सिवनी,05 सितम्बर। जिले के नगरीय क्षेत्र में स्थित 12 आरामिल व बरघाट विकासखंड अंतर्गत 04 आरामिल बिना रिनेवल के चल रही है।
आरामिल के अध्यक्ष दिनेश लुथरा में बताया कि जनवरी 21 में आरामिल के संचालकों द्वारा रिनवेल लायसेंस के लिए आवेदन किया था बीते माह डीएफओ ने आदेश जारी करने के लिए कहा  था अभी तक आरा मिल संचालकों के रिनेवल लायसेंस प्राप्त नही हुये है।
एसडीओ वासनिक ने बताया कि आरामिल के संचालकों द्वारा आरामिल के रिनेवल के लिए आवेदन दिया गया है कुछ के लायसेंस जारी हो चुके है कुछ के बाकी है। वहीं यह भी बताया कि उनके व रेंज अधिकारी द्वारा प्रतिमाह आरामिलों का रूटिन चेकप किया जा रहा है। लायसेंस रिनेवल एक विभागीय प्रक्रिया है जो चल रही है।
वही कुछ आरामिल के संचालकों द्वारा बताया गया कि बीते आठ से विभाग द्वारा लायसेंस रिनेवल नही किया गया है। आवेदन देने के बाद उसकी समय सीमा होती है लेकिन आठ माह बाद भी वन विभाग के अधिकारियों द्वारा लायसेंस रिनेवल नही किया गया है।
मुख्य वनसंरक्षक वनवृत सिवनी अरूण कुमार मिश्रा ने बताया कि जानकारी संज्ञान में आई है आरामिल संचालकों को लायसेंस रिनेवल क्यों नही हुये यह जानकारी पता करवाते है।
ज्ञात हो कि दक्षिण सामान्य वनमंडल वर्षो से जमे अधीनस्थ अमले के कारण यहां लकडी के अवैध व्यापार जोरों पर चल रहा है जिसके कारण एक माह में होने वाली प्रक्रिया को 08 माह लग जाते है। प्रावधान अनुसार जब आरामिल संचालकों द्वारा समय रहते हुए प्रावधानों के तहत जरूरी दस्तावेज, शुल्क समय पर जमा किया गया है तो आठ माह बाद भी लायसेंस रिनेवल न होना संदेह के घेरे में है। वहीं जब आरामिल के लायसेंस रिनेवल नही हुये है तो सक्षम अधिकारियों द्वारा आरामिल का रूटिन निरीक्षण किस आधार पर किया जा रहा है।
सूत्रों के माने तो जिले में अवैध सागौन का व्यापार दिन प्रतिदिन फल फूल रहा है जिस पर वन विभाग अंकुश नही लगा पा रहा है।