सिवनी,22 नवंबर। जिले के खाद्य, राजस्व , पुलिस एवम मंडी के संयुक्त अमले ने 19 से 21 नवंबर तक अवैध धान परिवहन करते हुए 8 ट्रकों से 5280 बोरी धान जब्त किया है।
जिला आपूर्ति अधिकारी शैलेश शर्मा ने जानकारी दी कि खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 अंतर्गत समर्थन मूल्य में पंजीकृत किसानों के धान उपार्जन हेतु शासन से जारी उपार्जन नीति अनुसार जिले में 29 नवम्बर से 15 जनवरी 2022 तक उपार्जन कार्य किया जाना हैं।
जिले के पंजीकृत धान उपज किसानों को समर्थन मूल्य का वास्तविक लाभ प्राप्त हो सके , कोई भी व्यापारी या बिचौलिया किसान की आड़ में किसान के नामे अवैधानिक ढंग से अनैतिक लाभ प्राप्त न कर सके , अन्य प्रांतों से धान लाकर जिले के शासकीय धान खरीदी केंद्रों में धान का विक्रय न कर पाए आदि बिंदुओं की रोकथाम एवम नियंत्रण के लिए उपार्जन नीति की कंडिका 14.5 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिले के कलेक्टर द्वारा जिले की सीमावर्ती स्थानों पर चेक पोस्ट स्थापित कर अन्य प्रांतों से क्रय कर लाये जाने वाली धान की सघन जांच कार्यवाही खाद्य, राजस्व, पुलिस एवम कृषि उपज मंडी के अधिकारियों द्वारा सतत रूप से कराई जा रही हैं।
इसी क्रम में बीते दिन 19से 21 नवंबर तक खाद्य, राजस्व , पुलिस एवम मंडी के संयुक्त अमले ने कार्यवाही करते हुए आठ ट्रकों में लोड 5280 बोरी धान जिसकी अनुमानित मात्रा 2115 क्विंटल धान मय ट्रक वाहन सहित जब्त कर पुलिस अभिरक्षा में सौप कर दस्तावेजो की कृषि उपज मंडियों के माध्यम से विस्तृत जांच कराई जा रही हैं।
आगे बताया कि जब्त की गई धान उत्तर प्रदेश से 1400 से 1500 रुपये में खरीद कर सिबनी एवम बालाघाट जिले में बिना मंडी अनुज्ञा पत्र से लाई जा रही थी । अन्य प्रांतों से लाई जाने वाली उक्त धान उपज आगामी दिनों में शासकीय खरीदी केन्दों में किसान की आड़ में समर्थन मूल्य 1940 रुपये में विक्रय की संभावनाएं थी जिसको ध्यान रखते हुए शासन के निर्देशानुसार जिले में जांच कार्यवाही सतत रूप से की जा रही है। जिले की सीमावर्ती स्थानों के चेक पोस्ट के साथ-साथ सभी वेयर हाउस, व्यापारियों के गोदाम आदि में भी छापामार जांच कार्यवाही सतत की जा रही है। अवैधानिक तरीको से धान का भंडार या परिवहन पाए जाने पर उपार्जन नीति, कृषि उपज मंडी अधिनियम एवम अन्य विधि अनुरूप वैधानिक प्रावधानों में सख्त कार्यवाही की जा रही है।
हिन्दुस्थान संवाद

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