Seoni: गोडेगांव में जनहानि करने वाला बाघ वन क्षेत्र में पहुंचा: उपसंचालक

सिवनी,12 दिसंबर । कुरई तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम गोडेगांव के राजस्व क्षेत्र में रविवार की सुबह हुई एक जनहानि करने वाला बाघ ग्राम करहैया के खेतों से होते हुए वनक्षेत्र में चला गया है। इस बात के लगभग पुष्ट प्रमाण है। यह बात पेंच टाईगर रिजर्व के उपसंचालक रजनीश सिंह ने सोमवार की देर शाम कही है।


उपसंचालक ने बताया कि सोमवार की सुबह 5.30 बजे से ही ग्राम गोडेगांव में पेंच टाइगर रिजर्व, की सर्चिंग टीम द्वारा क्रमिक रूप से पहले ड्रोन द्वारा क्षेत्र की सम्पूर्ण स्केनिंग की गयी। तत्पश्चात 45 कर्मचारियों द्वारा काम्बिंग पैदल गश्ती कर पूरे क्षेत्र को स्केन किया गया इसके बाद डॉग स्क्वॉड ने घटना स्थल से बाघ के भागने उपरांत उसके ट्रªेक का सर्च किया तथा अंत में तीन प्रशिक्षित हाथियों के माध्यम से क्षेत्र का अच्छी तरीके से निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान वन्यप्राणी बाघ के पगमार्ग, राष्ट्रीय राजमार्ग की ओर होते हुए दूसरी तरफ करहैया ग्राम की ओर जाते हुए दिखे जिनका सर्चिंग टीम द्वारा निरीक्षण करते हुए इन्हें पेंच टाइगर रिजर्व के जंगल की ओर जाना पाया गया। इससे वन्यप्राणी बाघ के ग्राम से बाहर वनक्षेत्र की ओर जाने की संभावना प्रतीत होती है। कलेक्टर सिवनी, पुलिस अधीक्षक, सिवनी, उप संचालक, पेंच टाइगर रिजर्व, अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व, कुरई, सहायक वन संरक्षक, अधीक्षक पेंच टाइगर रिजर्व, उप वनमण्डल अधिकारी, सिवनी, तहसीलदार कुरई एवं अन्य उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों द्वारा करहैया ग्राम के क्षेत्र में पहुंचकर पगमार्क का निरीक्षण किया गया।


आगे बताया गया कि हांलाकि इस बात के लगभग पुष्ट प्रमाण हैं कि बाघ करहैया ग्राम के खेतों से होते हुए वनक्षेत्र में चला गया है किन्तु नागरिकों की सुरक्षा की दृष्टि से सोमवार की सम्पूर्ण रात्रि गश्त कार्य एवं मुनादी कार्य करते हुए क्षेत्र में लगातार वनकर्मियों की उपस्थिति बनाई रखी जावेगी। साथ ही घटना स्थल पर ट्रेप केज एवं बाघ की उपस्थिति वाले संभावित स्थलों पर कैमरा ट्रेप लगा दिये गये हैं। आगामी दिवसों में सुकतरा के समीप के ग्रामीण क्षेत्र में बाघ की उपस्थिति होने पर रेस्क्यू किया जा सके इस हेतु तीन हाथियों को समीप के वनक्षेत्र में ही कैम्पिंग कराया जा रहा है।

जिला प्रशासन एवं पेंच टाइगर रिजर्व, प्रबंधन गोंडेगांव, करहैया एवं अन्य समीपवर्ती ग्रामों के निवासियों से अपील करती है कि रात्रि में घरों से अनावश्यक बाहर अकेले न निकलें, खेतों की ओर भी जावें तो शोर करते हुए जावें, खुले में शौच न जावे और यदि वन्यप्राणी बाघ के कोई साक्ष्य दिखे तो तत्काल वनविभाग / राजस्व विभाग को सूचित करें।

