मंदिरों में हुआ ध्वजा रोहण,अभिषेक,पूजन
घर-घर में लोगों ने रांगोली एवं दीपक जलाये
भोपाल, 25 अप्रैल। सब मिलकर आज जय कहो महावीर प्रभु की, मस्तक झुकाकर जय कहो,श्री वीर प्रभु की। यह भजन सुनते ही जैन समाज के लोगों को अहसास हो जाता था कि आज महावीर जयंती है। और लोग सुबह से ही इस उत्सव को धूमधाम से मनाने के लिये जुट जाते थे। वर्तमान में राष्ट्रीय स्तर पर कोरोना महामारी के चलते अब गिने-चुने लोग ही मंदिर के आसपास या मंदिर में पूजन-अभिषेक करते हुए देखे गये। लोगों ने प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी दिगम्बर जैन बड़े मंदिर में पूजन-अभिषेक एवं आरती का कार्यक्रम आयोजित किया।
शिखरों पर चढ़ ध्वज लहराया-
इस उत्सव को लेकर बालिकाओं ने अपने घरों के सामने चौंक,रगोंली पूरी और घरों में भगवान के समक्ष दीपक जलाकर पूजन किया। कुछ बालिकाओं ने अपने घरों के बर्तनों को ही बजाकर अपना उत्साह दिखाया। वहीं नवयुवकों ने मंदिर के शिखरों पर चढ़कर ध्वज चढ़ाया। निश्चित ही यह सभी दृृश्य इस वर्ष सादगी के साथ आयोजित किये गये।
महिलाओं ने गौ-ग्रास कराया-
दिगम्बर जैन महिला समाज की महिलाओं ने इस उत्सव पर घरों के सामने गायों को रोटी खिलाकर गौग्रास की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस त्यौहार को सादगी के साथ मनाया। समाज की प्रमुख श्रीमति शक्कर जैन, सुशीला बागड़,श्रीमति सुनीता जैन,श्रीमति अंजली जैन,नीलम बाझल, प्रीति कौशल,सोयल जैन सहित अनेक महिलाओं ने कहा कि वर्तमान में जिस तरह का वातावरण है,उसे देखते हुए सभी को घर पर ही रहकर इस त्यौहार को मनाने की आवश्यकता है।
समाज के गणमान्य रहे उपस्थित-
दिगम्बर जैन समाज के अध्यक्ष मिलन बाझल,प्रफुल जैन, आनंद जैन, नरेश दिवाकर, सुनील कुमार, प्रभात जैन,संजय दिवाकर,नितिन जैन, शालू जैन,रिंकू चौधरी, रोहित चौधरी, संजय जैन सहित अनेक लोगों ने सुबह से ही घरों के सामने रगोली सजाकर इस उत्सव को मनाया। इस वर्ष रजत रथ में श्रीजी की भव्य शोभायात्रा नही निकाली जा सकी। चूंकि लॉकडाउन के चलते लोग सोशल डिस्टेंसिंग एवं शारीरिक दूरी के नियमों का पालन कर रहे है। इसलिऐ यह कार्यक्रम एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थगित कर दिये गये। 

हिन्दुस्थान संवाद

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