Crime: मासूम बालिका के साथ बलात्कार करने वाले आरोपितो को हुई सजा

सिवनी, 29 अगस्त। जिला न्यायालय के विशेष न्यायाधीश (पाक्सो) की न्यायालय ने सोमवार को कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत मासूम बालिका के साथ बलात्कार करने वाले तीन आरोपितों को सश्रम कारावास और अर्थदंड की सजा से दंडित करने का निर्णय सुनाया है।


जिला न्यायालय के प्रभारी मीडिया सेल व अभियोजन अधिकारी प्रदीप कुमार भौरे ने सोमवार की रात्रि को जानकारी दी कि 26 नंवबर 17 को पीडिता ने कोतवाली थाना में लिखित शिकायत दी कि वह अपनी परिचित शिवानी दीदी के साथ घुमने आयी थी, शिवानी दीदी ने उसे एक गुडिया नाम की दीदी मिलवायी, फिर तीनों शिवानी के पहचान के अंकल, जितेन्द्र तिवारी के घर गये, तब दीदी और गुडिया दीदी उसे छोडकर कुछ देर वही रूकने के लिए कहकर चले गये, वह सामने के कमरे में बैठी थी, तभी शाम 5.30 बजे अंकल(जितेन्द्र तिवारी) ने जबरदस्ती उसके साथ एक बार शारीरिक संबंध बनाया। इसके बाद वह किसी तरह घर से निकलकर भाग गयी और रात भर वहीं कही छुपी रही, सुबह रास्ते में वह कुछ लोगो से मिली जिन्होने पुलिस को फोन लगाकर उसे कोतवाली थाना सिवनी थाने भिजवा दिया।
बताया गया कि पीडिता की शिकायत पर कोतवाली थाने में जितेन्द्र उर्फ जित्तु तिवारी, संदीप उर्फ गुन्नू ठाकुर, ब्रजवीर उर्फ ब्रज्जू सदाफल, पंकज उर्फ पंकज अग्रवाल ,अखिलेख डहेरिया, दुर्गा प्रसाद क्षिरसागर, गणेश गोडवे, माया उर्फ शिवानी, आभा उर्फ गुडिया और श्रीमति सुशिलाबाई उर्फ मीना के विरूद्ध अपराध भादवि की धारा 376 एंव धारा 4 लैंगिक अपराधो से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 एवं 3(1)(इ), 3(2)(अ) एससी/एसटी एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर, विवेचना उपरांत अभियोग पत्र विशेष न्यायाधीश (पाक्सो), जिला सिवनी के न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
जिसकी सुनवाई सोमवार को विशेष न्यायाधीश (पाक्सो) की न्यायालय में की गई जहां पर अभियोजन के तर्को के आधार पर न्यायालय ने निर्णय पारित करते हुए तीन आरोपितों क्रमश जितेन्द्र उर्फ जित्तू तिवारी को भादवि की धारा 376(घ) में 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 08 हजार रूपये के अर्थदण्ड ब्रजवीर उर्फ बिज्जू सदाफल को भादवि की धारा 376(घ) में 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 08 हजार रूपये के अर्थदंड और पंकज अग्रवाल को धारा 4 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 के तहत 7 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 05 हजार रूपये के अर्थदंड से दोषसिद्ध पाते हुए दण्डित किया गया।
हिन्दुस्थान संवाद

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