कोरोना के नए वेरिएंट से सिर्फ चिंतित नहीं सावधान भी रहें,विद्यालयों में 50 प्रतिशत क्षमता के साथ लगेंगी कक्षाएँ

तीसरी लहर की आशंका को करना है निर्मूल

सभी स्तरों की क्राइसिस मैनेजमेंट समितियों की बैठकें जल्द होंगी

प्रदेश में जीनोम सीक्वेंसिंग से जानेंगें संक्रमण की जानकारी 

दवाइयों सहित सभी व्यवस्थाएँ करेंगे सुनिश्चित

टेस्ट संख्या प्रतिदिन 70 हजार तक बढ़ाएँगे

दिसम्बर तक सेकेंड डोज सभी को लगाने का लक्ष्य

सभी लोग मॉस्क लगाएँपर्याप्त दूरी भी रखें

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने की आमजन से अपील

भोपाल, 29 नवंबर।मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में नवम्बर माह में इस सप्ताह  कोरोना संक्रमण के लगभग 100 केस आए हैं, जो चिंता का विषय न भी हों लेकिन हमें सजग रहने का संदेश दे रहे हैं। हम कोरोना के नए वेरिएंट से चिंतित ही नहीं सावधान भी रहें। यही हमारी ड्यूटी है। प्रदेश में अभी स्कूल पचास प्रतिशत विद्यार्थी क्षमता के साथ खुले रहेंगे। अभिभावकों की सहमति से ही विद्यार्थी विद्यालय आएँगे। साथ ही ऑनलाइन शिक्षा का विकल्प उपलब्ध रहेगा। कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को ध्यान में रखकर कोरोना से बचाव के सभी आवश्यक उपायों पर अमल किया जाए। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज निवास पर प्रदेश में कोरोना नियंत्रण और वर्तमान स्थिति पर अधिकारियों के साथ चर्चा कर रहे थे। बैठक में चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री विश्वास सारंग, मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कुछ देशों में कोरोना के नए वेरिएंट के आने से उत्पन्न परिस्थितियों पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि दिसंबर माह में सभी लोगों को कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन का दूसरा डोज लगे और मध्यप्रदेश की उपलब्धि शत-प्रतिशत हो जाए, इसके पूरे प्रयास करना हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मास्क का उपयोग अनिवार्य है, सभी नागरिक इसका उपयोग करें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जिला और ब्लाक स्तर के क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठकें बुलाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि किसी स्तर पर सावधानियाँ न हटे।

शीघ्र होंगी जिला और ब्लॉक स्तर के क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठकें 

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि अभी सार्वजनिक कार्यक्रमों पर रोक नहीं होगी, लेकिन संक्रमण रोकने के सभी नियमों और सावधानियों का पालन किया जाए। मुख्यमंत्री श्री चौहान एक दिसंबर को क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप के सदस्यों से चर्चा करेंगे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान के प्रमुख निर्देश 

·      मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि विदेशों में कोरोना के नए वेरिएंट के फैलने की सूचना है। अभी तक भारत में नए वेरिएंट की उपस्थिति की कोई सूचना नहीं है, लेकिन सावधानियाँ अत्यंत जरूरी है। इसलिए आज ही हमने बैठक करके कुछ फैसले किए हैं। विदेश से आने वाले यात्रियों पर नजर रखी जाएगी। जो लोग अन्य देशों की उड़ानों से आए हैं, उनका टेस्ट करवाने के साथ ही आवश्यक हुआ तो आइसोलेशन में रखा जायेगा। दूसरे देशों से मध्यप्रदेश में आने वाले यात्रियों के संबंध में भारत सरकार के सर्विलांस में नियमों का कड़ाई से पालन किया जाए। एक महीने में जितने भी लोग अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों से यहाँ आए हैं, उनकी कोरोना की जाँच करना है और अगर कोई कोरोना संदिग्ध पाया जाता है तो उसे आइसोलेशन में रखा जाए।

·      प्रदेश में जीनोम सीक्वेंसिंग के सैम्पलों की भी संख्या बढ़ाई जाएगी, जिससे अगर कहीं कोरोना संक्रमण की कोई स्थिति बने तो जानकारी का अभाव न रहे। जीनोम सीक्वेंसिंग एक तरह से किसी वायरस का बायोडाटा होता है। कोई वायरस कैसा है, किस तरह दिखता है, इसकी जानकारी जीनोम से मिलती है।

·         जितनी आवश्यक दवाइयाँ हैं, उनकी उपलब्धता सुनिश्चित कर ली जाए। चाहे वह रेमडेसिविर इंजेक्शन हो या अन्य दूसरी दवाइयाँ हों। अस्पताल में ऑक्सीजन की लाइनों से लेकर अन्य व्यवस्थाएँ, ऑक्सीजन प्लांट्स जो हमने लगाए हैं उनको भी चलाकर देखे क्योंकि कई जगह उसकी जरूरत पड़ ही नहीं रही थी और इसलिए जितनी आवश्यक तैयारी है वे सभी तैयारियाँ अस्पतालों में, दवाई की उपलब्धता के स्तर पर सुनिश्चित की जाए।

