सिवनी, 11 अक्टूबर ।  राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के तत्वाधान में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार दिनांक 02 अक्टूबर  से 14 नवम्बर 2021 तक ‘‘आजादी का अमृत महोत्सव’’ अंतर्गत सिवनी जिले में जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा हैं। जिसके अंतर्गत दिनांक 11 अक्टूबर 2021 को शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय प्रांगण, तहसील लखनादौन में मेगा/वृहद विधिक जनजागरूकता शिविर/मेला का आयोजन किया गया।


  कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला न्यायालय सिवनी द्वारा मॉं सरस्वती की मूर्ति पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलित कर किया गया। कार्यक्रम में श्री सुनील कुमार मिश्र, चतुर्थ जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, जिला न्यायालय सिवनी, श्री आशुतोष अग्रवाल, जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष तहसील विधिक सेवा समिति लखनादौन, श्री चंद्रकिशोर बारपेटे, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला न्यायालय सिवनी, सुश्री सुनीता खण्डायत, अपर कलेक्टर सिवनी,  श्री सिद्धार्थ जैन, अनुविभागीय अधिकारी लखनादौन, श्री के0एल0 यादव, अध्यक्ष अधिवक्ता संघ तहसील न्यायालय लखनादौन व श्री फजिल अहमद खान, उपाध्यक्ष तहसील अधिवक्ता संघ लखनादौन ने सरस्वती पूजन किया व शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय की छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई। शुभारंभ पश्चात श्री चंद्रकिशोर बारपेटे, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के द्वारा आयोजित वृहद/मेगा विधिक जनजागरूकता षिविर/मेला के आयोजन के संबंध में संक्षिप्त परिचय व स्वागत उद्बोधन करते हुए उपस्थित नागरिकों को बताया कि ’’न्याय सबके लिए’’ हैं अर्थात न्याय पाने का सभी को समान अधिकार हैं। संविधान के 42वें संषोधन समान न्याय और निःशुल्क विधिक सहायता संबंधी अनुच्छेद 39-क स्थापित किया गया हैं। जिसके अनुसार राज्य यह सुनिश्चित करेगा कि विधिक तंत्र इस प्रकार काम करें कि समान अवसर के आधार पर न्याय सुलभ हों, और वह, विशिष्टतया, या सुनिश्चित करने के लिए कि आर्थिक या किसी भी अन्य निर्योग्यता के कारण कोई नागरिक न्याय प्राप्त करने के अवसर से वंचित न रह जाए, उपयुक्त विधान या स्कीम द्वारा या किसी अन्य रीति से निःशुल्क विधिक सहायता की व्यवस्था करेगा। उन्होंने यह भी बताया कि, संविधान की मंशा स्पष्ट हैं कि आर्थिक या सामाजिक या पारिस्थितिक या अन्य किसी भी निर्योग्यता के कारण समाज का कोई भी वर्ग न्याय से वंचित नहीं होना चाहिए।


       श्री के0एल0 यादव, अध्यक्ष अधिवक्ता संघ तहसील विधिक सेवा समिति, तहसील न्यायालय लखनादौन ने अपने उद्बोधन में कहा न्यायपालिका के भीतर प्रत्येक व्यक्ति को न्याय सुलभ हो, इसी मंषा एवं उद्देश्य से राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं तहसील विधिक सेवा प्राधिकरण की स्थापना की गई। इन्होंने लखनादौन के उपस्थित नागरिकों से यह अपील की, कि यदि किसी भी व्यक्ति को किसी भी प्रकार की विधिक सहायता व सलाह की आवश्यकता हैं, तो वह निःसंकोच विधिक सेवा प्राधिकरण में संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं एवं निःशुल्क अधिवक्ता प्राप्त कर अपने प्रकरण की पैरवी करवा सकते हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित श्री सुनील कुमार मिश्र, चतुर्थ जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, जिला न्यायालय सिवनी द्वारा ’’अर्न्तराष्ट्रीय बालिका दिवस’’ विषय पर संबोधित करते हुए कहा कि, महिलाओं के प्रति होने वाले भेदभाव को समाप्त करने तथा उन्होने समानता के अधिकार दिलाने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ ने वर्ष 2012 से प्रतिवर्ष 11 अक्टूबर को ’’अर्न्तराष्ट्रीय बालिका दिवस’’ घोषित किया। कोई भी समाज विकृतियों से अछूता नहीं है। हमारे समाज में भी कुछ काल पूर्व से ही स्त्रियों के साथ भेदभाव किया जाने लगा। कन्या भू्रण हत्या और बाल विवाह के मामलें बढ़ने लगे तथा संसद को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 और गर्भधारण पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन प्रतिषेध अधिनियम) 1994, जैसे कानून बनाने पडे़। दहेज संबंधी अपराधों पर अंकुष लगाने के लिए संसद ने दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 पारित किया। साथ ही भारतीय दण्ड संहिता में दहेज हत्या एवं दहेज प्रताड़ना के दण्ड की व्यवस्था की गई। महिलाओं के भरण पोषण और उत्तराधिकार के लिए कानून बनाये।


