सिवनी, 15 जून। जिला चिकित्सालय सिवनी में विगत 14 वर्षो से मेट्रन के पद पर पदस्थ श्रीमति शशि जायसवाल पदस्थ द्वारा कोरोना काल में काफी सूझबूझ के साथ जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाओं को संभाला गया है।
श्रीमति शशि जायसवाल ने बताया कि वह जिला चिकित्सालय सिवनी में नर्सिंग शाखा देखती हैं। कोविड महामारी के दौरान स्टॉफ नर्स की काफी कमी हो गई थी तथा जिला चिकित्सालय में स्टॉफ कोविड पॉजिटिव हो गये थे तथा कुछ स्टॉफ व्यक्तिगत परेशानियों के कारण छुटटी में थे। ऐसी स्थिति में वार्डो में स्टॉफ की ड्यूटी लगाना में बहुत कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा था।
उन्होनें बताया कि ऐसी परिस्थिति में सिविल सर्जन डॉ. विनोद नावकर के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में स्टाफ की कमी होते हुए भी कार्यरत नर्सिंग सिस्टर एवं स्टाफ नर्सो से आपस में तालमेल बैठाकर कार्य किया गया। महामारी के दौरान अचानक कोविड के मरीजो की अधिकता के कारण जिला चिकित्सालय के सभी वार्डो को कोविड वार्ड बना दिया गया था। ऐसी स्थिति में सभी वार्डो में शिफ्ट में ड्यूटी लगाना बहुत मुश्किल हो रहा था। ऐसी स्थिति में उन्होनें मारूति इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग कॉलेज कलबोड़ी (सिवनी) से ट्रेनिंग पास की छात्राओं से सम्पर्क किया जिस पर नर्सिग की 5 छात्राएं निःशुल्क कार्य करने के लिए सहमत हो गई एवं तुरंत ड्यूटी करने आ गई। इनके द्वारा बिना भय के कोविड आईसीयू वार्ड में ड्यूटी की गई जिसके परिणामस्वरूप जिला चिकित्सालय में मरीजो की उचित देखभाल हो सकी। एवं कोरोना महामारी के नियंत्रण में सफलता प्राप्त हुई।
श्रीमति शशि जायसवाल ने बताया कि उनके घर में मां सहित कुल 12 लोग कोविड पॉजिटिव हो गए थे। ओर 3 लोग गोंदिया हॉस्पिटल मे भर्ती थे उनको मेरी अतिआवश्यकता थी किंतु मेरे सामने चिकित्सालय की नर्सिंग एवं अन्य व्यवस्थाओ की जिम्मेदारी ज्यादा महत्वपूर्ण थी। इसलिए मैने बिना कोई अवकाश के सहर्ष आत्मविश्वास के साथ बिना भय के वार्ड की व्यवस्थाएं संचालित की जिसमें सिविल सर्जन डॉ. नावकर सहित मारूति इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग कॉलेज कलबोड़ी (सिवनी) की ट्रेनिंग पास कर चुकी छात्राएं अंजली जायसवाल, श्रद्धा विश्वकर्मा, रोशना वाडीवा, रोशनी भलावी, शैफाली सोनी, ज्योति पंचेश्वर तथा राजश्री का विशेष परिस्थिति में सहयोग उल्लेखनीय रहा।
हिन्दुस्थान संवाद