सिवनी, 25 मई। जिले की डूंडासिवनी पुलिस ने बीते 20 मई 21 को थाना क्षेत्र अंतर्गत मिले जले हुये चेहरे वाले अज्ञात व्यक्ति के शव की पहचान कर ली है और इस अंधे हत्याकांड को अंजाम देने वाले दो आरोपित को पुलिस ने गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष मंगलवार को पेश किया है। जिसका खुलासा सिवनी पुलिस ने मंगलवार की देर शाम को किया है।


सिवनी पुलिस के मीडिया अधिकारी आशिष खोब्रागडे ने मंगलवार की देर शाम को जानकारी दी कि थाना डूंडासिवनी अंतर्गत आने वाले बागदेव बंजारी के नाले के पास 20 मई 21 को एक अज्ञात व्यक्ति का चेहरा जला हुआ शव पडा है की सूचना मिलने पर डूंडासिवनी पुलिस मौके पर पहुंची और शव की तस्दीक कर अज्ञात आरोपी के विरूद्ध भादवि की धारा 302, 201 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
आगे बताया कि थाना प्रभारी डूंडासिवनी देवकरण डहेरिया द्वारा एक टीम गठित कर अज्ञात आरोपी की पतासाजी हेतु प्रयास प्रारंभ किये गये। पुलिस टीम द्वारा विवेचना के दौरान आस-पास के इलाकों में पूछताछ कर गायब लोगों की जानकारी एकत्र की गई जिससे पता चला कि उक्त शव रामचरण पुत्र अमरलाल कुंजाम निवासी चुनाभट्टी का है। विवेचना टीम द्वारा परिस्थितियजन्य साक्ष्यों एवं मुखबिर सूचना के आधार पर संदेही मृतक की पत्नि श्यामा बाई एवं देवीदास वैष्णव को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान संदेहियों द्वारा बताया गया कि वे मृतक की पत्नि व देवीदास साथ में मजदूरी करते है तथा उन दोनों ने साथ में योजना बनाकर दिनांक 19 मई 21 को बागदेव बंजारी मंदिर के पास नाले में ले जाकर रामचरण कुंजाम की गला घोटकर हत्या कर दी व उसके पहचान छिपाने के लिए उसके चेहरे को जला दिया।


मीडिया अधिकारी ने बताया कि मृतक की पत्नि व देवीलाल वैष्णव के बयानों के आधार पर दोनों आरोपितों क्रमशः देवीदास पुत्र अयोध्या दास वैष्णव निवासी छिड़ियापलारी डूंडासिवनी, मृतक की पत्नि श्यामा बाई कुंजाम निवासी चूनाभट्टी डूंडासिवनी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष मंगलवार को पेश किया गया। जहां से माननीय न्यायालय के आदेश उपरांत उन्हें जेल भेज दिया गया है।


हिन्दुस्थान संवाद