·         प्रतिदिन हो रहे टेस्ट की संख्या भी बढ़ाई जाए। वर्तमान में 58 से 60 हजार टेस्ट प्रतिदिन हो रहे हैं, उसकी संख्या और बढ़ाए। यह प्रयास हो कि प्रतिदिन कम से कम 70 हजार टेस्ट अवश्य हों। भारत सरकार और डब्ल्यूएचओ के निर्देशों का पूरी तरह से पालन किया जाए।

·          18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सबसे ज्यादा सावधानी की जरूरत है क्योंकि उनका टीकाकरण नहीं हुआ है। इसलिए तय किया गया है कि तत्काल प्रभाव मतलब सोमवार से स्कूल खुलेंगे, लेकिन स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति 50 प्रतिशत होगी। स्कूलों में 50 प्रतिशत बच्चे एक दिन आएँगे और शेष 50 प्रतिशत बच्चे दूसरे दिन आएँगे। इस तरह सप्ताह में तीन दिन वे विद्यालय जाएँगे। इसके साथ ही स्कूलों को ऑनलाइन क्लासेज चालू करनी पड़ेगी, जिससे पालकों के पास विकल्प रहे कि अगर वे बच्चों को स्कूल नहीं भेजना चाहते तो ऑनलाइन पढ़ाई हो जाए। इसलिए विकल्प सामने रहे। पैरेंट्स की इच्छा होगी तभी बच्चे स्कूल जाएँगे। पैरेंट्स की अनुमति के बिना बच्चे स्कूल नहीं बुलाए जाएँ।

·         मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कोरोना वैक्सीन की सेकेण्ड डोज लगभग 62.5 प्रतिशत लोगों को लग चुकी है। टीके प्रतिदिन लग रहे हैं। एक दिसंबर को टीकाकरण का महाअभियान है। सभी से मैं अपील करता हूँ कि पूरी ताकत के साथ जुटकर शेष बचे लोगों को कोरोना की सेकण्ड डोज या फर्स्ट डोज लगाकर टीकाकरण पूरा किया जाए।

·         मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि 29 नवंबर को हो रही कलेक्टर-कमिश्नर्स कॉन्‍फ्रेंस में नए वेरिएंट को देखते हुए सभी आवश्यक निर्देश दिए जाएँगे। प्रदेश पूरी तरह से एलर्ट पर रहेगा। एक दिसंबर की प्रात: क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटियों से चर्चा होगी।

·         प्रत्येक स्तर की क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटियों को  हम तैयार रखेंगे कि अगर तीसरी लहर आती है तो उससे लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार रहें। तीसरी लहर की आशंका को निर्मूल करना है। समाज के सहयोग के बिना लड़ाई जीतना कठिन होता है। पहले भी हमने समाज के सहयोग से ही लड़ाई जीती है।

·         सबसे जरूरी है फेस मॉस्क लगाना और परस्पर दूरी बनाना। अभी हम कार्यक्रमों पर प्रतिबंध नहीं लगा रहे हैं। स्थिति पर नजर रखी जा रही है। लेकिन ये अपील और आग्रह सभी प्रदेशवासियों से है कि कार्यक्रम में जाएँ तो अनिवार्य रूप से मॉस्क लगाएँ। यथा-संभव दूरी भी बनाए रखें। हाथ पहले की तरह साफ रखें और संक्रमण के जरा भी लक्षण दिखते हैं तो तुरंत टेस्ट करवाएँ। अभी स्थिति चिंताजनक नहीं है। प्रमुख रूप से दो शहरों इंदौर और भोपाल में पॉजीटिव केस आ रहे हैं। इनकी संख्या भी ऐसी नहीं है कि जो हमारे में मन में डर पैदा करे। लेकिन सावधानी जरूरी है।

·         कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग भी जरूरी है। जो पॉजीटिव पाए गए हैं उनका पूरा ध्यान रखा जाए, उन्हें आइसोलेशन में रखा जाए, अस्पताल जाने की व्यवस्था आदि की जाए। अफ्रीका और दुनिया के कई देशों में नया कोरोना वेरिएंट जो ज्यादा तेजी से फैलता है, पाया गया है। इसलिए सावधानी आवश्यक है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मैं  प्रदेशवासियों से अपील करता हूँ कि बिल्कुल भी असावधान न रहे, संक्रमण फैलने से रोकने के जो आवश्यक नियम हैं, उन सबका पालन करें। सरकार आपके साथ मिलकर कोई कसर नहीं छोड़ेगी। हमारी कोशिश रहेगी कि तीसरी लहर न आ पाए। 

हिन्दुस्थान संवाद

जागरूकता रथ को दिखाई हरी झंडी

सिवनी, 29 नवंबर। जिले में तम्बाकू नियंत्रण कानून के पूर्ण परिपालन के लिए जागरूकता बढाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश वालन्ट्री हैल्थ एसोसिएशन व स्वास्थ्य विभाग के द्वारा तम्बाकू नियंत्रण के लिए जागरूकता रथ निकला गया जो जिला एवं विकास खण्डस्तर पर तम्बाकू नियंत्रण कानून और तम्बाकू से होने वाली बीमारियों के बारे में आम जनता को जागरूक करेगा। इस जागरूकता रथ को जिला स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी-1 डॉ. एम.एस.घर्डे के द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

