PESA Act: वनमंडलाधिकारी ने दी ग्रामीणों को पेसा एक्ट की जानकारी, किया जागरूक

सिवनी, 09 दिसंबर। जिले के दक्षिण सामान्य वनमंडल अंतर्गत आने वाले परिक्षेत्र रूखड अंतर्गत प्राथमिक लघु वनोपज समिति ग्राम पंचायत शाखादेहि के गोली टोला में शुक्रवार की दोपहर आयोजित कार्यशाला में दक्षिण सामान्य वनमंडल के वनमंडलाधिकारी सुदेश महिवाल द्वारा पेसा एक्ट की जानकारी ग्रामीणों को दी गई।
वनमडंलाधिकारी ने बताया कि ग्रामीण भाई पेसा एक्ट से मिले अधिकारों का प्रभावी ढंग से उपयोग कर गांव का उत्थान करें। पेसा अधिनियम के क्रियान्वयन में प्रत्येक ग्रामीण सक्रिय सहभागी बने। उन्होंने ग्रामीणों को पेसा एक्ट से मिले अधिकारों के प्रति जागरूक किया। उन्होनें बताया कि पेसा एक्ट के नियम 25, 26 और 27 वन विभाग पर लागू होता है। वन क्षेत्र में जो गौण वनउपज ( तेदूपत्ता , महुलाफूल , साजा बीज, हर्रा, बहेडा एवं अन्य) होती है उसके लिए शासन ने ग्रामसभा को अधिकार दिये है। इसी क्रम में वनमंडलधिकारी सुदेश महिवाल द्वारा दक्षिण सामान्य वनमंडल के परिक्षेत्र खवासा अंतर्गत आने वाले ग्राम टुरिया में ग्रामीणों को आयोजित कार्य शाला में पेसा अधिनियम से संबंधित विस्तृत जानकारी एवं इसके क्रियान्वयन में ग्राम सभा समिति की महती भूमिका के विषय में विस्तृत से बताया गया।


इसी क्रम में वन परिक्षेत्र अधिकारी रूखड दानसी उइके , ग्राम पंचायत शाखादेही के सचिव राजपाल बघेल, सरपंच धनसिंह सरयाम व जनपद सदस्य देवशंकर मरकाम द्वारा भी पेसा एक्ट की विस्तृत जानकारी ग्रामीणो को दी गई।
ग्रामीणों को बताया कि उनकों गौण वनोपज संबंधित अधिकार में पारंपरिक रूप से लघु वनोपज का संग्रहण, स्वामित्व तथा प्रबंधन, अनुसूचित जनजाति और अन्यत परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006 की धारा 3(1) (ग). के अनुसार होगा।, ग्राम सभा अपने क्षेत्र के भीतर स्वयं या नियम 25 के अधीन गठित समिति या शासन द्वारा गठित किसी भी एजेंसी या समूह के माध्यम से गौण वनोपजों का संग्रहण एवं विपणन कर सकेगी।
एक या एक से अधिक ग्राम सभा चाहे तो संयुक्तरूप से वन विभाग के परामर्श से वनोपज की खरीदी एवं बिक्री के लिए न्यूनतम मूल्य तय कर सकेगी। ग्राम सभा ऐसे न्यूनतम मूल्य पर क्रय तथा उसके निपटान की व्यवस्थागत वन संसाधन योजना एवं नियंत्रण समिति के माध्यम से करेगी।
तेंदूपत्ते का संग्रहण एवं विपणन मध्य प्रदेश राज्य लघु वनोपज (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ मर्यादित के माध्यम से कराया जाएगा. तथापि ग्राम सभा चाहे तो तेंदू पत्ते का संग्रहण एवं विपणन स्वयं कर सकेगी बशर्ते ग्राम सभा इस बाबत संबंधित संग्रहण वर्ष के पूर्व वर्ष में 15 दिसम्बर तक इस हेतु संकल्प पारित कर ग्राम पंचायत के माध्यम से वन विभाग के क्षेत्रीय अधिकारियों को अवगत करवाये।


आगे बताया गया कि ग्राम सभा निम्न कर्तव्यों का निर्वहन करेगी जिनमें ग्राम सभा के अधिकार क्षेत्र में स्थित वनों के संरक्षण की जिम्मेदारी अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006 की धारा 3(1) (झ) तथा धारा के अनुसार ग्राम सभा की होगी।
ग्राम सभा वन संसाधनों के संरक्षण, संवर्धन और प्रबंधन का कार्य उसके द्वारा गठित वन संसाधन योजना एवं नियंत्रण समिति के माध्यम से करेगी। इस हेतु ग्राम सभा द्वारा आवेदन करने पर शासन के समस्त विभाग सहायता करेंगे।
ग्राम सभा परिवार और सामुदायिक जरूरतों जैसे निस्तार, चराई, जलावन, कृषि उपकरण बनाने के लिए सूखी और मरी हुई लकड़ी, बांस तथा पारंपरिक संस्कार में लगने वाले पदार्थों के आवश्यकतानुसार वन से निकालने के लिए व्यवस्था करेगी।
प्रत्येक ग्राम सभा अथवा ग्राम सभा समूह अपने- अपने क्षेत्रों में अपने सदस्यों के हितों, वनों के संरक्षण, संवर्धन और प्रबंधन, पर्यावरण में सुधार और स्थानीय रोजगार बढ़ाने के उद्देश्य से उपयुक्त कार्यक्रम बनाएगी।
प्रत्येक ग्राम सभा अथवा ग्राम सभा समूह अपने-अपने क्षेत्रों में अपने सदस्यों के हितों, वनों के संरक्षण , संवर्धन और प्रबंधन , पर्यावरण में सुधार और स्थानीय रोजगार बढाने के उददेश्य से उपयुक्त कार्यक्रम बनायेगी।
इस दौरान दक्षिण सामान्य वनमंडल के वनमंडलाधिकारी सुदेश महिवाल, जनपद सदस्य शाखादेही ज्ञानवती देवशंकर मरकाम ,ग्राम पंचायत शाखादेही सचिव राजपाल बघेल, सरपंच धनसिह सरयाम , रोजगार सहायक दिनेश धुर्वे , वन परिक्षेत्र अधिकारी रूखड दानसी उइके , उपवनक्षेत्रपाल लिक्खीराम सनोडिया, श्याम सिंह विश्वकर्मा एवं गोधनलाल बिंदवारी, दिनेश इनवाती , धानेश्वरी इनवाती, शशिकला इनवाती, मेहरसिंह, फूलसिंह , शेरसिंह उइके, शक्ति सिंह , राजेन्द्र ठाकरे, सुखलाल उइके, अनिल आडगे सहित अन्य ग्राम वासी उपस्थित रहे।

इसी क्रम में वनमंडलधिकारी सुदेश महिवाल द्वारा दक्षिण सामान्य वनमंडल के परिक्षेत्र खवासा अंतर्गत आने वाले ग्राम टुरिया में ग्रामीणों को आयोजित कार्य शाला में पेसा अधिनियम से संबंधित विस्तृत जानकारी एवं इसके क्रियान्वयन में ग्राम सभा समिति की महती भूमिका के विषय में विस्तृत से बताया गया।

इस दौरान वन परिक्षेत्र अधिकारी खवासा धनश्याम दास चतुर्वेदी , खवासा परिक्षेत्र का वन अमला एवं ग्राम टुरिया व अन्य ग्रामों के ग्रामीण उपस्थित रहे।


हिन्दुस्थान संवाद

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