MP Pench Park Collared Tigress: सुपर टायग्रेस माम पर जारी हुआ था स्पेशल कवर व डाक टिकिट

शावकों पर न्यूजीलैंड व कनाडा से जारी हुआ व्यक्तिगत डाक टिकिट

*रवि सनोडिया* सिवनी, 19 जनवरी । जिले के पेंच टाइगर रिजर्व को विश्व में ख्याति दिलाने में अहम योगदान देने वाली टी15 कालर वाली बाघिन (माताराम) वर्ष 2015 में ही पापुलर टायग्रेस हो गई थी जिस पर 20 मार्च 2015 को अंतरराष्ट्रीय वन दिवस के शुभ अवसर पर टुरिया गेट पर आयोजित कार्यक्रम में भारत के डाक विभाग द्वारा स्पेशल कवर व डाक टिकिट जारी किया गया था।

एपीसीसीएफ अतिरिक्त प्रभार अनुसंधान और विस्तार भोपाल संजय कुमार शुक्ला ने हिन्दुस्थान संवाद को बताया कि वर्ष 2015 में वह सिवनी वन वृत के मुख्य वनसंरक्षक के पद पर कार्यरत थे तब उनके द्वारा 20 मार्च 2015 को अंतरराष्ट्रीय वन दिवस के शुभ अवसर पर पेंच टाईगर रिजर्व के टुरिया गेट में आयोजित कार्यक्रम में डाक विभाग द्वारा जारी स्पेशल कवर स्पेशल कवर व डाक टिकिट जारी कराया गया था जिसमें पेंच टाईगर रिजर्व की पापुलर टायग्रेस का छायाचित्र था।

उन्होंने बताया कि इसी प्रकार कनाडा एवं न्यूजीलैंड में भी व्यक्तिगत डाक टिकिट उसके शावकों के छायाचित्र पर जारी कराया गया था।

पेंच प्रबंधन के अनुसार पेंच टाइगर रिजर्व, सिवनी को विश्व में पहचान दिलाने वाली मादा बाघ टी 15 ने 29 शावकों को जन्म दिया और पेंच में बाघों का कुनबा बढ़ाने में अपना अविस्मरणीय योगदान दिया है। रिजर्व के परिक्षेत्र कर्माझिरी के बीट कुम्भादेव के कक्ष क्रमांक 589 में कॉलरवाली बाघिन ने 15 जनवरी 22 को सायं 6.15 बजे उसने अंतिम सांस ली है।

कुल आठ बार में 29 शावकों को जन्म देकर विश्व रिकार्ड बनाया

बाघिन टी 15 का जन्म वर्ष 2005 के सितंबर माह में उस समय की विख्यात बाघिन बड़ी मादा से हुआ था। आगे चलकर बड़ी मादा की मृत्यु के पश्चात् कॉलरवाली ने अपनी मां की विरासत को गौरवपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाया। कॉलरवाली बाघिन ने मई 2008 से दिसम्बर 2018 के मध्य कुल आठ बार में 29 शावकों को जन्म दिया और पेंच में बाघों का कुनबा बढ़ाने में अपना अविस्मरणीय योगदान दिया। एक बाघिन का अपने जीवन काल में 29 शावकों को जन्म देना एक विश्व रिकार्ड है एवं 29 शावकों में से 25 शावकों को जन्म पश्चात् एक बाघिन द्वारा जीवित रख पाना भी अपने आप में अभूतपूर्व कीर्तिमान है। कॉलरवाली बाघिन ने मई 2008 में प्रथम बार में तीन शावकों को, अक्टूबर 2008 में चार शावकों को, अक्टूबर 2010 में पांच शावकों को, मई 2012 में तीन शावकों को, अक्टूबर 2013 में तीन शावकों को अप्रेल 2015 में चार शावकों को, 2017 में तीन शावकों को एवं दिसम्बर 2018 में चार शावकों को जन्म दिया था।

कॉलरवाली बाघिन की ही संतान बाघिन (टी4)

वर्तमान में पाटदेव बाघिन (टी4) जो कि अपने पांच शावकों के साथ पार्क की शोभा बढ़ा रही है। वह कॉलरवाली बाघिन की ही संतान है पार्क प्रबंधन को पूर्ण विश्वास है कि यह बाघिन शीघ्र ही अपनी मां का स्थान लेकर कॉलरवाली की विरासत को आगे बढ़ाएगी।

हिन्दुस्थान संवाद

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