सिवनी,13 अक्टूबर। जिले के महिला एवं बाल विकास विभाग के 72 महिला बाल विकास सेक्टरों में बुधवार को हर्षाेल्लास के साथ बाल आरोग्य संवर्द्धन शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें जिले को कुपोषण से मुक्त करने शिविरों में पोषण मित्र बनकर जनप्रतिनिधि , अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए।

महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी अभिजीत पचौरी ने बताया कि बुधवार को जिले के समस्त 72 महिला बाल विकास सेक्टरों में हर्षाेल्लास के साथ बाल आरोग्य संवर्द्धन शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें सम्मिलित बाल हितग्राहियों का गुब्बारे एवं तिलक लगाकर स्वागत किया गया। इस स्वास्थ्य जाँच शिविर में कुपोषित बच्चों के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत स्वास्थ्य जाँच की गई। शिविर में स्वास्थ्य विभाग के एएनएम द्वारा बच्चों को 05 प्रकार की दवाईयों का वितरण किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा टेक होम राशन , रेडी टू ईटएवं सुगंधित पौष्टिक दुध पाउडर का वितरण किया गया। साथ ही शिविर के दौरान सुगंधित पौष्टिक दुध का सेवन भी कराया गया। जनसहयोग से बच्चों को स्वच्छता किट ( नेल कटर , ऐंटीबैक्टिरियल हैंडवॉस , ऐंटीबैक्टिरियल साबुन) का वितरण किया गया।


आगे बताया गया कि मध्यप्रदेश शासन महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन भोपाल के निर्देशानुसार बाल आरोग्य संवर्द्धन कार्यक्रम अंतर्गत सिवनी जिले में लक्ष्य अनुसार जन्म से 05 वर्ष तक के सभी गैर चिकित्सकीय लक्षण वाले गंभीर कुपोषित (सेम) बच्चों एवं अधिकाधिक संख्या में मध्यम गंभीर कुपोषित (मेम) बच्चों को 14 नवम्बर 2021 तक कार्यक्रम को मिशन मोड में चलाकर बच्चों को सामान्य पोषण स्तर पर लाना है। इस संबंध में कलेक्टर डॉ. राहुल हरिदास फटिंग द्वारा जिले में चिन्हित कुल 444 बच्चों हेतु जिला,विकासखण्ड,पंचायत स्तर के अधिकारी, कर्मचारियों , जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिको,स्वयं सेवी संस्थाओं के सदस्यों को बच्चों की पोषण एवं स्वास्थ्य देखभाल हेतु पोषणमित्र बनाया गया है।
बुधवार को आयोजित शिविरों में स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक सम्मिलित रहे।
हिन्दुस्थान संवाद