यह था मामला

उपसंचालक रजनीश सिंह ने हिस को बताया कि रविवार 11 दिसम्बर 22 की प्रातः 7.30 बजे दूरभाष पर सूचना प्राप्त हुई कि कुरई तहसील के अंतर्गत ग्राम गोंडेगांव में गांव के भीतर वन्यप्राणी बाघ द्वारा एक ग्रामीण पर हमला कर मार दिया गया है। सूचना पर सर्वप्रथम पार्क अधीक्षक प्रातः 8 बजे घटना स्थल पर पहुंच गये। घटना स्थल पर पहुंचकर ज्ञात हुआ कि मृतक चुन्नीलाल (60) पुत्र रामचन्द्र, पटले निवासी गोडेगावं हैं, जो अपने घर के पीछे की बाड़ी में सुबह 7 बजे के लगभग शौच के लिये गया था इस दौरान बाघ के हमले उसकी मृत्यु हो गई। तथा बाघ समीप ही झाड़ियों में छुप कर बैठ गया। तब तक लगभग 1000 ग्रामीणों की भीड़ घटना स्थल के पास बाघ को देखने के लिये पहुंच गई थी जो कि अपनी जान को जोखिम में डालकर बाघ को अत्यंत करीब से देखने का प्रयास कर रहे थे। इसी बीच एक व्यक्ति खुशलाल(48) पुत्र झलकन वाघडे निवासी बेलगांव बाघ के अत्यंत समीप पहुंच गया और उसे बाघ द्वारा घायल किया गया है जिसे तत्काल जिला चिकित्सालय सिवनी पहुंचाया गया।
इस दौरान करीब 8.30 बजे पेंच टाईगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक एवं उप सचांलक भी घटना स्थल पर पहुंचे। मौके पर उपलब्ध वन बल एवं पुलिस बल तथा राजस्व विभाग के अधिकारी कर्मचारियों द्वारा ग्रामीणों को लगातार सुरक्षित स्थान पर जाने के लिये बार-बार आग्रह किया गया किन्तु ग्रामीणों द्वारा बाघ के करीब जाने का प्रयास किया जाता रहा। प्रातः 9 बजे के लगभग वन्यप्राणी चिकित्सक एवं पेंच टाइगर रिजर्व का रेस्क्यू दल मौके पर पहुंचा तब तक लगभग 3000 की भीड़ एकत्र हो चुकी थी। रेस्क्यू वाहन को अत्यंत प्रयासों के बाद मौका स्थल तक पहुंचाया जा सका। मौके पर उपस्थित अनियंत्रित भीड़ जो 50 फिट से भी कम दूरी पर थी तथा संशय यह था कि बाघ पर निश्चेतक दवा ट्रंकुलाईजिंग गन द्वारा डालने पर वह तेजी से भीड़ की ओर भाग सकता है जिससे कई व्यक्ति हताहत हो सकते हैं। इस बीच भीड़ बाघ को मारे जाने की मांग करते हुए आक्रामक हो रही थी। भीड़ को समझाने एवं पीछे खदेड़े जाने का प्रयास सफल नहीं हुआ।
भीड़ लगातार बढ़ती जा रही थी एवं देखा गया कि कुछ व्यक्ति रेस्क्यू वाहन को आग लगाने की नकारात्मक मंशा से रेस्क्यू वाहन के नीचे धान के पैरे को डाल रहे थे। स्थिति नियंत्रण से बाहर न हो जाये इस हेतु जनसमुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दृष्टि से कठिन निर्णय किया गया और बाघ एवं जन समुदाय के एक खण्ड की ओर शासकीय वाहनों को दीवार बनाकर जन समुदाय को सुरक्षित करने का उपाय किया गया। दूसरी ओर जहां से वन्यप्राणी चिकित्सक बाघ को निश्चेत करने जा रहे थे उस ओर भी वनकर्मियों एवं पुलिस बल का घेरा बढ़ाकर एक सुरक्षात्मक दीवार बनाने का प्रयास किया गया। इसके उपरांत वन्यप्राणी चिकित्सक के द्वारा वाहन के माध्यम से बाघ के करीब जाकर उस पर डॉर्ट चलाया गया तो बाघ के झुरमुट में बैठा होने के कारण वह डॉर्ट छिटककर दूर चला गया और इसी समय भीड़ भी तेजी से कोलाहल करते हुए बाघ की ओर भागी जिससे बाघ घबराकर तेजी से बाड़ी से लगे खेतों की तरफ भागा।

