सिवनी, 11 सितम्बर। जिले में शनिवार को आयोजित नेशनल लोक अदालत में राजीनामा के माध्यम से बिछड़े परिवार मिले।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सिवनी ने बताया कि 21 मई 21 को आवेदिका ने मासिक भरण पोषण भत्ता दिलाये जाने के संबंध में परिवार न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत किया था, आवेदिका का विवाह अनावेदक से 28 अप्रैल 18 को हिन्दू विधि एवं जाति प्रथा अनुसार संपन्न हुआ था। उभयपक्ष में विवाद के कारण मई 21 में प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत हुआ।


प्रकरण की सुनवाई के दौरान पीठासीन अधिकारी श्रीमती किरण सिंह, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय सिवनी ने कई बार बैठकें कर दोनों पक्षों को सुना तथा उन्हें समझौते के माध्यम से प्रकरण समाप्त करने की समझाईश दी गई जिसका परिणाम यह हुआ कि शनिवार को आयोजित नेशनल लोक अदालत में दोनों ही पक्षकारों ने राजीनामा कर लिया तथा साथ रहकर दाम्पत्य जीवन निर्वाहित करने हेतु सहमत हुये।
इसी प्रकार कुटुम्ब न्यायालय सिवनी में 04 अन्य प्रकरण वैवाहिक विवाद के संबंध में प्रस्तुत किये गये थे, जो कि पिछले 01 वर्ष से कुटुम्ब न्यायालय में लंबित थे। प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय सिवनी द्वारा प्रकरण के पक्षकारों को समझाईश दी जाकर राजीनामा कराया गया। इन चारों प्रकरणों में पति-पत्नि साथ रहकर दाम्पत्य जीवन निर्वाहित करने के लिये सहमत हुये। इन सभी प्रकरणों के पक्षकारों को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पवन कुमार शर्मा एवं पीठासीन अधिकारी श्रीमती किरण सिंह, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय सिवनी द्वारा पौधा व मिठाई भेंट करते हुये भावी सुखमय जीवन के लिये शुभकामनाएं प्रदान की।
हिन्दुस्थान संवाद