मंडला, 06 जनवरी । मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार के नित नए मामले सामने आ रहे हैं। अब मंडला जिले में लोकायुक्त पुलिस की टीम ने एक ब्लाक मेडिकल आफिसर को बीस हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथों पकड़ा है।

अधिकारी ने सुपरवाइजर का ट्रांसफर रुकवाने के लिए रिश्वत की मांग की थी। इसकी शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस की टीम ने गुरुवार को योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई को अंजाम दिया।

जानकारी के मुताबिक, जबलपुर लोकायुक्त पुलिस की टीम ने गुरुवार को दबिश देकर मंडला जिले के बिछिया स्वास्थ्य केंद्र में ब्लाक मेडिकल आफिसर (बीएमओ) डा. दिनेश टाकसांडे को बीस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा है। लोकायुक्त डीएसपी दिलीप झरबड़े ने बताया कि सुपरवाइजर महेंद्र लाल चौधरी का स्थानांतरण मंडला जिले में ही विकासखंड कार्यालय बिछिया के अंतर्गत ककैया से घुघरी हो गया था। स्थानांतरण रुकवाने के लिए बीएमओ टाकसांडे ने 75 हजार रुपये रिश्वत के रूप में मांग की थी।

डीएसपी झरबड़े ने बताया कि सुपरवाइजर महेन्द्र पाल चौधरी के मौसा जी सुभाष देशराज ने इसकी शिकायत लोकायुक्त कार्यालय में थी। शिकायत की पुष्टि होने के बाद गुरुवार को लोकायुक्त की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से आवेदक को पैसे लेकर बीएमओ टाकसांडे के पास भेजा और जैसे ही उन्होंने पैसे दिए, उसी समय टीम ने दबिश देकर बीएमओ को रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपित बीएमओ के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

हिन्दुस्थान संवाद

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