सिवनी, 09जनवरी। मध्यप्रदेश के विश्वविख्यात प्रियदर्शनी इंदिरा गांधी पेंच नेशनल पार्क में अखिल भारतीय बाघ आंकलन वर्ष 2022 फ्रेज-1 (फील्ड से डाटा एकत्रित करना) के तहत 05 जनवरी से 11 जनवरी तक चल रही बाघ गणना के दौरान उत्तर सामान्य वनमंडल में पहली बार और दक्षिण सामान्य वनमंडल, नरसिंहपुर वनमंडल, बरघाट प्रोजेक्ट में पहले से अधिक व पेंच टाईगर रिजर्व के 9 परिक्षेत्रों की 109 बीटों में बाघ के साक्ष्य मिले है।


पेंच प्रबंधन के अनुसार अखिल भारतीय बाघ आंकलन वर्ष 2022 के अंतर्गत पेंच टाईगर रिजर्व सिवनी मध्यप्रदेश में भी बाघ एवं अन्य वन्यप्राणियों की गणना का कार्य 05 जनवरी से प्रांरभ हुआ है।

प्रांरभिक तीन दिवस में मांसाहारी वन्यप्राणी की गणना की जाकर अगले तीन दिवस में शाकाहारी वन्यप्राणियों की गणना की जायेगी। पेंच टाईगर रिजर्व अंतर्गत कुल 9 परिक्षेत्र है जिनमें से तीन परिक्षेत्र कोर एवं 06 परिक्षेत्र बफर है। इन सभी परिक्षेत्रों की कुल 109 बीटों में गणना का कार्य उत्साह के साथ वन कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा है। गणना के दौरान पेंच टाईगर रिजर्व की सभी 109 बीटों में बाघ के साक्ष्य प्राप्त हुये है। इसके अतिरिक्त अन्य मांसाहारी वन्यप्राणियों के भी लगभग सभी बीटों में सांक्ष्य प्राप्त होने की सूचना है।


आगे बताया गया कि आशा है कि इस बार वर्ष 2018 गणना की तुलना में अधिक संख्या में वन्यप्राणियों की उपस्थिति पेंच टाईगर रिजर्व में प्रदर्शित होगी। यह निश्चित ही पेंच टाईगर रिजर्व के प्रबंधन एवं कर्मचारियों की मेहनत और लगन का परिणाम है। गणना का कार्य तीन चरणों में होता है प्रथम चरण में फील्ड के कर्मचारी मौके पर पहुंचकर फील्ड से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष साक्ष्य एकत्रित करते है। द्वितीय चरण में प्रथम चरण से प्राप्त डाटा को अध्ययन के लिए डब्ल्यूआईआई भेजा जाता है।

तृतीय चरण में जंगल में केमरा ट्रेप लगाकर छायाचित्र प्राप्त किये जाते है। वहीं जानकारी के अनुसार पेंच टाईगर रिजर्व अंतर्गत क्षेत्रों में केमरा ट्रेप लगाकर गणना का कार्य भी प्रांरभ कर दिया गया है।


मुख्य वनसंरक्षक एवं क्षेत्र संचालक पेंच टाईगर रिजर्व अशोक कुमार मिश्रा ने रविवार को हिन्दुस्थान संवाद को बताया कि उत्तर वनमंडल में पहली बार बाघ के साक्ष्य मिले है वहीं नरसिंहपुर वनमंडल,दक्षिण सामान्य वनमंडल , बरघाट प्रोजेक्ट में पहले से अधिक साक्ष्य मिले है। और पेंच की सभी बीटों में बाघ के साक्ष्य मिले है। आशा है इस बार वर्ष 2018 की गणना की तुलना में अधिक संख्या में वन्यप्राणियों की उपस्थिति पेंच टाईगर रिजर्व सहित अन्य वनमंडलों में प्रदर्शित होगी।


हिन्दुस्थान संवाद

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