सिवनी, 10 जून। जिले में कोविड-19 की शुरूआती लहर के साथ ही फीवर क्लीनिक की भी शुरूआत की गई। जिसमें सर्दी, खांसी, बुखार के लक्षण वाले मरीजो की जाचं की जा रही है। कोविड के मरीजो की पहचान करने में फीवर क्लीनिक की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका रही है। सिविल सर्जन डॉ. विनोद नावकर के मार्गदर्शन में श्रीमति अनुकंपा अख्तर को फीवर क्लीनिक का इंचार्ज बनाया गया। जिसके सफल संचालन में सिस्टर इंचार्ज श्रीमति अनुकंपा अख्तर की अहम भूमिका रही है। उक्ताशय की बात गुरूवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. के. सी. मेशराम ने कही है।


सिस्टर इंचार्ज अनुकंपा अख्तर ने बताया कि फीवर क्लीनिक सुबह 8 बजे से रात्रि 8 बजे तक दो शिफ्ट में संचालित किया जाता है जिसमें सर्दी, खांसी, बुखार तथा कोविड-19 के संदिग्ध लक्षण वाले मरीजो की जाचं की जाती है। कोविड काल के दौरान फीवर क्लीनिक में प्रतिदिन लगभग 250 से 300 मरीजो की जांच की जाती थी तथा वर्तमान में भी यह प्रतिदिन संचालित किया जा रहा है।
उन्होने बताया कि कोविड महामारी के दौरान फीवर क्लीनिक की सभी व्यवस्थाएं संभालना चुनौतीपूर्ण कार्य था। कर्मचारियों की शिफ्टवार ड्यूटी लगाने के साथ-साथ क्लीनिक की साफ-सफाई एवं सैनेटाईजेशन का पूरा ध्यान रखना पड़ता था। मरीजो को उपचार के पश्चात दवाईया भी उपलब्ध कराई जाती थी। तथा गंभीर मरीजो को डॉक्टर के परामर्श उपरांत वार्ड में भर्ती कराया जाता था। साथ ही दवाईंया एवं अन्य साम्रगी की कमी न पड़े इस बात का भी पूरा ध्यान रखना पड़ता था।
सिस्टर इंचार्ज अनुकंपा अख्तर ने बताया कि ड्यूटी के दौरान उनका स्वास्थ्य खराब हो जाने से बहुत परेशानियों का सामना भी करना पड़ा। लेकिन उन्होनें परिवार की जिम्मेदारी के साथ-साथ अस्पताल की भी जिम्मेदारी का बखूबी निर्वहन किया।

फीवर क्लीनिक के सफल संचालन में नोडल अधिकारी डॉ. स्मृता नामदेव के विशेष मार्गदर्शन में डॉ. सुबोध मेश्राम, डॉ. रिकेश्वरी, डॉ. शबाना साथ ही सहयोगी स्टाफ नर्स श्रीमति मीनल अवस्थी, श्रीमति बिन्नी जोमन, कु. सोनिया ठाकुर, श्रीमति सलोनी तांडी, टेक्नीशियन राहुल चंद्रवंशी, नीतेश सनोडिया, अनिल सेन, सहायक स्टाफ कु. उपासना बरवे, श्रीमति रजनी यादव, संतोषकुमार पाल, श्री बलराम डेहरिया और सिक्योरिटी गार्ड मरकम डहेरिया तथा अंशुल का अहम योगदान रहा है।
हिन्दुस्थान संवाद