आगे बताया गया कि इस दौरान लोगों का एक समूह बाघ के पीछे भागने लगा जिनकी सुरक्षा के लिये वन कर्मी एवं पुलिस बल भी उसी दिशा में दौड़े। वहीं दूसरी ओर कुछ व्यक्तियों द्वारा वन्यप्राणी चिकित्सक पर लाठी और डंडे से जानलेवा हमला किया जिससे वन्यप्राणी चिकित्सक को गंभीर चोट आई और उन्हें तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराकर जिला चिकित्सालय सिवनी भेजा गया। वहीं दूसरी ओर उग्र भीड़ लगातार वन्यप्राणी बाघ के पीछे भाग रही थी और बाघ को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रही थी इसी समय एक व्यक्ति ललित पुत्र मानसिंह, परिहार निवासी गोंडेगांव बाघ के अत्यंत करीब चला गया एवं उसको भी बाघ द्वारा घायल किया गया। घायल को शासकीय चिकित्सालय सिवनी पहुंचाया गया।
पूर्व में घटना स्थल पर उपस्थित भीड़ बाघ के घटना स्थल से भागने के बाद गोंडेगांव से सुकतरा जाने वाले मार्ग पर पहंुच गयी और वहां पर बाघ को रोकने के लिये खड़े शासकीय वाहनों एवं अधिकारियों, कर्मचारियों पर आक्रोश प्रकट करने लगी। सात शासकीय वाहनों को बुरी तरह से तोड़ा-फोड़ा गया एवं दो वाहनों को नाले में पलटा दिया गया। क्षेत्र संचालक एवं उप सचांलक पेंच टाइगर रिजर्व के वाहनों में तोड़फोड़ के साथ शासकीय सामग्रियों को भी नुकसान पहुंचाया एवं लूटपाट की गयी। वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी मारने के प्रयास किये गये जिससे उन्हें बचकर वहां से निकलना पड़ा। सभी वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी गोपालगंज पुलिस चौकी में एकत्रित हुए एवं वहां पर प्रभारी कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक सिवनी से घटना क्रम पर चर्चा की गयी। जनपद पंचायत अध्यक्ष कुरई एवं अन्य स्थानीय व्यक्तियों द्वारा भी गोपालगंज पहुंचकर घटनाक्रम पर चर्चा कर ग्रामीणों की मांगे रखी गयी।

आगे बताया कि इसके उपरांत प्रभारी कलेक्टर सिवनी, पुलिस अधीक्षक सिवनी, क्षेत्र संचालक, उप संचालक, पेंच टाइगर रिजर्व, सिवनी, अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व, कुरई, तहसीलदार कुरई एवं अन्य अधिकारी, कर्मचारी पुनः घटना स्थल पर पहुंचे एवं घटना स्थल का निरीक्षण किया और पुनः नये सिरे से वन्यप्राणी बाघ के रेस्क्यू के लिये योजना बनाई। चूंकि वन्यप्राणी चिकित्सक डॉ अखिलेश मिश्रा सिर पर लाठियों से लगी चोट के कारण उपचाररत थे अतः रेस्क्यू अभियान हेतु कान्हा टाइगर रिजर्व से वरिष्ठ वन्यप्राणी चिकित्सक डॉ. संदीप अग्रवाल को बुलवाया गया। साथ ही खुले खेत के क्षेत्र में बाघ के भागकर अन्य दिशा में जाने की संभावना को ध्यान में रखते हुए भोपाल से वाईल्ड लाईफ कंजरवेशन ट्रªस्ट के वन्यप्राणी चिकित्सक डॉ. प्रशांत देशमुख को भी दिनांक 12 के रेस्क्यू अभियान हेतु अनुरोध कर बुला लिया गया।
11 दिसंबर को रात्रि 7.30 बजे उप संचालक, पेंच टाइगर रिजर्व, सिवनी द्वारा मृतक के घर पहुंचकर उनकी पत्नी एवं परिवारजनों से भेंटकर सांत्वना दी एवं राहत राशि आठ लाख रूपये मात्र का चेक प्रदान किया। इसके उपरांत मृतक के शव का पोस्टमार्टम उपरांत शवदाह परिवारजनों द्वारा किया गया। पेंच टाइगर रिजर्व के कर्मचारियों एवं पुलिस बल का दल बनाकर संयुक्त रूप से गश्ती कार्य पूरी रात्रि किया गया एवं लगातार मुनादी कर ग्रामीणों को रात्रि में घर से बाहर न निकलने की हिदायत दी गयी।

हिन्दुस्थान संवाद

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