सिवनी, 31 दिसंबर। कोविड संक्रमण की विपरीत परिस्थिति के दौरान जिला प्रशासन द्वारा कलेक्टर डॉ फटिंग के निर्देश में स्वास्थ्य सुविधाओं एवं कोविड रोकथाम की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया गया है। साथ ही साथ विभागों की हितग्राही मूलक योजनाओं तथा विकास कार्यों में भी उल्लेखनीय उपलब्धि वर्ष 2021 में प्राप्त हुई है।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य- कोविड संक्रमण के दौरान जिले के आमजनों को त्वरित रूप से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कलेक्टर डॉ राहुल हरिदास फटिंग के निर्देशन में कार्य हुए हैं। मरीजों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने के उद्देश्य जरूरी संसाधन उपलब्धता सुनिश्चित कराई गई है। जिला चिकित्सालाय सिवनी में 400 एलपीएम एवं 570 एलपीएम क्षमता के क्रमश: 2 पीएसए प्लांट स्थापित किए गए हैं, साथ ही 6 हजार लीटर का लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करने की कार्यवाही जारी है। वहीं जिला चिकित्सालय एवं अन्य स्वास्थ्य केन्द्रों में 5 लीटर प्रति मिनट क्षमता के 320 तथा 10 लीटर प्रति मिनट क्षमता के 187 ऑक्सीजन कॉन्सट्रेटर मशीन की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। जिला चिकित्सालय में 100 जम्बो तथा 140 नग सीएफटी सिलेण्डर उपलब्ध है। इसी प्रकार कोविड आईसीयू में 14, पीआईसीयू में 18, एसएनसीयू में 20 ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था की गई है। साथ ही 26 बेड की पीआईसीयू की निर्माण प्रक्रिया जारी है। एएनएम टीसी, जेएनएम के साथ ही अन्य वार्डो सहित कुल 433 ऑक्सीजन बेड की उपलब्धता जिले में कर ली गई है।

  कलेक्टर डॉ फटिंग के निर्देशन में कोविड वैक्सीनेशन अभियान सतत रूप से जारी है, अभियान अंतर्गत 10 लाख 83 हजार 547 पात्र जनसंख्या के विरूध्द 9 लाख 76 हजार 671 हितग्राहियों को प्रथम डोज तथा 9 लाख 48 हजार 622 को द्वितीय डोज लगाया गया है। इस प्रकार कुल 90.1 प्रतिशत जनसंख्या को प्रथम एवं 87.5 प्रतिशत को द्वतीय डोज लगाया जा चुका है।

सीएम हेल्पलाईन शिकायतों के निराकरण में भी जिले में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं:- जनवरी 2021 से अब-तक 50 हजार 886 शिकायतों का संतुष्टि के साथ निराकरण किया गया है। साथ ही प्रदेश स्तरीय रैंकिंग में प्रथम और द्वितीय श्रेणी में रहा है।

स्वच्छता सर्वेंक्षण में नगरपालिका सिवनी रहा संभाग में अग्रणी- कलेक्टर एवं प्रशासक डॉ राहुल हरिदास फटिंग के निर्देशन में नगरपालिका सिवनी ने स्वच्छता सर्वेक्षण में अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए जबलपुर संभाग में प्रथम तथा प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। जिस पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने भी नगरपालिका सिवनी को गोल्ड मैडल एवं प्रशस्ति पत्र के साथ 25 लाख रूपये का पुरूस्कार देकर सम्मानित किया है।

जिले को कुपोषण मुक्त करने की दिशा में किया जा रहा कार्य- कलेक्टर डॉ फटिंग के निर्देशन में जिले को कुपोषण मुक्त करने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं, जिसमें चिन्हांकित किए गए 1188 अति गम्भीर कुपोषित बच्चों में से 1096 के सकारात्मक सुधार आ चुका है। इसी तरह मध्यम कुपोषित 9495 बच्चों में से 8425 बच्चे सामान्य श्रेणी में आ चुके हैं। मुख्यमंत्री कोविड बाल सेवा योजना अंतर्गत कुल 41 बच्चों को 5 हजार रूपये प्रतिमाह आर्थिक सहायता, खाद्यन्न सुरक्षा सहित अन्य लाभ से लाभांवित किया जा रहा है। इसी तरह प्रधानमंत्री केयर फॉर चिल्ड्रन योजना में कुल 8, बाल प्रायोजन में कुल 42 बच्चों को लाभांवित किया गया है।

फसलों के रकबे में वृध्दि एवं उपार्जन:- जिले में खरीफ फसल में मुख्यत: मक्का व धान तथा रबी में गेहूं, चना एवं सरसों किसानों द्वारा बोई जाती है। कलेक्टर डॉ फटिंग के निर्देशन में कृषि विभाग द्वारा किए गए प्रयासों से इस वर्ष गेहूं फसल का रकबा 2 लाख 65 हजार से बढ़कर 2 लाख 68 हजार हेक्टेयर हो गया है। साथ ही चने में 2 हजार हे. एवं सरसों में 3 हजार हे. की बढोत्तरी हुई है। वहीं दूसरी ओर अपने स्वाद व सुगंध के लिए विशेष पहचान रखने वाला जीरा शंकर चांवल को विशिष्ट पहचान दिलाने में भी विभाग द्वारा लगातार प्रयासा किए जा रहे है। जीराशंकर उत्पादक किसानों के उत्पाद को विदेशो में निर्यात किए जाने के लिए एमपीआईडीसी भोपाल के माध्यम से विशिष्ट प्रशिक्षण आयोजित कराया गया है साथ ही 5 एफपीओ गठित किए हैं। वहीं नवाचार के रूप में 88 किसानों को मसरूम किट प्रदान कर तकनीकि जानकारी दी गई है। वर्ष 2020-21 में 53 हजार 889 किसानों से 3376859.93 मेट्रिक टन धान तथा 53844 किसानों से 4874135.57 मैट्रिक टन गेहूँ उपार्जित किया गया है।

