सिवनी,25 दिसंबर। कोरोना से हुई मृत लोगो के परिजनों को सरकार मुआवजा देने से केन्द्र और राज्य सरकारे बच रही कोरोना महामारी एक आपदा थी, आपदा में मृत परिवार के लोगो को राहत राशि देना सरकार की जिम्मेदारी है केन्द्र सरकार ने 4 लाख रू. एवं राज्य सरकार ने 1 लाख रू. बच्चो को 5 हजार रू. मासिक पेंशन, निःशुल्क राशन एवं शिक्षा देने की घोषणा से मुकर गई। उक्त आरोप जिला कांग्रेस के प्रवक्ता राजिक अकील ने शनिवार को जारी बयान में लगाये है।

उन्होनें कहा कि सुप्रीम कोर्ट को आदेश देना पड़ा कि कोरोना से मृत के परिजन को 50 हजार रू. का मुआवजा दिया जाये, यह मुआवजा राज्यों की अनुग्रह राशि देने की अन्य योजना से अलग होगा, ये मुआवजा भविष्य में कोरोना से मृत्यु होने पर लागू होगा, इसका भुगतान राज्य आपदा राहत कोष से होगा। प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से दस्तावेज देने के 30 दिनों के भीतर सभी दावो का निपटारा किया जायेगा, कोर्ट के आदेश के बाद कोरोना से मृत लोगो के परिजनों को राहत राशि प्रदान करने के लिये कलेक्टर कार्यालय में आवेदन जमा कराये जा रहे है। आवेदन जमा कर्ता लिपिक द्वारा मृतक की कोरोना पाजिटिव रिर्पाेट मांगी जा रही है, जिस तरह सरकार आंकडे छिपा रही है कोरोना से मृत लोगो के परिजन कहा से पाजिटिव पेश करेगे, अस्पताल द्वारा उन्हें दी ही नही गयी है।
सरकार द्वारा कोरोना से मृत परिवार को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी मुआवजा राशि देने की मंशा नही है, जिसका एक उदाहरण अभी सामने आया है बरघाट के विधायक अर्जुनसिंह काकोडिया द्वारा विधान सभा में जानकारी मांगी गयी थी कि बरघाट विधानसभा क्षेत्र में कोरोना से कितने लोगो की मृत्यु हुई है। विधान सभा में जो जानकारी दी गयी उसमें 2 लोगो को कोरोना से मृत बताया गया है, इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि सरकार किस तरह कोरोना महामारी से मृत लोगो के वास्तविक आंकडे छिपा रही है। कोरोना प्रोटोकाल के तहत जिला प्रशासन की देख रेख में सैकड़ो लोगो का अंतिम संस्कार किया गया है, अनेक लोग ऐसे थे जिन्हे जिला चिकित्सालय और निजी अस्पतालों में जगह न मिलने से घरो में उनकी मौत हो गयी। सिवनी जिले में सिर्फ अप्रेल माह में ऑनरिकार्ड लगभग 2 हजार मृत्य ु प्रमाण पत्र जारी किये गये है। बहुत से ऐसे लोग थे जिनकी कोरोना से मौत हुई वह मृत्यु प्रमाण पत्र नही बना सके, केन्द्र और राज्य में बैठी भाजपा सरकारे देश में जीवित लोगो के साथ अन्याय कर रही है, मृत लोगो के साथ भी बेईमानी कर रही है। उन परिवारों की आर्थिक स्थिति पर सरकार को बिलकुल भी तरस नही आ रहा है जिन्होंने कोरोना महामारी के समय सबकुछ खो दिया, भाजपा सरकार के पास उद्योगपतियों के लाखो करोड़ो लोन देने के लिये, झूठा प्रचार प्रसार के लिये, चुनावी रैली करने के लिये पैसे की कमी नही है किन्तु देश में जरूरत मंदो को देने के लिये पैसा नही है। भाजपा सरकार की लापरवाही से देश में कोरोना से इतनी अधिक मौत हुई उसके बाद भी कोरोना से मृत लोगो के वास्तविक आंकडे छिपाकर देश की जनता के साथ धोखा कर रही है।
हिन्दुस्थान संवाद

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