सिवनी, 02 जून। जिले में कोरोना वायरस के संबंध में सोशल मीडिया एवं विभिन्न इलेक्ट्रानिक माध्यमों से फैलायी जा रही भ्रामक जानकारियों पर रोक लगाने के लिए बुधवार को कलेक्टर डाॅ.राहुल हरिदास फांटिग ने प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किये है। वहीं इस आदेश का उल्लंघन करने वालों पर भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के अंतर्गत कार्यवाहियां की जायेगी।
जारी आदेशानुसार जिला सिवनी में कुछ व्यक्तियों समूहों, असामाजिक तत्वों के द्वारा सोशल मीडिया एप जैसे व्हाट्सएप, फेसबुक, टिवटर, इंस्टाग्राम व अन्य इलेक्ट्रानिक माध्यमों से भाम्रक जानकारी पोस्ट, फोटो, वीडियो मैसेज कर सामाजिक व्यक्तियों में हर व भय का वातावरण निर्मित कर आम जनजीवन एवं लोक स्वास्थ्य को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित किया जा रहा है, जिसके फलस्वरूप जनसामान्य की मानसिकता एवं स्वास्थ्य व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है। इसलिए जिले में कोरोना वायरस के संबंध में सोशल मीडिया एवं विभिन्न इलेक्ट्रानिक माध्यमों से फैलायी जा रही भ्रामक जानकारी पर रोक लगाया जाना अत्यन्त आवश्यक हो गया है।
आदेशानुसार डॉ. राहुल हरिदास फटिंग, कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी, सिवनी, द्वारा दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के अंतर्गत व्यापक लोकहित के दृष्टिकोण से जन सामान्य के स्वास्थ्य एवं लोक शांति एवं कानून व्यवस्था को बनाए रखने हेतु सिवनी जिले की संपूर्ण राजस्व सीमा क्षेत्र में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किये है।
आदेशानुसार कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया जैसे विभिन्न एप यथा व्हाट्सएप, फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम व अन्य इलेक्ट्रानिक माध्यमों पर कोरोना वायरस संक्रमण (कोविड-19) जनित बीमारी के संबंध में भ्रामक जानकारी, आपत्तिजनक साम्प्रदायिक तथा उद्धेलित करने वाली भ्रामक पोस्ट, मैसेज या फोटो, वीडियो शेयर नहीं करेगा न ही फारवार्डिंग करेगा। पोस्ट पर कमेंट करने की गतिविधियों को भी तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किया जाता है। और इस आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के अंतर्गत कार्यवाही की जावेगी। आदेश दिनांक 31 जुलाई 21 तक प्रभावशील रहेगा।
हिन्दुस्थान संवाद