सिवनी, 12 जुलाई। जिले के पेंच टाईगर रिजर्व में अन्य बाघ से लड़ाई के दौरान घायल टी 11 बाघ को पेंच प्रबंधन के अमले हाथियों की मदद से सोमवार को रेस्क्यू किया है जिसे मंगलवार 13 जुलाई को उपचार हेतु वन विहार भोपाल भेजा जायेगा।


पेंच टाईगर रिजर्व सिवनी के मुख्य वन संरक्षक एवं क्षेत्र संचालक विक्रम सिंह परिहार ने सोमवार की देर शाम को हिस को बताया कि शुक्रवार-शनिवार (09-10 जुलाई) की दरम्यिानी रात में यह सूचना मिली कि पेंच टाइगर रिजर्व, सिवनी के खवासा परिक्षेत्र के अंतर्गत बाज रिसोर्ट, ग्राम आवरघानी में एक बाघ रात्रि में दिखा है एवं वह घायल है एवं गर्दन झुका कर चल रहा है। जिस पर तत्काल हाथियों को शनिवार 10 जुलाई की सुबह स्थल पर भेजा गया। शनिवार एवं रविवार 11 जुलाई को हाथियों से तथा पैदल अधिकारियों एवं स्टाफ के द्वारा बाज रिसोर्ट स्थल पर ढूंढा गया एवं आस-पास के वनक्षेत्र में भी उसे ढूंढा गया किन्तु वह नहीं मिला।
आगे बताया गया कि सोमवार 12 जुलाई को पुनः हाथियों से सर्चिंग में बाघ को बाज रिसोर्ट के कैम्पस में पाया गया। बाघ के अवलोकन से इसको अत्यंत अशक्त पाया गया जिस पर तत्काल प्रधान मुख्य वन संरक्षक, वन्यप्राणी से चर्चा कर एवं अनुमति लेकर उसे बेहोश कर उसका इलाज किया गया। बाघ की फोटो का पेंच टाइगर रिजर्व के रिकार्ड में उपलब्ध फोटोज से मिलान करने पर यह पाया गया कि यह बाघ टी 11 (रैयाकस्सा बाघ) नर बाघ है एवं इसकी उम्र लगभग 17 वर्ष है। टी 11 की गर्दन के पास 13 घाव, कंधे एवं पुट्ठे आदि भी कई घाव हैं। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि किसी अन्य बाघ से लड़ाई में इसे गर्दन पर चोट पहुंची है। माह जून 2018 में भी इसकी अलीकट्टा के पास किसी बाघ की लड़ाई से घायल होने पर इलाज किया गया था एवं बचाया गया था। जिसे उपचार के लिए मंगलवार 13 जुलाई को वन विहार भोपाल भेजा जा रहा है।
हिन्दुस्थान संवाद