सिवनी 19 मई। जिला मुख्यालय स्थित इंदिरा गांधी जिला चिकित्सालय में 315 केवीए क्षमता का स्टैंडबाय ट्रांसफार्मर लगाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। उक्ताशय की जानकारी बुधवार की देर शाम को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. के.सी. मेश्राम ने दी है।

डाॅ.मेश्राम ने बताया कि जिला चिकित्सालय में कलेक्टर द्वारा नियमित निरीक्षण भ्रमण के दौरान सिविल सर्जन डाॅ. विनोद नावकर ने अवगत कराया था कि जिला चिकित्सालय में कोविड आईसीयू पीएसए आॅक्सीजन प्लांट तथा अन्य विद्युत संचालित उपकरणों के क्रियाशील होने के कारण विद्युत दाब बढ़ गया है तथा आए दिन मौसम में बदलाव आंधी, हवा, पानी के कारण बार-बार विद्युत प्रवाह बाधित होने की शिकायत पर कलेक्टर डाॅ. राहुल हरिदास फटिंग द्वारा निर्देश दिए गए थे कि कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग जबलपुर (विद्युत,यांत्रिकी) जबलपुर संभाग द्वारा जिला चिकित्सालय की विद्युत व्यवस्था का निरीक्षण कराकर प्रतिवेदन प्रस्तुत करे। जिसके परिपालन में कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग (विद्युत, यांत्रिकी) जबलपुर संभाग द्वारा अपने प्रतिवेदन में बताया कि जिला चिकित्सालय में स्वीकृत 11 केवी की लाईन पर 315 केवीए से ज्यादा विद्युत भार नही बढ़ाया जा सकता है। उन्होने निरंतर विद्युत प्रवाह बनाये रखने के लिए 315 केवीए क्षमता का एक अतिरिक्त स्टैंडबाय ट्रांसफार्मर लगाने का सुझाव दिया। जिसका उनके द्वारा प्रस्तुत प्राक्कलन में लगभग 15.53 लाख का अनुमानित व्यय आना है।

आगे बताया कि कलेक्टर ने कोविड-19 महामारी के दौरान जिला चिकित्सालय में समस्त उपकरण एवं आॅक्सीजन प्लांट नियमित रूप से संचालित रखने हेतु विद्युत विभाग द्वारा प्रस्तुत प्राक्कलन के आधार पर शासन को 315 केवीए का एक अतिरिक्त स्टैंडबाय ट्रांसफार्मर लगाने की स्वीकृति हेतु प्रस्ताव भेजा है। स्वीकृति उपरांत स्टैंडबाय ट्रांसफार्मर शीघ्र स्थापित होगा।

हिन्दुस्थान संवाद