      इस अवसर पर उपस्थित डीएचओ-1 डॉ. एम.एस.घर्डे, डीएचओ-2 डॉ. आर.के. धुर्वे, राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण के जिला नोडल अधिकारी श्रीमति शांति डहरवाल, संभाग समन्वयक संजय शर्मा, संजय तिवारी, पी.पी.एस. राजपूत आदि उपस्थित रहे। अतिथियों द्वारा आमजनों से अनुरोध किया गया कि वे सार्वजनिक स्थानों जैसे शासकीय कार्यालय, मनोरंजन केन्द्र, पुस्तकालय, अस्पताल, स्टेडियम, होटल, शापिंग माल, कॉफी हाऊस, निजी कार्यालय, न्यायालय परिसर, रेल्वे स्टेशन, सिनेमा हॉल, रेस्टोरेंट, सभागृह, एयरपोर्ट, प्रतीक्षालय, बस स्टॉप, लोक परिवहन, शिक्षण संस्थान, टी स्टॉल, मिष्ठान भण्डार, ढाबा आदि पर धूम्रपान ना करें। सार्वजनिक संस्थानों के प्रबंधकों से अनुरोध है की वे अपने यहाँ धुम्रपान निषेध के सूचना पटल लगायें और लोगों को सार्वजनिक स्थानों पर धुम्रपान न करने दें। तम्बाकू को बढ़ावा देने वाली कोई सामग्री जैसे एश ट्रे आदि सार्वजनिक स्थानों पर न उपलब्ध कराएं, सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को थूकने न दे। तम्बाकू उत्पाद विक्रेता तम्बाकू उत्पादों का विज्ञापन न करें न ही नाबालिगों को तम्बाकू उत्पाद बेचे और शैक्षणिक संस्थानों के 300 फिट के दायरे में तम्बाकू उत्पाद की दुकान न लगायें और तम्बाकू उत्पाद निर्धारित स्वास्थय चेतावनियों के बिना न बेचें | नोडल अधिकारी श्रीमति शांति डहरवाल ने कहा कि निर्देशानुसार समय समय पर स्वास्थय विभाग अन्य विभागों के साथ मिलकर तम्बाकू नियंत्रण कानून के परिपालन के लिए दंडात्मक कार्यवाही भी करेगा। जिले को तम्बाकू नियंत्रण में अव्वल बनाने के लिए अत्यंत जरुरी है की हम सभी तम्बाकू नियंत्रण कानून का परिपालन करें।

      सरकार ने तम्बाकू नियंत्रण कानून (सिगरेट और अन्य तम्बाकू उत्पादन (विज्ञापन का प्रतिषेध और व्यापार तथा वाणिज्य उत्पादन, प्रदाय और वितरण का विनियमन) अधिनियम, 2003 बनाया गया है। इस कानून की धारा 4 के अनुसार सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान प्रतिबंधित है। धारा 5 के अनुसार तम्बाकू उत्पादों के विज्ञापन, प्रायोजन एवं प्रोत्साहन निषेध है। धारा 6 के अनुसार नाबालिगों के द्वारा तम्बाकू उत्पादों की बिक्री प्रतिबंधित है और शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में तम्बाकू उत्पादों की बिक्री प्रतिबंधित है। धारा 7 के अनुसार तम्बाकू उत्पादों के 85 प्रतिशत मुख्य भाग पर चित्रात्मक स्वास्थ्य चेतावनियां अनिवार्य है।  

      जिले को इस कानून की धारा 4, 5, 6 एवं 7 सम्मत बनाने हेतु प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और मध्यप्रदेश वालेन्ट्री हैल्थ एसोसिएशन द्वारा संभाग में प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए जिला कार्यशाला, विकासखंड कार्यशाला, प्रवर्तन अधिकारीयों का प्रशिक्षण, जिला स्तरीय समिति का गठन और तम्बाकू नियंत्रण कानून का उल्लंघन करने वालों पर अर्थदण्ड करने के लिए प्रवर्तन तंत्र स्थापित किया जा चुका है। तम्बाकू नियंत्रण में सफल बनाने के लिए जिले के सभी सार्वजनिक स्थानों, तम्बाकू उत्पाद की दुकानों आदि पर तम्बाकू नियंत्रण कानून की धारा 4, धारा 6अ एवं धारा 6ब के साइनेज (सूचना पटल) प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और मध्यप्रदेश वालेन्ट्री हैल्थ एसोसिएशन द्वारा लगाये जा रहे हैं नागरिकों से अनुरोध है की वे इस जन हितेषी पहल में अपना योगदान अवश्य दें। 

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‘’पुरूष नसबंदी पखवाड़ा अंतर्गत 4 दिसम्‍बर तक चलाया जाएगा सेवा प्रदायगी माह’’

