भोपाल,29 अप्रैल।मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने  बीना रिफायनरी के पास निर्मित होने जा रहे एक हजार बिस्तरीय अस्थाई अस्पताल के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अस्पताल को समय-सीमा में प्रारंभ करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिये। वर्चुअल समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री मोहम्मद सुलेमान, प्रमुख सचिव नीरज मंडलोई, आयुक्त स्वास्थ्य श्री आकाश त्रिपाठी भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अस्पताल निर्माण के संबंध में टाइम लाइन के अनुसार व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बताया गया कि अस्पताल का अंतिम डिजाइन तैयार कर लिया गया है। अस्पताल में ऑक्सीजन गैस को कम्प्रेस करने के लिए 2 कम्प्रेसर की व्यवस्था कर ली गई है। इन्हें इन्स्टाल करने की कार्रवाई शीघ्र पूरी कर ली जायेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अस्पताल परियोजना के प्रतिवेदन तैयार कर सक्षम स्वीकृति के लिए समानांतर पेपर वर्क भी पूरा करें। परियोजना की समीक्षा के लिए संभाग एवं राज्य स्तरीय समितियों का गठन भी कर लिया जाए।

अपर मुख्य सचिव श्री सुलेमान ने बताया कि यह अस्पताल रिफरल होगा। इसमें केवल अन्य अस्पतालों द्वारा रिफर किए गये मरीजों को देखा जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी सीधे ओपीडी के पेशेन्ट अटेंड नहीं किए जाएंगे। सीधे ओपीडी के संबंध में परिस्थिति अनुसार भविष्य में निर्णय  किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्लांट से अस्पताल तक 800 मीटर लंबी पाईप लाइन डाली जा रही है। इसके लिए एक दो दिन में पाईप आ जायेंगे। लाईन बिछाने का काम शीघ्र प्रारंभ हो जाएगा। प्रमुख सचिव श्री नीरज मंडलोई ने बताया कि अस्पताल के अंदर बेड-टू-बेड पाइप लाईन का काम चलन में है, जिसे 8 से 10 दिन में पूरा कर लिया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि बीना रिफायनरी के पास चक्क गाँव  में 1000 बिस्तरीय अस्थाई अस्पताल बनाया जा रहा है। बीना में ऑक्सीजन गैस की उपलब्धता है परंतु सिलेण्डरों के माध्यम से इसका परिवहन नहीं किये जा सकने के कारण बीना में ही अस्पताल निर्माण का कार्य किया जा रहा है। इससे उपलब्ध ऑक्सीजन का उपयोग भी हो सकेगा एवं स्थानीय मरीजों को भी यथा स्थान उपचार मिल सकेगा।

हिन्दुस्थान संवाद