किसानों को मिल रहा सम्मान निधि का लाभ- जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के पात्र 3 लाख 5541 तथा मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि के 2 लखा 38344 हितग्राहियों को लाभांवित किया जा रहा है। इसके साथ ही धारणाधिकार अंतर्गत सिवनी, बरघाट एवं लखनादौन नगरीय क्षेत्र में 120 पात्र हितग्राहियों को पात्रतानुसार धारणाधिकार पत्र तथा मुख्यमंत्री आवासीय भू-अधिकार योजना में आवसविहीन 61 ग्रामीण हितग्राहियों को अधिकार पत्र जारी किए जा चुके हैं। भू-अभिलेख शुध्दिकरण पखवाड़े में भी भूअभिलेखों की शुध्दिकरण की कार्यवाही की गई है। इसके साथ ही साथ अनुसूचित जनजाति वर्ग के पूर्व में अमान्य किए गए 4183 वनाधिकार दावों में से 1036 व्यक्तिगत दावों को तथा 2 परम्परागत दावों को मान्यता प्रदान की गई है।

मत्स्य पालन को दिया जा रहा प्रोत्साहन- जिले में मत्स्य विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के माध्यम से मछली पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिसमें केवलारी विकासखण्ड के ग्राम बागडोगरी की श्रीमती सुनीता शांडिल्य द्वारा नीलक्रांति योजना अंतर्गत निर्मित हेचरी में कतला, रोहू, मृगल के 900 लाख मत्स्य बीज तथा फंगेशियस के 30 लाख बीज एवं 30 टन मछली का उत्पादन किया है। इसी तरह ग्राम हथनापुर के राजेश सनोड़िया ने 30 रूपये की लागत से मत्स्य आहार सयंत्र स्थापित किया है। जिसकी उत्पादन क्षमता 2 प्रतिदिन है। मत्स्य विभाग द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना अंतर्गत 4 ऑटोरिक्सा विथ आईस बॉक्स, 20 नवीन तालाबों का निर्माण किया है। साथ ही साथ 212 मत्स्य कृषकों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।

रोजगार एवं कैरियर काउंसलिंग- कलेक्टर डॉ राहुल हरिदास फटिंग के निर्देशन में 2021 में कुल 10 रोजगार मेले आयोजित किए गए हैं, जिनमें देश-प्रदेश की निजी कंपनियों द्वारा 4189 आवेदकों को रोजगार प्रदान किया है। वहीं कैरियर काउंसलिंग योजना अंतर्गत 288 आवेदकों को कैरियर मार्गदर्शन दिया गया है।

राज्य आजीविका मिशन- महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने के उद्देश्य से जिले में स्वसहायता समूहों का गठन कर सीसीएल वितरण के लिए 3826 समूहों को 24290 लाख रूपये के प्रकरण बैंकों में जमा किए गए हैं। जिसमें से 2012 समूहों को 23.12 करोड़ रूपये वितरित कराया जा चुका है। वहीं 1477 समूहों के बचत बैंक खाते खोले गए हैं। अपने विशिष्ट स्वाद के लिए सम्पूर्ण देश में ख्याति प्राप्त छपारा विकासखण्ड के ग्राम खेरमाटाकोल (भूतबंधानी) के सीताफल उत्पाद का लाभ स्थानीय महिलाओं दिलाने के लिए राज्य आजीविका मिशन द्वारा ग्राम के 11 स्वसहायता समूह की 35 महिलाओं को सीताफल प्रसंस्करण (पल्क यूनिट) से जोड़ा गया है। साथ ही जबलपुर, नागपूर जैसे महानगरों से व्यापार दिलाया गया है।

अनेकों विकास कार्यों की मिली सौगात- ग्रामीण यांत्रिकी विभाग द्वारा सिवनी विकासखण्ड के ग्राम बींझावाड़ा में 80 लाख रूपये लागत से खेल मैदान का निर्माण कार्य पूर्ण कराया है। जिससे बींझावाड़ा, कण्डीपार, कोहका, बालपुर, नगझर एवं लूघरवाड़ा के बच्चों को खेलने के लिए स्थान उपलब्ध होगा। जिससे बच्चों के शारीरिक-मानसिक विकास में लाभ होगा। इसी तरह केवलारी विकासखण्ड के ग्राम डोकररांजी में 126 लाख लागत से स्टेडियम बनाया गया है। इसका लाभ केवलारी, आलोनिया खापा, कोहका एवं डोकररांजी के बच्चों को होगा। इसी प्रकार नगरीय क्षेत्र में दीनदयाल अंत्योदय रसोई स्थापित कर जरूरतमंदों को 10 रूपये कूपन में भरपेट भोजन कराया जा रहा है। जनजातीय कार्य विभाग द्वारा 250- 250 लाख रूपये की लागत से अनुसूचित जाति कन्या एवं बालक छात्रावास का निर्माण कार्य कराया गया है। वहीं लोकनिर्माण विभाग (सेतु निर्माण विभाग) द्वारा दिघोरी से कातलबोड़ी मार्ग में 346.22 लाख रूपये लागत से 125 मीटर लंबे उच्चस्तरीय पुल का निर्माण किया है। जिसका लाभ आस-पास के ग्रामीणजनों को मिल रहा है।

हिन्दुस्थान संवाद

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