सिवनी, 29 नवंबर। राज्य शासन के निर्देशानुसार कलेक्टर डॉ.राहुल हरिदास फटिंग के मागदर्शन में सम्पूर्ण जिले में 21 नवम्बर से 4 दिसम्बर 2021 तक पुरूष नसबंदी पखवाडा मनाया जा रहा है। पुरूष नसबंदी पखवाड़े का आयोजन राष्‍ट्रीय परिवार कल्‍याण कार्यक्रम के तहत किया जाता है। नसबंदी पखवाड़ा के प्रचार-प्रसार के लिए कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन करते हुए मोबिलाईजेशन और सामाजिक जागरूकता प्रचार प्रसार स्‍वयं सेवी संस्‍था के समन्‍वय से आशा एवं स्‍वास्‍थ्‍य कार्यकर्ताओं द्वारा लोगो को जानकारी दी जा रही है। सीएमएचओ डॉ. राजेश श्रीवास्‍तव ने बताया कि पुरूष नसबंदी पखवाड़े का मुख्‍य उद्देश्‍य है कि महिलाओं के साथ पुरूष की भागीदारी आवश्‍यक है, जिसका मुख्‍य थीम है, ‘’पुरूषो ने परिवार नियोजन अपनाया, सुखी परिवार का आधार बनाया’’। पुरूष नसबंदी एक सरल पद्धति से की जाती है जिसे बिना चीरा, बिना टांका पुरूष नसबंदी ऑपरेशन कराने वाले पुरूषों को सरकार द्वारा क्षतिपूर्ति प्रोत्‍साहन के रूप में 3000 एवं प्रेरक को 400 रूपये दिये जाते है।

      मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी सिवनी ने बताया कि नसबंदी पखवाड़े के अंतर्गत नसबंदी शिविर आज से जिला चिकित्‍सालय सिवनी एवं सिविल अस्‍पताल लखनादौन में आयोजित किए जाएंगे। सिवनी, गोपालगंज, कुरई, बरघाट तथा केवलारी के केस जिला चिकित्‍सालय सिवनी में डॉ. व्‍ही.के.नावकर व डॉ. राम रजक रिटा. तथा छपारा, लखनादौन, घंसौर, धनौरा के केस सिविल अस्‍पताल लखनादौन में डॉ. बी.एस.सोलंकी द्वारा 4 दिसम्‍बर 2021 तक प्रतिदिन किए जायेंगे।

      भारत सरकार द्वारा परिवार कल्‍याण की समस्‍त सेवाओं को सघन रूप से संचालित करने हेतु मिशन परिवार विकास के माध्‍यम से गर्भ निरोधक और परिवार कल्‍याण की सेवाओ की पहुंच को अधिक से अधिक बढ़ाने हेतु  स्‍थाई और अस्‍थाई विधि अपनाने पर हितग्राही व प्रेरक को प्रोत्‍साहन राशी दी जाती है। इन्‍हे मिलने वाली प्रोत्‍साहन राशि जिसमें पुरूष नसबंदी हितग्राही को 3000 रूपये एवं प्रेरक को 400 रूपये वही महिला नसबंदी हितग्राही को 2000 रूपये व प्रेरक को 300 रूपये दिए जाते है। इसी प्रकार प्रसवोत्‍तर महिला नसबंदी (प्रसव के 7 दिवस के भीतर) हितग्राही को रूपये 3000 रूपये व प्रेरक को 400 रूपये, पीपीआईयूसीडी हितग्राही को 300 रूपये व प्रेरक (आशा) को 150 रूपये, पीएआईयूसीडी में हितग्राही को 300 रूपये प्रेरक (आशा) को 150 रूपये तथा अंतरा इंजेक्‍शन में हितग्राही को 100 रूपये व प्रेरक को 100 रूपये की राशि प्रदान की जाती है।     

हिन्दुस्थान संवाद   

खाद्य लाइसेंस/पंजीयन हेतु आवेदन शिविर का आयोजन 30 नवंबर को

सिवनी, 29 नवंबर। म.प्र.आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन भोपाल के अनुसार जिले में संचालित समस्त प्रकार के खाद्य कारोबार जैसे-दूध, फल, सब्जी, चाट विक्रेता हाथ ठेला वाले मटन, मछली विकेता, किराना, होटल खोवा आदि खाद्य पदार्थों के कारोबार करने वाले खाद्य प्रतिष्ठानों के लिए खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अंतर्गत लाइसेंस/पंजीयन लेना अनिवार्य है। खाद्य सुरक्षा प्रशासन सिवनी के अभिहित अधिकारी ने जिले के समस्त खाद्य कारोबार को सूचित किया है कि खाद्य लाइसेंस/पंजीयन के आवेदन आसानी से करने हेतु आपकी सुविधा के लिए नगरपालिका सिवनी के मानस भवन में 30 नवंबर 21 को प्रात: 10:30 से शाम 5.30 बजे तक खाद्य लाइसेंस/पंजीयन हेतु आवेदन शिविर का आयोजन किया गया है। खाद्य कारबारकर्ता आवश्यक दस्तावेजों की छायाप्रतियों एवं निर्धारित शुल्क के साथ शिविर में आवेदन दे सकते हैं। उन्होंने जिले के समस्त खाद्य कारोबारकर्ताओं से अधिक से अधिक संख्य में पहुंचकर खाद्य लाइसेंस/पंजीयन हेतु शिविर का लाभ प्राप्त करने की अपील की है। 

