Next Super mom of pench: सुप्रसिद्ध कॉलरवाली की बेटी, पाटदेव मादा पेंच नेशनल पार्क की अगली सुपर मॉम

नूतन वर्ष के प्रथम माह में दिखी चार शावक के साथ, वर्ष 2014 से 2023 तक दिये कुल 20 शावकों को जन्म
सिवनी, 09 जनवरी। विश्व विख्यात पेंच नेशनल पार्क की कॉलर वाली बाघिन टी-15 ने 29 शावकों को देकर विश्व रिकार्ड बनाया है। उन्ही शावकों में से एक मादा शावक ने जो अब टी-4(पाटदेव)बाघिन के नाम से जानी जाती है। उसने पांचवे लिटर में 4 शावकों को जन्म दिया है इन शावकों की किलकारियों से पेंच नेशनल पार्क गुलजार हो गया है। वर्तमान में पाटदेव बाघिन (टी4) जो कि अपने चार शावकों के साथ पार्क की शोभा बढ़ा रही है। वह कॉलरवाली बाघिन की ही संतान है। पार्क प्रबंधन को पूर्ण विश्वास है कि यह बाघिन शीघ्र ही अपनी मां का स्थान लेकर कॉलरवाली बाघिन की विरासत को आगे बढ़ाएगी। और आगामी समय में पेंच नेशनल पार्क की सुपर मॉम के रूप में जानी जायेगी।


पेंच प्रबंधन के अनुसार मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में स्थित विश्वविख्यात पेंच नेशनल पार्क में सर्वाधिक 29 शावको को जन्म देने वाली कालर वाली बाघिन (टी-15) ने विश्व रिकार्ड दर्ज किया है। टी-15 (कॉलरवाली बाघिन) ने अक्टूबर 2010 में तीसरे लिटर में पांच शावकों को जन्म दिया है। उन्हीं शावकों में से एक मादा शावक ने, जो अब टी-4 (पाटदेव) बाघिन के नाम से जानी जाती है, ने अपने चौथे लिटर में 10 वर्षों के पश्चात् 30 नवम्बर 20 को 5 शावकों को जन्म दिया है।


आगे बताया कि टी-4 (पाटदेव) बाघिन ने पहले लिटर में वर्ष 2014 में 4 शावक, दूसरे लिटर में वर्ष 2016 में पुनः 4 शावक एवं तीसरे लिटर में वर्ष 2018 में 3 शावक को , चौथे लिटर में वर्ष 2020 में 5 शावक को और पांचवे लीटर में वर्ष 2023 में जन्म चार शावकों को जन्म दिया है जो अब लगभग डेढ माह के हो गये हैं एवं स्वस्थ हैं। टी-4 बाघिन अब तक कुल 20 शावकों को जन्म दे चुकी हैं।

उल्लेखनीय है कि पेंच टाईगर रिजर्व, सिवनी के अंतर्गत परिक्षेत्र कर्माझिरी के बीट कुम्भादेव के कक्ष क्रमांक 589 में कॉलरवाली बाघिन ने 15 जनवरी 22 को सायं 6.15 बजे अंतिम सांस ली। पूरे देश में कॉलर वाली बाघिन के नाम से मशहूर पेंच टाइगर रिजर्व की बाघिन टी-15 जब तक जीवित रही, वन्यजीव प्रेमियों को लुभाती रही। उसकी मौत से देश और प्रदेश के हर उस व्यक्ति को धक्का लगा था, जो उसे जानता था। कॉलर वाली बाघिन की मौत ने न सिर्फ पर्यावरण प्रेमियों को झकझोरा, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी प्रभावित किया।


