सिवनी , 11 अक्टूबर। जिले के कुरई ब्लाक अंतर्गत ग्राम सावंगी में कुपोषण से एक 2 वर्षीय बालक की मौत संबधी खबर बीते दिन सोशल मीडिया में वायरल हुई जिसके सम्बद्ध में महिला बाल विकास विभाग ने सोमवार की इसकी पुष्टि करते हुए बालक की मौत का कारण माता- पिता द्वारा विभाग के दिये गये परामर्श को उचित ढंग से पालन न करना एवं बच्चे के इलाज हेतु झाड-फूक प्रक्रिया का सहारा लेना बताया है।

महिला बाल विकास के जिला कार्यक्रम अधिकारी अभिजीत पचौरी ने बताया कि परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास कुरई एवं विकास खण्ड चिकित्सा अधिकारी से बच्चे की मौत के संबंध में जानकारी प्राप्त किये जाने पर यह तथ्य प्रकाश में आये कि मृत बच्चे का जन्म दिनांक 18जुलाई 19 को हुआ था। बच्चा जन्म से ही कमजोर एवं बिस्तर पर लेटा हुआ रहता था, जो कि जन्म से ही अति कमजोर बजन 2 किलो 300 ग्राम का बच्चा था। बच्चे की माता एवं बच्चे को महिला एवं बाल विकास विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग की सभी योजनाऐं-जैसे टेक होम राशन का वितरण और रेडी-टू-ईट का वितरण पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी सभी समझाइस गृह भेट के माध्यम से दी गई। टीकाकरण एवं समय-समय पर बजन एवं मानीट्रिंग कर सभी योजनाओं से लाभांवित किया गया, चूकि बच्चे की स्वास्थ्य की स्थिति पूर्व से ही ठीक नही थी।

आगे बताया गया कि ब्लाकस्तरीय स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अमले द्वारा बच्चे को 26 फरवरी 20 एवं 25 जून 20 को कुरई ब्लाक अंतर्गत एन.आर.सी. में भर्ती कराया गया था।

        परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग कुरई के प्रतिवेदन अनुसार ब्लाकस्तरीय टीम द्वारा बच्चे के माता-पिता के कथन लिये गये जिसके अंतर्गत जानकारी प्रकाश में आई की बच्चे को बीते 7-8 दिनों गंभीर खासी-सर्दी एवं श्वास लेने में तकलीफ थी परिजनों द्वारा बच्चे का इलाज प्रायवेट डाक्टर से कराया गया था साथ ही यह भी जानकारी प्राप्त हुई कि बच्चे के माता पिता द्वारा झाड-फूक संबंधी इलाज कराया गया था जिससे बच्चे का स्वास्थ्य खराब होते चला गया और 07 अक्टूबर 21 को दोपहर लगभग 2 बजे बच्चे की मृत्यु हो गई ।

आगे बताया कि स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के कुरई ब्लाक अंतर्गत अधिकारी कर्मचारियों द्वारा बच्चे एवं उसके परिवार को पूर्ण लाभ दिये गये हैं।

हिन्दुस्थान संवाद