सिवनी, 17 मई। होम आइसोलेशन में रहकर डॉक्टर की सलाह और अपने हौसले से आगर मालवा निवासी 18 वर्षीय समीक्षा अटल ने कोविड से जंग जीत ली। वह कहती हैं कि चिकित्सकीय परामर्श के साथ सकारात्मक सोच और मजबूत इच्छाशक्ति कोरोना के खिलाफ लड़ने में सहायक होती है। समीक्षा ने बताया कि 16 अप्रैल को सर दर्द एवं तेज बुखार आने पर अपना कोरोना टेस्ट करवाया। और उसी दिन उनकी रिपोर्ट भी आ गई जिसमें वे कोरोना पॉजिटिव पाई गई । उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उन्हे थोड़ी घबराहट जरूर हुई परंतु वे आशावान थी कि कोरोना से जंग जीत जाएंगी।


   जांच की रिपोर्ट आने पर वे होम आइसोलेट हो गई होम आइसोलेशन में रहते हुए उन्होंने स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रदान की गई  सेवाओं का लाभ लिया ।जिला अस्पताल के चिकित्सकों से साथ ही वे फेमिली डाक्टर योगेश मुन्दडा के संपर्क में रही एवं  चिकित्सकों के बताए अनुसार दवाइयों का सेवन किया। समीक्षा का कहना है कि वे दिन में तिन बार 10 – 10 मिनट  भाप लेती रही गर्म पानी के गरारे  4 बार करे, साथ ही प्रोटीन युक्त भोजन लिया। चिकित्सकों द्वारा फोन के माध्यम से प्रतिदिन उनके सेहत की मानिटरिंग की गई। कोई भी परेशानी या असमंजस कि स्थिति में उन्होंने चिकित्सकों से सलाह ली। इसके साथ ही वे नियमित रूप से ध्यान योग की मुद्राए करने लगी। प्रतिदिन सुबह – शाम वे अपने तापमान, आक्सिजन लेवल और पल्स की जानकारी चिकित्सकों से साझा करती रही। इसके साथ ही घर के अन्य सदस्यों से दूरी बनाए रखी। आइसोलेशन के दौरान स्वप्रोत्साहन के लिए उन्होंने किताबें पढ़ी। एक मई को पूर्णतः स्वस्थ होने पर उन्हें होम आइसोलेशन से डिस्चार्ज किया गया।
    समीक्षा कहती हैं कि कोरोना से बिल्कुल न घबराएं चिकित्सकीय परामर्श के साथ मन मजबूत रखें। सकारात्मक सोच रखने से आसानी से कोरोना से जंग जीती जा सकती है।कोविड पीड़ित मरीज यदि पहले दिन  जाँच करा लेते हैं, दवा शुरू कर देते हैं, होम आइसोलेशन कंट्रोल रूम द्वारा बताये गए सुझावों का पालन करते हैं और सकारात्मक सोच के साथ समय बिताते हैं, तो वे इस बीमारी को बहुत आसानी से पराजित कर सकते हैं।सभी स्वस्थ रहे सरकार के बताऐ नियमों का पालन करे और इस देश को कोरोना मुक्त  बनाऐ।

हिन्दुस्थान संवाद