       प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश /अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला न्यायालय सिवनी ने अपने उद्बोधन में बताया कि न्याय केवल न्यायालय में चलने वाले मुकदमें या उनमें होने वाले फैसलों तक सीमित नहीं है। वास्तविक न्याय तभी होगा, जब प्रत्येक व्यक्ति को उसका वैधानिक हक प्राप्त होगा। अनेक शासकीय योजनाओं का लाभ जानकारी के अभाव में या अज्ञानतावष वास्तविक पक्षकारों  को प्राप्त नहीं होता है। अर्थात उनके साथ अप्रत्यक्ष रूप् से अन्याय होता है। ऐसे ही पक्षकारों को उनसे संसबंधित शासकीय योजनाओं की जानकारी और लाभ दिलाने के लिए शासन के विभिन्न विभागों के सहयोग से आज का यह शिविर आयोजित   किया गया है। साथ ही सभी हितग्राही एवं सर्वसंबंधितों से अपील कि इस षिविर में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर योजनाओं की जानकारी प्राप्त करें तथा पात्रता अनुसार अपना हक प्राप्त करें।


       वृहद जागरूकता शिविर/मेला कार्यक्रम में जनपद पंचायत विभाग, स्वास्थ्य विभाग, खाद्य विभाग, नगरपालिका परिषद, राजस्व विभाग, पशुपालन विभाग, मत्स्य विभाग, कृषि विभाग, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, वन मण्डल विभाग उक्त सभी विभागों के स्टॉल लगाये गये थे जिनके माध्यम से सभी विभागों ने अपने-अपने विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के संबंध में उपस्थित नागरिकों को अवगत कराया तथा पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित भी किया जिसमें मुख्य कार्यपालन अधिकारी लखनादौन द्वारा 06 वृद्धावस्था पेंशन, 02 हितग्राहियों को ट्रायसाईकिल व 06 हितग्राहियों को मुख्यमंत्री संबल योजना के अंतर्गत 20-20 हजार रूपये की अनुग्रह सहायता राशि प्रदान की। इसी क्रम में मत्स्य विभाग द्वारा कुल 24 हितग्राहियों को मछुआ प्रशिक्षण योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त करने संबंधी प्रमाण पत्र वितरण कर लाभान्वित किया गया तथा 91,350/- रूपये प्रशिक्षण भत्ता 87 प्रशिक्षुओं को प्रदान किया गया। साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड योजना के अंतर्गत 17 हितग्राहियों को राशि 85000/- रूपये की ऋण राशि प्रदाय की गई। खाद्य विभाग द्वारा 05 लाभार्थियों को उज्जवला योजना के अंतर्गत रसोई गैस कार्ड प्रदान कर लाभान्वित किया गया। राजस्व विभाग द्वारा 05 हितग्राहियों को नामांतरण एवं नवीन ऋण पुस्तिका प्रदान की गई। नगरपालिका परिषद लखनादौन द्वारा कुल 02 हितग्राहियों को पी0एम0 स्वनिधि स्ट्रीट वेण्डर योजना के अंतर्गत 10-10 हजार रूपये की राशि प्रदान की गई। कृषि विभाग द्वारा कुल 58 हितग्राहियों को स्प्रिंकल सेट, पाईपलाइन प्रकरण अनुदान स्वीकृति कर 7,52,852/- की अनुदान राशि से लाभान्वित किया गया। लाड़ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा कुल 19 बालिकाओं को शिविर स्थल पर प्रमाण पत्र वितरित किया गया। 

हिन्दुस्थान संवाद