व ग्रामीणों से सतर्कता बरतने की अपील की है। वर्तमान हाथियों का दल मनेन्द्रगढ़ वनपरिक्षेत्र के आरएफ 718 में डेरा जमाए हुए हैं।

मुख्मंत्री ने जताया शोक

इस घटना की सूचना के बाद प्रदेश मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट के माध्यम से शोक व्यक्त करते हुए कहा कि इस घटना से दुखी हूं।

परिजनों को दिया 12 लाख की आर्थिक सहायता

मृतकों के परिजनों को वनविभाग द्वारा 12 लाख का चेक दिया गया। वहीं जिला प्रशासन द्वारा संबल योजना के तहत अंत्येष्टि के लिए 5-5 हजार रूपए की सहायता राशि दी गई है। एसडीएम ऋषि सिंघई ने बताया कि हाथियों के छत्तीसगढ़ के मूवमेंट तक वनविभाग अधिकारियों को क्षेत्र में निगरानी बनाए रखने और शाम से सुबह 6 बजे तक ग्रामीणों का जंगलों की ओर आवाजाही बंद कराने निर्देश दिए हैं।

हिन्दुस्थान संवाद