सिवनी, 27 सितम्बर। पेंच टाइगर रिजर्व, सिवनी अंतर्गत खवासा इंटरप्रिटेशन सेंटर में सोमवार को मुख्य वनसंरक्षक व क्षेत्र संचालक पेंच टाईगर रिजर्व अशोक कुमार मिश्रा ने आगामी 01 अक्टूबर से कोर क्षेत्र में प्रारंभ होने जा रहे ईको पर्यटन के संबंध में रिसोर्ट मालिकों, जिप्सी वाहन मालिकों, जिप्सी चालकों एवं गाइडों की बैठक आयोजित कर पर्यटन संबंधी चर्चा की।

क्षेत्र संचालक एवं मुख्य वनसरंक्षक अशोक कुमार मिश्रा ने सोमवार की दोपहर को जानकारी दी कि सोमवार को आयोजित बैठक में रिसोर्ट मालिकों से पर्यटन को बढ़ावा देने एवं पर्यटकों को बेहतर अनुभव प्राप्त हो जिससे उनमें वन एवं वन्यप्राणी संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़े विषयों पर चर्चा करते हुए रिसोर्ट मालिकों की समस्याओं को सुना गया व निराकरण का प्रयास किये जाने का आश्वासन दिया गया। इस दौरान रिसोर्ट मालिकों के सुझावों को भी सुना गया।
बताया गया कि इस दौरान गाइड एवं जिप्सी चालकों को पार्क क्षेत्र के भीतर नियमों का पालन करने एवं अनुशासन में रहने की समझाइश व नियमों का पालन नहीं करने पर कड़ी कार्यवाही की चेतावनी दी गई।

क्षेत्र संचालक ने बताया कि पर्यटकों को बेहतर अनुभव कैसे हो विषय पर आवश्यक समझाइश एवं सुझाव दिये साथ ही गाइड एवं जिप्सी चालक एवं मालिक की भी समस्याओं को सुना एवं निराकरण किया गया। पर्यटन को बढ़ावा देने एवं पर्यटकों को आवश्यक सुविधायें एवं बेहतर अनुभव प्रदान करने की चर्चा की गई। साथ ही कोरोना गाइड लाईन का कड़ाई से पालन किये जाने संबंध में समझाईश दी गई।

उन्होनें बताया कि इसके पूर्व उन्होनें रूखड़ बफर अंतर्गत बफर क्षेत्र में पर्यटन को सुचारू रूप से चलाने हेतु गाइड एवं पर्यटन संबंधी अधिकारी कर्मचारियों की बैठक लेकर नियमों के संबंध में जानकारी दी एवं अनुशासन का पालन करने की समझाइश दी। इस दौरान गाइडों एवं कर्मचारियों की समस्याओं का निराकरण किया गया। कोरोना गाइड लाईन का पालन सुनिश्चित हो एवं पर्यटकों को बेहतर अनुभव हो जिससे उनकी वन एवं वन्यप्राणी के प्रति संवेदनशीलता में वृद्धि हो इस पर चर्चा की थी।
इस दौरान अधर गुप्ता, उप संचालक, बी.पी.तिवारी, सहायक वन संरक्षक (सिवनी क्षेत्र), आशीष कुमार पाण्डेय, अधीक्षक, आशीष खोब्रागढ़े परिक्षेत्र अधिकारी कर्माझिरी, राहुल उपाध्याय परिक्षेत्र अधिकारी खवासा बफर, विलास डोंगरे, परिक्षेत्र अधिकारी रूखड़ बफर एवं पर्यटन संबंधी अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहें।
हिन्दुस्थान संवाद