सिवनी, 25 मई। जिले में 1 मार्च 21 से आज दिनांक तक 18 से 60 वर्ष तक जिस व्यक्ति की मृत्यु इस अवधि के दौरान हुई है उन्हें मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर उन्हें कोविड-19 से मृत माना जाए, उनके परिजनों को 5 लाख रूपये की राशि और अव्यस्क सदस्यों को 5 हजार रूपये पेंशन, निःशुल्क शिक्षा और राशन दिया जाये, यदि सही में प्रदेश के मुख्यमंत्री कोविड-19 से मृतक के परिवारों को मद्द करना चाहते है तो मृत्यु प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, समग्र आईडी इन दस्तावेजों के आधार पर तत्काल पीड़ित परिवारों को सहायता पंहुचाने का काम करें।

उक्ताशय की मांग मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से जिला कांग्रेस कमेटी के सोशल मीडिया एवं आईटी सेल जिला अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने मंगलवार को जारी बयान में की है।


सुमित मिश्रा ने कहा कि मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, विधानसभा नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ की मांग कोविड-19 से मृत परिवारों को 5 लाख रूपये की सहायता राशि दी जाये, इस मांग के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कोविड-19 से परिवार के मुखिया या अभिभावक की मृत्यु होने पर घोषणा की है। जिसमें अव्यस्क हितग्राही, जिनके माता,पिता, अभिभावक जिनकी कोविड 19 से मृत्यु होने पर अनाथ हो गये है 5 हजार रूपये प्रतिमाह प्रत्येक बाल हितग्राही व खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत निःशुल्क राशन प्रदाय किया जायेगा और शिक्षा सहायता दी जायेगी।
सुमित मिश्रा ने कहा कि जिस प्रकार मध्यप्रदेश सरकार कोविड 19 से मृत लोगो के आंकडे छुपाने का काम कर रही है ऐसे में हितग्राही कैसे साबित करेंगे, उनके माता पिता और अभिभावकों की मृत्यु कोविड 19 से हुई है सिवनी जिले में अप्रेल माह में शासकीय रिकार्ड के अनुसार 1985 मृत्यु प्रमाण पत्र बने जिसमें नगरीय क्षेत्र में 371 मृत लोगो में से 192 मृत लोगो का कोविड-19 प्रोटोकाल से अंतिम संस्कार किया गया, ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड -19 प्रोटोकाल से अंतिम संस्कार किये जाने का कोई आंकडा नही रखा गया है। सरकार द्वारा सिवनी जिले में कोरोना से मृत आधिकारिक आंकडा 10 बताया गया है। जब सिवनी जैसे छोटे से जिले में कोविड-19 से मृत लोगो की संख्या जिनके मृत्यु प्रमाण पत्र बने है लगभग 2000 हजार है तो पूरे मध्यप्रदेश में मृत्यु का आंकडा सिर्फ अप्रेल माह में लाखो होगा। सरकार द्वारा आंकडे छुपाने पर सभी पात्र हितग्राहियों को इस योजना का लाभ मिलना असम्भव लग रहा है, सरकार की मंशा प्रभावितों को मद्त पंहुचाने की नही वरन दिखावा करने की है वैसे भी प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान घोषणा कर मुकर जाने के आदि हो चुके है, किन्तु संकट की इस घंडी में प्रदेश के लोगो के साथ शिवराज सिंह को गंभीरता से खडे रहने की आवश्यकता है।
हिन्दुस्थान संवाद