सिवनी, 16 नवंबर। जिला आपूर्ति अधिकारी द्वारा जानकारी दी गई कि खरीफ विपणन मौसम 2021-22 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन नीति के अनुसार कॉमन धान का समर्थन मूल्य 1940 रूपये प्रति क्विंटल तथा ग्रेड-ए धान का 1960 रूपये प्रति क्विंटल औसत अच्छी गुणवत्ता धान का भारत सरकार द्वारा समर्थन मूल्य घोषित किया गया है। उपार्जन अवधि 29 नवम्बर 2021 से 15 जनवरी 2022 तक निर्धारित की गई है। सिवनी जिले में धान उपार्जन एजेंसी म.प्र.स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन है। किसानों द्वारा बिक्रित धान का भुगतान जेआईटी सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन प्रोटोकॉल के अनुसार किया जायेगा।

  उन्होंने बताया कि उपार्जन कार्यों के लिए जिले में अनुमानित 117 उपार्जन केन्द्र बनाए जाएगें। उपार्जन पोर्टल पर ड्रापडाउन में प्रदर्शित 66 केन्द्रों में से आज दिनांक तक 55 उपार्जन केन्द्रों का निर्धारण किया जा चुका है तथा शेष का निर्धारण किया जा रहा है। उपार्जन कार्य से पूर्व उपार्जन एवं भण्डारण केन्द्रों के नापतौल उपकरणों एवं धर्मकांटो का कैलिब्रेशन किया जाकर धर्मकांटो की सी.पी.यू. सील किया जायेगा। उपार्जन केन्द्र संचालन के लिये आवश्यक भौतिक तथा मानव संसाधन की व्यवस्था प्रबंधक, म.प्र.स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन, उपायुक्त सहकारिता एवं महाप्रबंधक, जिला सहकारी बैंक द्वारा की जायेगी। धान की गुणवत्ता भारत सरकार द्वारा धान की निर्धारित एक समान विनिर्दिष्टियों के अनुसार ही रहेगी। जिनका पालन किसान उपार्जन केन्द्र एवं उपार्जन एजेंसी द्वारा किया जाएगा। कलेक्टर डॉ. राहुल हरिदास फटिंग द्वारा जिले में उपार्जन एजेंसी गुणवत्ता नियंत्रण, पर्यवेक्षण, एफएक्यू खरीदी के लिये जिला एवं विकासखण्ड स्तरीय समितियों का गठन किया जा चुका है।

  जिला आपूर्ति अधिकारी ने जिले के किसानों से अपील की है कि उपार्जन केन्द्रों में औसत गुणवत्ता की धान लेकर ही आए व साथ में धान उपज विक्रय के समय उपार्जन केन्द्र पर आधार कार्ड की छायाप्रति, बैंक खाता आईएफएससी कोड की जानकारी, समग्र आईडी सदस्यों की प्रति, वनाधिकार पटटाधारी को पटटे की प्रति, सिकमीदार किसानों को सिकमी अनुबंध की प्रति एवं किसान पंजीयन पर्ची का हस्ताक्षरित प्रिन्टआउट प्रति, खसरे/ऋण पुस्तिका (मोबाईल एप से पंजीयन कराने वाले किसानों हेतु) जिनका मिलान उपार्जन केन्द्र प्रभारी द्वारा किया जायेगा तथा मिलान होने के बाद कृषक तौल पर्ची जारी की जायेगी।

  उपार्जन केन्द्रों में उपार्जन नीति के अनुसार उपार्जन कार्य कृषकों से सप्ताह में 5 दिवस सोमवार से शुक्रवार तक प्रातः 8 से शाम 7 बजे तक किया जायेगा। शनिवार एवं रविवार को शेष स्कंधो का परिवहन, भण्डारण, लेखा का मिलान तथा अस्वीकृति स्कंधों का अपग्रेडेशन एवं अस्वीकृति की कार्यवाही की जावेगी। उन्होंने किसानों से एसएमएस आने पर ही उपार्जन केन्द्रों में विक्रय हेतु अपनी उपज सुखाकर साफ एवं छन्ना लगाकर गुणवत्तायुक्त धान लेकर निर्धारित खरीदी केन्द्र में पहुंचकर कर समर्थन मूल्य का लाभ प्राप्त करने की अपील की है। 

हिन्दुस्थान संवाद

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