हिन्दुस्थान संवाद

बुजुर्गों की बात देश के साथ कार्यक्रम हुआ आयोजित

सिवनी, 29 नवंबर। जिला कलेक्टर डॉ राहुल हरिदास फटिंग एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सिवनी श्री पार्थ जैसवाल के निर्देशन में विगत 26 नवंबर को बरघाट जनपद के शासकीय उच्च्तर माध्यमिक शाला बोरी कलॉ में सामाजिक न्याय विभाग सिवनी के तत्वाधान में ”बुजुर्गों की बात देश के साथ” कार्यक्रम अंतर्गत आजादी का अमृत महोत्सव मनाया गया ।

  कार्यक्रम में उपस्थित हुऐ वरिष्ठजनों का मंचासीन अतिथिओं द्वारा तिलक व फूलमाला पहनाकर स्वागत किया गया। इस अवसर पर श्री बीरेश सिंह बघेल उपसंचालक सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण विभाग सिवनी द्वारा कार्यक्रम के संबंध में प्रकाश डालते हुये कहा कि अपने बुर्जगों का सम्माकन सदैव करना चाहिएए उनके साथ ज्याधदा से ज्यादा समय बिताना चाहिए ताकि उनके जीवन के अनुभव का आपको लाभ प्राप्ता हो सके। इसके अलावा दिव्यांगों के प्रति भी संवेदना रखते हुए उन्हेंन अपना सहयोग प्रदान करने की बात कही तथा कार्यक्रम में उपस्थित बच्चों  से नशा न करने की ओर दूसरों को भी न करने देने की अपील की।

  कार्यक्रम अन्तर्गत दिव्यांग कलाकारों द्वारा शानदार भजन प्रस्तुति के बाद कलापथक दल के कलाकारों ने नशा मुक्ति पर आधारित लोकगीत की प्रस्तुति की। वरिष्ठजन श्री आदम सिंह पंद्रे व राज्यस्तरीय पुरूस्कार प्राप्त गायिका कु.पल्ल‍वी तिवारी द्वारा द्वारा देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम में ग्रामीण वरिष्ठजन तथा सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारी कर्मचारी, शासकीय उच्चातर माध्यमिक शाला बोरी कलॉ के शिक्षक, शिक्षकाएं, छात्र-छात्राओं की उपस्थित रही।  

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कलेक्टर- कमिश्नर कॉन्फ्रेंस सम्पन्न

सिवनी, 29 नवंबर। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह की चौहान अध्यक्षता में सोमवार 29 नवम्बर को ऑनलाइन वीसी के माध्यम से कलेक्टर- कमिश्नर कॉन्फ्रेंस आयोजित हुई। जिसमें कलेक्टर डॉ राहुल हरिदास फटिंग, पुलिस अधीक्षक श्री कुमार प्रतीक, सीईओ जिला पंचायत श्री पार्थ जैसवाल सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी एनआईसी सिवनी से उक्त वीसी से जुड़े।

   मुख्यमंत्री श्री चौहान ने  प्रदेश में कानून व्यवस्था, माफिया, महिला अपराध नियंत्रण, कोविड टीकाकरण तथा मध्यप्रदेश सिकलसेल मिशन, आवासीय भू-अधिकार योजना, उद्यम क्रांति योजना, पथ विक्रेता स्वनिधि योजना, सीएम राईज योजना के साथ ही साथ राशन आपके ग्राम योजना एवं उर्वरक बकाया स्थिति की समीक्षा कर कमिश्नर, कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों एवं संबंधित अधिकारियों को दिए।  

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विश्व विकलांग दिवस के अवसर पर दिव्यांगजनों के मध्य होगी विभिन्न प्रतियोगितायें

सिवनी, 29 नवंबर। उपसंचालक सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण विभाग द्वारा जानकारी देते हुए बताया कि दिव्यांग व्यक्तियों के सामर्थ्य प्रदर्शन के लिये आगामी 3 दिसंबर 21 विश्व विकलांग दिवस के अवसर पर मिशन स्कूल ग्राऊंड सिवनी में खेलकूद प्रतियोगिताओं एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा।

        उप संचालक सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण सिवनी ने बताया कि कार्यक्रम में प्रात: 10 बजे से अस्थिबाधित दिव्यांगजनों के लिये ट्रायसायकल दौड़ (पैर से दिव्यांग शामिल होंगे), दौड़ 50 मीटर (हाथ से दिव्यांग शामिल होगे), बैशाखी दौड़, सांस्कृतिक कार्यक्रम, ड्राईंग, रंगोली व श्रवणबाधित दिव्यांगजनों के लिये 50 मीटर दौड़, गोला फेंक, सांस्कृतिक कार्यक्रम, ड्राईंग व मानसिकबाधित दिव्यांगजनों के लिये बॉल दा बकेट, कुर्सी दौड़, सांस्कृतिक कार्यक्रम (डांस), ड्राईंग तथा दृष्टिबाधित दिव्यांगजनों के लिये 50 मीटर ब्लाइंड स्टिक दौड़, मटकी फोड़ आदि खेलकूद एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम गायन (एकल), वादन (हारमोनियम, बासूरी, तबला, गिटार), ड्रान्स(ग्रुप) प्रतियोगितायें आयोजित होगी।