यही वजह रही कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 30 जनवरी 22 को प्रसारित मन की बात कार्यक्रम में कॉलर वाली बाघिन का जिक्र करने से खुद को रोक नहीं सके।देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रकृति से प्रेम और करूणा ये हमारी संस्कृति भी है और सहज स्वभाव भी है,हमारे इन्हीं संस्कारों की झलक अभी हाल ही में तब दिखी जब मध्यप्रदेश के पेंच टाईगर रिजर्व में एक बाघिन ने दुनिया को अलविदा कर दिया। इस बाघिन को लोग कालर वाली बाघिन कहते थे। वन विभाग ने इसे टी 15 नाम दिया था। इस बाघिन की मृत्यु ने लोगों को इतना भावुक कर दिया जैसे उनका कोई अपना दुनिया छोड गया हो लोगों ने वकायदा उसका अंतिम संस्कार किया उसे पूरे सम्मान और स्नेह के साथ विदाई दी।
आगे कहा कि आपने भी ये तस्वीरें सोशल मीडिया में जरूर देखी होगी। पूरी दुनिया में प्रकृति और जीवों के लिए हम भारतीयों के इस प्यार की खूब सराहना की। कालर वाली बाघिन ने जीवनकाल में 29 शावकों को जन्म दिया और 25 को पाल पोस कर बढा भी बनाया। हमने टी15 के इस जीवन को भी सेलीब्रेट किया। और जब उसने दुनिया छोडी तो उसे भावुक विदाई भी दी। यही तो भारत के लोगों को खूबी है। हम हर चैतन्य जीव से प्रेम का संबंध बना लेते है।
कुल आठ बार में 29 शावकों को जन्म देकर विश्व रिकार्ड बनाया
बाघिन टी 15 का जन्म वर्ष 2005 के सितंबर माह में उस समय की विख्यात बाघिन बड़ी मादा से हुआ था। आगे चलकर बड़ी मादा की मृत्यु के पश्चात् कॉलरवाली ने अपनी मां की विरासत को गौरवपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाया। कॉलरवाली बाघिन ने मई 2008 से दिसम्बर 2018 के मध्य कुल आठ बार में 29 शावकों को जन्म दिया और पेंच में बाघों का कुनबा बढ़ाने में अपना अविस्मरणीय योगदान दिया। एक बाघिन का अपने जीवन काल में 29 शावकों को जन्म देना एक विश्व रिकार्ड है एवं 29 शावकों में से 25 शावकों को जन्म पश्चात् एक बाघिन द्वारा जीवित रख पाना भी अपने आप में अभूतपूर्व कीर्तिमान है। कॉलरवाली बाघिन ने मई 2008 में प्रथम बार में तीन शावकों को, अक्टूबर 2008 में चार शावकों को, अक्टूबर 2010 में पांच शावकों को, मई 2012 में तीन शावकों को, अक्टूबर 2013 में तीन शावकों को, अप्रेल 2015 में चार शावकों को, 2017 में तीन शावकों को एवं दिसम्बर 2018 में चार शावकों को जन्म दिया था।

पाटदेव मादा पेंच की अगली सुपर मॉम बनने की राह पर

पेंच नेशनल पार्क के उपसंचालक रजनीश सिंह ने हिस को बताया कि जैसी मां वैसी बेटी’ बाघिन टी4 या अधिक लोकप्रिय रूप से पर्यटकों और गाइडों के बीच पाटदेव मादा के रूप में संदर्भित पेंच की अगली सुपर मॉम बनने की राह पर है।
सुप्रसिद्ध कॉलरवाली की बेटी, पाटदेव मादा ने 2014 से अब तक कुल 20 शावकों को जन्म दिया है (पहला शावक 2014 में 4 शावक, 2016 में 3 शावक, 2018 में 4 शावक, 2020 में 5 शावक, 2023 – 4 शावक) । जंगल में शावकों को पालना कोई आसान काम नहीं है और प्रसिद्ध माताराम के रिकॉर्ड के करीब पहुंचना भी अपने आप में एक उपलब्धि है। हम पाटदेव मादा के मातृत्व के और अधिक सफल वर्षों की कामना करते हैं और आशा करते हैं कि वह विश्व प्रसिद्ध कॉलरवाली की योग्य उत्तराधिकारी बने।
हिन्दुस्थान संवाद

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