भोपाल, सिवनी 24 अप्रैल। कोरोना संक्रमितों की लगातार बढ़ती संख्या के आगे तमाम व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं। अस्पताल छोटे पड़ रहे हैं और उनमें न बेड उपलब्ध हैं, न ऑक्सीजन। ऐसे में किसी को फर्श पर लिटाकर इलाज किया जा रहा है, तो किसी को बिना इलाज के ही लौटना पड़ रहा है। सिवनी जिले में हुई ऐसी ही एक घटना पर मानव अधिकार ने संज्ञान लिया है। इस मामले में आयोग ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सिवनी (म.प्र.) से 6 मई 2021 तक प्रतिवेदन मांगा है।

मानव अधिकार आयोग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार प्रदेश के सिवनी जिले के सरकारी अस्पतालों में व्याप्त अव्यवस्था और लापरवाही की एक शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। इस तस्वीर में एक वृद्ध मरीज अस्पताल के बाहर जमीन पर लेटा हुआ है। मरीज के साथ लगे खम्भे से ऑक्सीजन का सिलेंडर बंधा हुआ है और उसी सिलेण्डर से उसे ऑक्सीजन मिल रही है। यह स्थिति कोई एक-दो घंटे नहीं, बल्कि 18 घंटे से अधिक समय तक चली, लेकिन मरीज को बेड नहीं मिल सका। इस दौरान वृद्ध मरीज के साथ उसकी परिजन महिला भी फर्श पर बैठी रही।

इनपुट-हिन्दुस्थान समाचार