        उन्होंने बताया कि सभी प्रतियोगिता बालक-बालिका एवं  वर्षवार ग्रुप में होगा। जिसमें 14 वर्ष से कम जूनियर, 14 से 18 वर्ष सबजूनियर एवं 18 वर्ष से अधिक सीनियर होगा तथा प्रत्येक दिव्यांग अधिकतम 2 प्रतियोगिता में शामिल होंगे। 

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इंजीनियर, डाक्टर, सैनिक, एवं शिक्षक बनना चाहते है विद्यार्थी, आदिवासी विकासखंड में शिक्षा की अलख जगा रही आमगांव शाला

सिवनी, 29 नवंबर। सिवनी। कुरई विकासखंड जो मूलत: आदिवासी क्षेत्र के रूप जाना जाता है लेकिन यहां पर शिक्षा के क्षेत्र में प्रकाश की किरण नजर आ रही है, लॉकडाउन के बाद यहां शासकीय प्राथमिक माध्यमिक शाला आमगांव को एक शाला एक परिसर से जोड दिया गया और वर्तमान में यहां के शिक्षकों के कारण यह शाला अपनी अलग पहचान बना रही है।


यहां पर कक्षा 7वीं की आयुष चंद्रवंशी को 23 का पहाड़ा तथा राजेश्वरी चंदेल को 19 का पहाड़ा कण्ठस्थ याद है, इसी तरह शीतल चंदेल महिमा चंदेल भी अपने कार्यो में निपुण है।


अंग्रेजी एवं हिन्दी भाषा में राइटिंग की सुंदरता देख दुर्गेश्वरी सनोडिया को तो लोगों ने पुरूस्कृत भी किया है, इस शाला में प्रायमरी में 43 तथा माध्यमिक 42 बच्चे है, जो पूर्ण लगन के साथ अध्यापन कार्य करते है, घर में पढ़ाई का वातावरण ना होने के बावजूद प्रधानपाठक घनश्याम ठाकुर द्वारा बच्चों को हिन्दी अंग्रेजी माध्यम से अध्यापन कराते है, सहायक शिक्षक अविनाश पाठक द्वारा शाला में बच्चों को विभिन्न कहानियों के चित्र के माध्यम से प्रेरित करने का प्रयास किया जा रहा है, वही भूगोल के ग्रह नक्षत्र की जानकारी भी दी जा रही है।
इतना ही नही गिनती, पहाड़ा, गणित नापतौल दिन की गणना जैसे अनेक प्रकार के प्रयोग किये जा रहे है न्याज खान ने बताया कि वर्तमान में जिला शिक्षा अधिकारी रविसिंह बघेल एवं जिला शिक्षा केन्द्र प्रभारी गोपालसिंह की प्रेरणा से शाला को उन्नयन का सौभाग्य मिला है।
बच्चों ने बताया कि वह अध्यापन के पश्चात इंजीनियर, डाक्टर, सैनिक, पुलिस एवं शिक्षक बनना चाहते है और यहां पर दी जा रही शिक्षा से हम संतुष्ट है, बच्चों ने बताया कि कोरोना के कारण हम कम खेलने को मिलता है तथा इस बार हम कुछ अच्छा करेगे तथा परीक्षा फल में अच्छे अंक प्राप्त करेंगे, शिक्षक राजू बघेल ने बताया कि शिक्षक समाज का दर्पण है और क्षेत्र के लोगों के प्रयास से कुछ नया करने का हमने लक्ष्य रखा है।


शिक्षक सीमा चौरसिया ने बताया कि इस शाला में प्रवेश के दौरान जो कमजोर थे उन बच्चों को नवाचार के तहत प्रयोग कर उन्हें अन्य विद्यार्थियों की तरह मजबूत करने का प्रयास किया जा रहे है, कुसुम सोनी ने बताया कि बच्चों का शाला के प्रति लगाव के कारण मन में इनके भविष्य को लेकर कुछ करने की भावना है राजकुमार टेभरे ने कहा कि इन बच्चों के प्रोत्साहन के लिए समय समय पर लोगों आते रहे तो इन बच्चों का मनोबल बढ़ेगा। प्रधानपाठक ने कहा कि पहले इस शाला के बच्चों को अन्य शाला में प्रवेश नहीं दिया जाता था लेकिन अब इस शाला के बच्चों को प्रवेश के लिए अन्य शालाएं ललायित रहती है।

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जीवन जीने का दूसरा नाम है संघर्ष करना, दोनों ही एक-दूसरे के पूरक है : श्री रावतपुरा सरकार

सिवनी, 29 नवंबर। सद्गुरू देव भगवान कहते है आप सभी भक्त सप्त दिवसीय सत्संग समारोह में सायंकालीन प्रार्थना में शामिल हुये है। आप सभी भक्तों पर संकट मोचन श्री रावतपुरा सरकार की कृपा है।


