earthquake

सिवनी, 04 अक्टूबर। जिले में सोमवार 04 अक्टूबर की सुबह 7.49 बजे रिक्टर स्केल पर 3.6 तीव्रता और 8.12 बजे 2.9 तीव्रता का भूकंप का झटका दर्ज किया गया है। जिसका एपीसेंटर 5 किलोमीटर गहराई में स्थित है।

नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलाजी , पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय , भारत सरकार की बेबसाइट के अनुसार सिवनी जिले में पहला भूंकप उत्पत्ति समय 04 अक्टूबर 07ः49ः47 आईएसटी अक्षांश 21.96 देशांतर 79.56 , परिमाण 3.7 गहराई 5 किमी पर दर्ज हुआ है। वहीं दूसरा दूसरा भूंकप उत्तत्ति समय 04 अक्टूबर 08ः12ः04 आईएसटी अक्षांश 22.04 देशांतर 79.68 परिमाण 2.9 गहराई 5 किमी दर्ज किया गया है। आज आए भूकंप के झटके से जिलेवासियों में भय का माहौल था। हालाकि भूकंप से किसी भी तरह की जानमाल के नुकसान होने की सूचना नहीं है।

वर्ष 2020 में दर्ज किये गये 5 भूंकप, 22 नवंबर को रहा सबसे तीव्रता वाला भूंकप

जिले में 01 अक्टूबर को भूंकप समय 11ः49ः09 आईएसटी अक्षांश 22.11 देशांतर 79.59,
परिमाण 3.6, गहराई 5 किमी दर्ज किया गया था। 21 सितम्बर को 06ः05ः58 आईएसटी अक्षांश 22.06, देशांतर 79.62, परिमाण, 2.1 और गहराई 10 किलोमीटर दर्ज किया था। पिछले वर्ष अक्टूबर-नवंबर का महीना भूकंप का रहा। यहां 50 से ज्यादा भूगर्भीय कंपन लोगों ने महसूस किये वहीं रिएक्टर स्केल पर 5 बार भूकंप के झटके दर्ज किये है। जिसमें 27 अक्टूबर में पहला भूकंप 3.3 तीव्रता, 31 अक्टूबर को दिन में दो बार तीव्रता 3.1 और 3.5 रही. वहीं 9 नवंबर को तीव्रता 3.4 , 22 नवंबर को 4.7 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था।

ज्ञात हो कि जिला मुख्यालय से लगे ग्राम डूंडासिवनी, छिड़िया पलारी व आसपास के ग्रामों में भूकंप जैसे हल्के झटके आमजन द्वारा एक पखवाडे से महसूस किए जा रहे हैं। पिछले वर्ष भी इस तरह के भूकंप व भूकंप जैसे तेज झटके आमजनों ने महसूस किए गए थे।

वहीं भूवैज्ञानिक शहर से लगे चूना भट्टी व आसपास के क्षेत्र में जमीन के नीचे नई प्लेट्स बनने और ज्यादा बारिश के कारण कंपन होने की संभावना जता रहे हैं।

जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इण्डिया की रिपोर्ट अनुसार, जल रिसाव की वजह से महसूस किया जा रहा कंपन

विगत दिवसों से आमजनों से प्राप्त हो रही भू- कंपन एवं आवाज आदि शिकायतों को लेकर जिला प्रशासन द्वारा विगत 22 सितम्बर 21 को जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इण्डिया भारत सरकार को प्रभावी क्षेत्रों में सर्वे का अनुरोध किया गया था। जिसके परिपालन में जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इण्डिया की टीम 24 सितम्बर 21 को जिले में पहुंची। जियोलॉजिस्ट एम.एस.पठान के निर्देशन में टीम ने कम्पन प्रभावी क्षेत्र आमाझिरिया, राघादेही, बींझावाड़ा, डूंडासिवनी, इंदावाड़ी, गहरानाला, चूना भट्टी, बिठली, मानेगांव, कोहका, माथाटोला, रिंझाई एवं सेलुआ तथा अन्य क्षेत्र का निरीक्षण करने के साथ ही स्थानीय व्यक्तियों से चर्चा की गई।


दल द्वारा किए गए सर्वे की रिपोर्ट 1 अक्टूबर को प्राप्त हुई है। प्राप्त रिपोर्ट पर कलेक्टर डॉ राहुल हरिदास फटिंग ने जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इण्डिया भारत सरकार के एडिशनल डायरेक्टर हेमराज सूर्यवंशी से विस्तृत चर्चा की गई। श्री सूर्यवंशी द्वारा बताया गया कि विगत दिवसों से सिवनी जिले में महसूस किया जा रहे सौम्य झटके earthquake  swarms  है, जो कि पानी के रिसाव के कारण होते हैं। यह सौम्य झटकों से नुकसानी की संभावना नहीं होती है।


