सिवनी, 19 नवंबर। प्रदेश शासन द्वारा जल संरक्षण तथा स्थानीयस्तर पर पेय जल तथा निस्तारी के लिए जल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए ग्रामवार जल संग्रहण इकाईयों का निर्माण तथा उन्नयन किया जा रहा है। इसके साथ ही साथ शासन की महत्वाकांक्षी मनरेगा योजना अंतर्गत अधिकतम विकास कार्य किए जा रहे हैं जिसमें स्थानीयस्तर पर ग्रामीणों को रोजगार मिलने लगा है, वहीं ग्रामों में अनेकों विकास के कार्य किए गए हैं, जिससे निश्चित रूप से ग्रामीणों के जीवनस्तर में बड़ा बदलाव आने लगा है।
ऐसा ही एक विकास कार्य निस्तारी तालाब के रूप में सिवनी तहसील के ग्राम पंचायत कंड़ीपार में ग्रामीण यांत्रिकी विभाग द्वारा किया गया है। ग्राम पंचायत कंडीपार के समीप वन क्षेत्र होने के कारण वन्य प्राणियों को पेय जल समस्या का सामना करना पड़ता था, साथ ही ग्राम वासियों फसल सिंचाई, निस्तार एवं मवेशियों को पीने का पानी उपलब्ध नहीं हो पाता था। ग्रामीणों एवं वन्य प्राणियों के पेयजल की समस्या को ध्यान रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा ग्राम पंचायत कंडीपार में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजनान्तर्गत 55.81 लाख रूपये लागत से झीलपिपरिया मार्ग पर निस्तारी तालाब का निर्माण कराया गया।

ग्राम पंचायत कंडीपार में कुल जॉब कार्ड की संख्या 145 है जिसके अंतर्गत 200 सक्रिय मजदूर हैं निस्तारी तालाब के निर्माण होने से मजदूरों को भी पर्याप्त रोजगार उपलब्ध हुआ साथ ही ग्रामवासियों के निस्तार, मवेशियों एवं वन्य प्राणियों के पीने हेतु पानी की समस्या समाधान हुआ है। तालाब निर्माण होने से भूमिगत जलस्तर में भी वृद्धि हुई है जिससे आस-पास के बोरिंग एवं कुओं का जलस्तर भी बढ़ गया है। जिस मार्ग पर तालाब का निर्माण कराया जा रहा है वहा पर 50 कृषकों की कृषि भूमि लगी हुई है। जिससे उन्हें भी सिंचाई का लाभ प्राप्त होगा । विगत दो वर्षों में 100 प्रतिशत लेबर बजट की पूर्ति निस्तारी तालाब कंडीपार के कार्य से ही की गई है एवं इस वर्ष में 47 प्रतिशत लेबर बजट भी इसी कार्य में नियोजन के माध्यम से पूरा किया गया है।

हिन्दुस्थान संवाद

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