संघर्ष शब्द दिखने में छोटा है, परंतु यह जीवन का हिस्सा है या समझ लीजिये संघर्ष का नाम ही जीवन है। मनुष्य हो या पशु-पक्षी रह किसी का जीवन संघर्ष है। संघर्ष जीवन को निखारता है, संवारता व तराशता है, जिसकी प्रशंसा करके जुवान थकती नहीं। संघर्ष जीवन में उतार, चढ़ाव का अनुभव कराता है, अच्छे, बुरे का ज्ञान कराता है, सक्रिय रहना सिखाता है, समय की कीमत का ज्ञान कराता है, हर सफल व्यक्ति की जिंदगी में एक संघर्ष की कहानी जरूर होगी, तो संघर्ष डरे ना, यदि आप संघर्ष कर रहे है तो समझ लीजिये आपकी सफलता दूर नहीं है। जीवन जीने का दूसरा नाम है संघर्ष करना, दोनों ही एक-दूसरे के पूरक है। उक्ताशय के विचार श्री रावतपुरा सरकार ने राधा कृष्ण प्राण प्रतिष्ठा के अस्था मंच द्वारा व्यक्ति किये।
आगे कहा कि हर व्यक्ति को जीवन में संघर्ष करना ही पड़ता है, चाहे वह व्यक्ति अमीर हो या गरीब, छोटा हो या बड़ा हो। संसार रूपी सागर की ऊंची उफनती हलरे को जिसने चुनौती देना सीख लिया, सफलता का अनुपम मणी भी उसी व्यक्ति के पास आती है, जो व्यक्ति संघर्ष से बचकर चलता है वह व्यक्ति कभी अपने लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर पता। जन्म लेते ही व्यक्ति का संघर्ष शुरू हो जाता है। शिशु को भोजन और सुरक्षा का संघर्ष सहना ही पड़ता है, वास्तव में संघर्षों को झलने और पार करने पर ही व्यक्ति में व्यक्तित्व का निर्माण होता है। जीवन में आने वाले हर संघर्ष और चुनौती का सामना करना ही व्यक्ति का कर्तव्य है।


सद्गुरू देव भगवान कहते है व्यक्ति को याद रखना चाहिये, अच्छे दिनों के लिये बुरे दिनों के संघर्ष से गुजरना ही पड़ता है, कभी संघर्ष को ऐसे पकड़ के देखियें, हर्ष के पीछे प्रसन्नता जुड़ी है, वो कभी दुख का कारण बन ही नहीं सकता, जहां शामि है, वहां परमात्मा है, जिस प्रकार हम वायु को देख नहीं सकते, उसकी अनुभूति हमें होती रहती है, उसी प्रकार जब हमारे ह्दय में शांति आसीन होती है, तो अभास होने लगता है, परमपिता परमात्मा हमारे ह्दय में आसीन है, यदि हमारे पैर में कांटा चुभ जाये, फिर हम सोंचे की सारे दुनिाया के कांटों को जलाकर राख कर दूं तो क्या हमारे पैर का कांटा निकल जायेगा, कभी नहीं निकलेगा। हमें स्वयं को कष्ट देकर ही कांटा निकालने पर ही हमें शांति मिलेगी। इसी प्रकार जीवन में संघर्ष से डरें नहीं, हमें अपने मन में अंतस में परिवर्तन करना होगा, तभी हम जीवन का संग्राम जीत पायेंगे, संघर्ष करते रहिये।
सूर्य मंदिर आने का दिया निमंत्रण
विगत दिवस भंडारपुर पधारे रावतपुरा सरकार से शनिधाम ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने मुलाकात कर दर्शन लाभ लिया, इस दौरान रावतपुरा सरकार से ट्रस्ट के संतोष अग्रवाल, कमल अग्रवाल, प्रहलाद पटेल, मुनिया टांक व चंदू बघेल ने टैगोर वार्ड में स्थित सूर्य मंदिर पधारकर भक्तों को दर्शन लाभ देने का अनुरोध किया।
पादुका पूजन कर लिया धर्मलाभ
आस्था मंच पर विराजमान श्री रावतपुरा सरकार का प्रदेश कांग्रेस कमेटी सचिव राजा बघेल, आशा सनोडिया, पदम सनोडिया, ओमप्रकाश सनोडिया, महेश पटेल, परसराम पटेल, गोपाल सनोडिया, गंगू पटेल, दिनेश सनोडिया सहित अन्य भक्तजनों ने पादुका पूजन कर आशीर्वाद ग्रहण किया।