जिला प्रशासन सतत रूप से जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इण्डिया के अधिकारियों एवं अन्य संबंधित वरिष्ठ कार्यालयों के सतत सम्पर्क में है। जिला प्रशासन द्वारा आमजनों से इन भू- घटनाओं से भयभीत न होते हुए सतर्कता बरतने की अपील की गई।

घरों से बाहर निकले लोग
रविवार-सोमवार की दरम्यिानी रात्रि 1.40 और 2.07 बजे मुख्यालय सहित आसपास के ग्रामों के आमजनों ने इसका महसूस किया और घर से बाहर निकलकर सडकों पर आ गये। कंपन के कारण लोगों की गहरी नींद भी टूट गई और वह घर के बाहर खडे होने को मजबूर हो गये। आमजनो के अनुसार बीते एक पखवाडे से भूगर्भीय हलचल हो रही है और आए सभी भूंकप में से सबसे तेज भूंकप को लोगों ने सोमवार की सुबह महसूस किए है। हालाकि इस भूकंप से कोई बड़ा नुकसान होने की खबर फिलहाल नहीं हैं। भूकंप के डर ने लोगों का सोना मुश्किल कर दिया। इस जोरदार भूकंप से लोगों में दहशत का माहौल हैं। वहीं जमीनी सतह से उपर प्रथम, द्वितीय, तृतीय तल में रहने वालें लोगों ने यह भूंकप का झटका ज्यादा महसूस किया है।


सीसीटीवी कैमरे मे कैद हुई भूगर्भीय हलचल
बीते दिनों आये व सोमवार को सबसे तेज भूंकप की हलचल को कई दुकानांेदारों ने अपने प्रतिष्ठान में लगे कैमरे में कैद किया है।
सुरक्षित और सतर्क रहने के दिये संदेश
सोशल मीडिया में जिलेवासियों द्वारा कहा गया कि यह भूंकप जिलेवासियों को डरा रहे है आप सतर्क रहिये , सुरक्षित रहिये।

भूकंप के संबंध में जिलेवासियों से पुलिस अधीक्षक ने की अपील


पुलिस अधीक्षक ने कहा कि भूकंप आने के पूर्व की तैयारी में आपदा किट (बैग) बनाकर रख लें, जिसमें मोबाईल, जरूरी कागजात, टार्च, माचिस, मोमबत्ती, खाने पीने का सामान, कुछ रुपये व जरूरी दवाएं शामिल हो प्राथमिक चिकित्सा किट अपने घरों में अवश्य रखे।
मकान के जर्जर एवं क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत करा ले। झूमर, पंखे, भारी टांगने वाली वस्तुओं के नीचे न सोए। ज्वलनशील पदार्थों एवं गैस सिलेण्डर को सुरक्षित स्थान पर रखें। घर के बिजली के कनेक्शन व तारों को चैककर मरम्मत करवा ले एवं घर की बिजली सप्लाई हेतु मेन स्विच अवश्य लगवाये।


भूकंप आने पर क्या करें
भूकंप के झटके जैसे ही महसूस हो घबराये नहीं संयम बनाकर रखें एवं तत्काल से बाहर खुली जगह पर निकल जाए। बड़ी इमारत, बिजली के खंभों और पेड़ों से अधिक से अधिक दूरी बना ले। भूकंप के झटके महसूस होने पर पंखे, खिड़की, अलमारी और भारी सामानों से दूर रहें।
बेड, टेबल, डेस्क जैसे मजबूत फर्नीचर के नीचे घुस जाएं और उसके निचले हिस्सों को कसकर पकड़ लें ताकि झटकों से वह खिसके नहीं।
यदि आप बाहर नहीं आ सकते तो भूकंप के समय अपने भवन में ही किसी ऐसे कोने में जाकर दीवार से सटकर खड़े हो जाएं जो कोना आपके कमरे का ही नहीं भवन का भी कोना हो
कोने में खड़े होने के साथ ही आप अपने सिर के ऊपर तुरंत कोई मोटा तौलिया या चादर लपेट लें । ट्रैफिक पुलिस से डरकर आपने बहुत बार हेलमेट पहना होगा लेकिन इस बार भूकंप की स्थिति में हेलमेट पहन लीजिए जिससे आपके सिर की सुरक्षा हो सके।

भूकंप के समय ड्राइविंग कर रहे हों तो जहां हों वहीं कार रोककर सड़क पर खुली जगह में आ जाएं।
सबसे पहले घर के सारे इलैक्ट्रिक स्विच बंद कर दें ताकि किसी अनहोनी की स्थिति में करंट ना फैले।
हिन्दुस्थान संवाद