जबलपुर, 18 अप्रैल । अभीतक विपक्षी पार्टी कांग्रेस ही कोरोना के मुद्दे पर सरकार को कठघरे में खड़ा कर रही थी, लेकिन अब मरीजों के इलाज में आ रही समस्याओं को लेकर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं का गुस्सा भी फूटने लगा है। अपनी दादी और परिवार के दो अन्य लोगों की मौत पर भाजपा के मंडल अध्यक्ष ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके अपनी ही सरकार पर सवाल उठा दिया। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के समझाने पर मंडल अध्यक्ष ने अपनी पोस्ट को डिलीट किया।

भाजपा के नुनसर मंडल अध्यक्ष का सोशल मीडिया पर दर्द छलक पड़ा। उन्होंने अपनी दादी और निकट के दो लोगों की मौत पर लिखा कि जब मंडल अध्यक्ष जैसे पद पर होने के बावजूद मैं इंजेक्शन और ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं कर सका और अपनों को नहीं बचा सका तो आम इंसान की क्या हालत होगी। इसी के बाद उन्होंने शिवराज सरकार को निकम्मी सरकार बताया।

जानकारी के अनुसार पाटन के नुनसर मंडल अध्यक्ष अजय पटेल की दादी और निकट के दो लोगों की कोरोना से मौत हो गई। अजय के मुताबिक तीनों मौत की वजह इंजेक्शन और ऑक्सीजन की व्यवस्था न होना था। उनका कहना है कि मैं अपनी पार्टी के सारे नेताओं को कॉल करता रहा, लेकिन कोई मदद नहीं मिल पाई। अपनों को खोने का दर्द अजय पटेल बर्दाश्त नहीं कर पाए। अपना आक्रोश उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। इस पर देखते ही देखते 100 से अधिक लोगों के कमेंट आ गए। सभी ने बदहाल इलाज की व्यस्था पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया।

भाजपा के मंडल अध्यक्ष की इस पोस्ट को कांग्रेस ने हाथोंहाथ लिया। नगर कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश यादव ने आरोप लगाया कि हम तो पहले से ही इस सरकार को निकम्मी बता रहे थे, अब तो बीजेपी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी भी बोलने लगे हैं। यही सच भी है। यादव ने कहा कि निश्चित रूप से यह सरकार की नाकामी है। अपनी ही पार्टी के एक कार्यकर्ता को रेमडेसिविर इंजेक्शन और ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं करवा पाना ये बताता है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवा की क्या हालत है। मामले ने जब तूल पकड़ा तो पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने अजय पटेल से बात की। उनके गुस्से का समर्थन किया, लेकिन साथ ही पार्टी के साथ उनके जुड़ाव और समर्पण की याद दिला कर उनसे वह पोस्ट डिलिट कराई।

इनपुट-हिन्दुस्थान समाचार