हिन्दुस्थान संवाद

म.प्र.: त्यौहार रहे सूने , श्रमिकों को नही मिला लंबे समय से परिश्रमिक


सिवनी, 29 नवंबर। जिले के वन विभाग में बीते तीन माहों से अधिक लंबे समय से वन विभाग के द्वारा विभिन्न योजनाओं द्वारा संचालित कार्य, निर्माण कार्य, वृक्षारोपण, एस.सी.आई.कूप नं6 द्वारा किये जा रहे कार्य, वृक्षारोपण व अन्य कार्यो से संबंधित श्रमिकों के भुगतान बंद फाइलों में धूल खा रही है जिससे दिन रात मेहनत करने वाले जमीनी सतह के श्रामिक जो जिले के वन विभाग को प्रदेश में विशेष स्थान दिलाकर त्यौहारों में भी परिश्रमिक के लिए मोहताज है। वहीं सूत्रों की माने तों प्रदेश में जिले की प्रोगोसिव 20 से 22 प्रतिशत है। जिसके लिए 181 में शिकायत, परिक्षेत्र कार्यालय के चक्कर काटकर वहां से मिली सांत्वना से हारे थके इस आस से घर से वापस आ जाते है कि आज नही कल उनको उनके द्वारा किये गये परिश्रम का परिश्रमिक मिल जायेगा लेकिन वरिष्ठों के कारण रिजल्ट शून्य का शून्य है।


विभागीय सूत्रों के अनुसार जिले के वन विभाग के वनमंडलो के अंतर्गत आने वाले परिक्षेत्रों में लंबे समय से श्रमिकों का भुगतान नही हो पाया है जिसकी शिकायत श्रमिकों द्वारा 181, संबंधित परिक्षेत्र कार्यालय में की है। लेकिन इन शिकायतों पर परिक्षेत्र के मुखिया की सांत्वना मिलने के बाद श्रमिकों का भुगतान वरिष्ठ कार्यालय से द्वारा नही किया जा रहा है। लंबे समय से रूके हुये भुगतान को लेकर श्रमिक भी वरिष्ठ अधिकारियों के पास इसलिए नही जा रहे है कि क्योंकि वरिष्ठों द्वारा अपनी अधीनस्थ अमले को साफ निर्देश दिये गये है कि इससे संबंधित कोई भी शिकायत उनके पास आई तो उन पर कार्यवाही की जायेगी। जिसके कारण श्रमिक सिर्फ सांत्वना की आस पर भुगतान की राह देख रहे है।

फोटो फाइल


विभागीय सूत्रों के अनुसार बीते माह इन समस्याओं को लेकर जिले के वन विभाग के मुखिया को इन समस्याओं से अवगत कराया गया था लेकिन अवगत कराने के बावजूद मुखिया द्वारा इसे संज्ञान में न लेते हुए ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।


विभागीय सूत्रों के अनुसार वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी द्वारा परिक्षेत्र अधिकारियों के साथ अभ्रदता की जाती है। निजी जिंदगी से संबंधित टीका टिप्पणी की जाती है। जिससे प्रताडित परिक्षेत्र अधिकारी न तो शिकायत कर पा रहे है ना ही अपनी व्यथा वरिष्ठ अधिकारियों को बता पा रहे है। क्योंकि अगर वह शिकायत करते है तो उनके विरूद्ध, निलंबन, विभागीय जांच, आरोप -प्रत्यारोप व अन्य सिविल सेवा अधिनियम का उल्लंघन करने संबंधित सूचना पत्र मिलने का डर है। सीआर खराब होने का डर समाया हुआ है। जिससे वह अपने को लाचार और नौकरी छोडने का भी मन बना चुके है।


विभागीय सूत्रों के अनुसार वहीं जिले के वरिष्ठ अधिकारी द्वारा एक डिप्टी रेंजर को दो परिक्षेत्रों में रंेजर सहित पांच-पांच प्रभार देने की चर्चाएं सुर्खियों में है।

वन विभाग के मुखिया को यह जानकारी भी है कि कहा-क्या हो रहा है और कितने श्रमिकों का भुगतान कब से और क्यों रूका है लेकिन वह अपने विभागीय अधिकारियों का पक्ष रखते हुए खबरें गलत होने का हवाला दे रहे है।

इनका कहना है
भुगतान की आस में बैठे श्रमिको का कहना है कि उन्हें वन विभाग से रोजगार मिलता है वह कई वर्षो से वन विभाग के प्रति समर्पित भाव से काम कर रहे है लेकिन कोरोना काल और बढती मंहगाई के समय यह पहली बार हुआ है कि लंबे समय से हमे भुगतान नही मिला है। हम शिकायत भी नही कर पा रहे है क्योंकि बीते वर्षो में संबंधित अधिकारियों द्वारा समय पर भुगतान कर दिया गया है और आज भी वह अधिकारी हमें सात्ंवना दे रहे है कि आज कल में भुगतान हो जायेगा आप शिकायत न करें।
वन विभाग के पीडित श्रमिक


यह जानकारी संज्ञान में आई है दिखवाते हैं।
श्री अशोक बर्नवाल
प्रमुख सचिव
मध्यप्रदेश वन विभाग

श्रमिकों का भुगतान शेष नही है यह जानकारी गलत है, वहीं एक डिप्टी रेंजर को पांच प्रभार देने के मामले में कहा गया कि कुछ समय के लिए दिया गया है।


श्री अशोक कुमार मिश्रा
मुख्य वनसंरक्षक एवं वन वृत सिवनी , क्षेत्र संचालक पेंच टाईगर रिजर्व सिवनी


हिन्दुस्थान संवाद