सिवनी, 26 अगस्त।  पशुपालन एवं डेयरी विभाग उपसंचालक ने बताया किं आत्म निर्भर मध्यप्रदेश एवं पायलेट प्रोजेक्ट के तहत मध्य प्रदेश के दो जिले सिवनी एवं उज्जैन में बकरियों में कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम किया गया है। जिसके तहत सिवनी जिले में 26 जनवरी 21 से बकरियों में कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम सिवनी विकासखंड के ग्राम कान्हीवाड़ा में प्रारंभ किया गया। जिले को 800 कृत्रिम गर्भाधान लक्ष्य के विरूध्द 469 बकरियों में जमुनापारी, बीटल, बरबरी नस्ल के सीमन से गर्भित कराया गया। जिसमें से 88 बकरियां गाभिन है एवं 25 वत्स बकरी के उन्नत नस्ल के बच्चे पैदा हुए हैं। कार्यक्रम से पशुंपालकों को उन्नत नस्ल के बकरा/बकरी प्राप्त होंगे एवं जिले में मांस एवं दुग्ध उत्पादन में वृध्दि होगी। जिससे बकरी पालको की आय में वृध्दि होगी।

      ग्राम कामता में संचालित कार्यक्रम का कलेक्टर डॉ राहुल हरिदास फटिंग ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उपसंचालक पशुपालन विभाग एवं अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व सिवनी द्वारा कर बकरी पालकों से चर्चा की गई। उपसंचालक पशुपालन विभाग द्वारा बकरी पालको से अपील की है कि, बकरियों की उन्नत नस्ल प्राप्त करने हेतु बकरियों में कृत्रिम गर्भाधान का अधिक से अधिक लाभ ले।

हिन्दुस्थान संवाद