सिवनी, 11 अगस्त। जिले के कलेक्टर डॉ.राहुल हरिदास फटिग ने बुधवार को विभागीय समीक्षा बैठक लेकर महिला बाल विकास के अधिकारियों को मातृ मृत्युदर में कमी लाने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये है वहीं अप्रैल से जुलाई माह में 10 मातृ मृत्यु प्रकरणों जांच कर लापरवाही करने वाले व्यक्तियों पर कडी कार्यवाही के निर्देश दिये है।


कलेक्टर ने महिला बाल विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग की योजनाओ की समीक्षा करते कर विभाग द्वारा तैयार की गई मातृ मृत्यु दर तथा बाल मृत्युदर एवं कुपोषण में कमी लाने के लिए कार्ययोजना पर चर्चा करते हुए परिवार नियोजन को प्रोत्साहित करने, गर्भधारण की शीघ्र पहचान तथा पंजीयन के साथ ही गर्भवती माता एवं उनके परिवार को समय समय मे जरूरी सलाह प्रदाय करने के निर्देश दिये वहीं मैदानी अमले को निर्देशित किया कि कोई भी गर्भवती महिला एएनसी से छूटे तथा सभी जरूरी टीके लगाए जाऐं इसी के साथ ही आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हितग्राहियों के गृह भेंट कर जरूरी जांच आदि समयानुसार करते रहें।
उन्होनें पोषण आहर वितरण की भी समीक्षा करते हुए अति कुपोषित बच्चों को अनिवार्यतः एनआरसी में भर्ती , संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहित करने के भी निर्देश अधिकारियों को दिए।
इस दौरान अप्रैल से जुलाई माह तक जिलें में हुई कुल 10 मातृ मृत्यु प्रकरणों पर संबंधित बीएमओ से विस्तृत चर्चा कर मृत्यु के कारणों को जाना और इन प्रकरणों की विस्तृत जांच करने के निर्देश देते हुए जांच में विभागीय लापरवाही पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के विरूध्द सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए है।
हिन्दुस्थान संवाद